वेब होस्टिंग क्‍या हैं उपयोग, प्रकार, होस्टिंग कहॉं से खरीदें

वेब होस्टिंग क्‍या हैं Web hosting kya hai अक्सर नए ब्लॉगर या पुराने ब्लॉगर Web hosting को लेकर के बहुत कन्फ्यूजन में रहते हैं उनके मन में तरह-तरह के सवाल आता है जैसे Web hosting क्या है Web hosting कहां से खरीदना चाहिए कौन सा सबसे बेहतर Web hosting है

Web hosting कितने प्रकार का होता है Web hosting खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए किस Web hosting पर कितना ट्रैफिक हैंडल किया जा सकता है।

यदि एक ही समय में वेबसाइट पर एक साथ एक लाख ट्रैफिक आता है तो उसको हैंडल करने के लिए किस तरह का होस्टिंग उपयोग करना चाहिए। शेयर्ड होस्टिंग पर कितना ट्रैफिक हैंडल कर सकते हैं

क्लाउड होस्टिंग पर कितना ट्रैफिक हैंडल कर सकते हैं डेडीकेटेड होस्टिंग पर कितना ट्रैफिक हैंडल कर सकते हैं बीपीएस होस्टिंग पर कितना ट्रैफिक हैंडल कर सकते हैं।

इस तरह का सवाल हम सभी के मन में जरूर आता होगा. तो आइये इस लेख में हम लोग Web hosting in hindi के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं. डोमिन क्‍या है

Table of Contents

Web hosting kya hai वेब होस्टिंग क्‍या हैं

Web hosting एक ऐसा जगह होता है जहां पर ऑनलाइन सारे डाटा को स्टोर करके रखा जाता है। जैसे घर में कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है उसी तरह से किसी भी कंप्यूटर को Web hosting के लिए उपयोग किया जाता है।

लेकिन वैसे कंप्यूटर जिस पर आप Web hosting के लिए उपयोग करना चाहते हैं उसको 24 * 7 घंटे चालू रखना पड़ता है।

उसमें इंटरनेट कनेक्टिविटी भी 24 * 7 घंटे रखना पड़ता है जिस कंप्यूटर पर Web hosting का उपयोग किया जाता है उस कंप्यूटर पर हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा होना चाहिए।

क्योंकि जिस वेबसाइट का डाटा होस्टिंग पर रखा जाता है वहां से डाटा जब कोई यूजर एक्सेस करता है तो उस समय उस Web hosting सर्वर पर हाई स्पीड इंटरनेट होना जरूरी है।

Web hosting kya hai

बहुत ही आसान भाषा में हम लोग समझे तो Web hosting एक प्रकार का जगह होता हैं. जहां पर हम लोग अपने वेबसाइट के डाटा फाइल इमेज को स्टोर करते हैं.

और जब कभी भी किसी यूजर के द्वारा इंटरनेट पर वेबसाइट पर जाकर के किसी भी इंफॉर्मेशन को सर्च किया जाता हैं.

तो Web hosting के द्वारा उस डाटा को फिर से क्लाइंट्स यूजर के पास भेजा जाता हैं. आसान भाषा में हम लोग  उदाहरण से समझते हैं. जैसे हम लोग एक मकान बनाते हैं. और उसमें हम लोगों का अपना सामान घर का जितना भी होता हैं.

वहां पर रख देते हैं. अब जब किसी व्यक्ति को किसी सामान की आवश्यकता होती हैं. तो हम लोगों के पास संदेश भेजता हैं, कि आपके घर से मुझे यह सामान चाहिए. फिर हम लोग अपने घर से उस सामान को उस व्यक्ति के पास भेज देते हैं

Web Hosting

उसी तरह से जब कोई व्यक्ति वेबसाइट को सर्च करके. और किसी भी इंफॉर्मेशन को वहां पर पाना चाहता हैं. तो जब वह क्लिक करता हैं, तो रिक्वेस्ट Web hosting सर्वर के पास जाता हैं.

और वहां से डाटा यूजर के कंप्यूटर पर दिखने लगता हैं. इसी को हम लोग Web hosting कहते हैं. वेबसाइट के जितने भी डाटा होते हैं. उस डाटा को रखने के लिए web hosting लेना जरूरी है.

होस्टिंग का मतलब होता है मेजबानी करना जब कोई भी व्यक्ति अपने घर पर या कहीं पर भी लोगों का स्वागत करता है तो उसको मेजबान कहा जाता है अंग्रेजी में उसको होस्ट कहा जाता है.

होस्ट शब्‍द से होस्टिंग बना है इंटरनेट की दुनिया में होस्टिंग Web hosting का मतलब होता है कि जो भी वेबसाइट बनाया जाता है,

उसका जो भी डाटा होता है जैसे की टैक्स, इमेज बीडीओ फोटोज इन सभी को रखने के लिए जो जगह होता है, उसी जगह को Web hosting के नाम से जाना जाता है. डोमिन क्‍या है 

Web Hosting कितने प्रकार के होते हैं

  • Shared Hosting
  • VPS hosting
  • Dedicated hosting
  • Cloud hosting

1. शेयर्ड होस्टिंग

शेयर्ड होस्टिंग एक बहुत ही साधारण लेवल का होस्टिंग होता है जिसमें एक ही Web hosting पर कई सारे वेबसाइट को host किया जाता है।

एक उदाहरण से समझते हैं

जैसे आपके पास एक कंप्यूटर है उस कंप्यूटर पर 100 लोगों को आप कंप्यूटर सिखाने के लिए समय देते हैं या उससे अधिक लोगों को भी आप एक ही कंप्यूटर पर कंप्यूटर सीखने के लिए समय दे सकते हैं और उसमें किसको कितना समय मिलेगा इसका कोई गारंटी नहीं है,

हो सकता है किसी को 1 मिनट मिले किसी को 5 मिनट मिले या फिर किसी दिन उन 100 लोगों में से 5 ही लोग आए हैं तो पॉंच लोगो को पूरा समय मिल जाएगा।

ठीक इसी प्रकार शेयर्ड होस्टिंग भी काम करता है। जैसे शेयर्ड होस्टिंग में एक ही कंप्यूटर पर कई सारे वेबसाइट्स को होस्ट किया जाता है। जिसके लिए किसी प्रकार का कोई फिक्स सिस्टम कंफीग्रेशन नहीं दिया जाता है। शेयर्ड होस्टिंग में कई सारे वेबसाइट का डाटा स्टोर करके रखा जाता है।

Web hosting कंपनियों के द्वारा शेयर्ड होस्टिंग का 3 प्लान दिया जाता है उन 3 प्लान में कुछ अलग अलग कंफीग्रेशन के हिसाब से आपके वेबसाइट के लिए अलग-अलग सुविधाएं भी दिया जाता है।

जब आप Web hosting खरीदें उस समय शेयर्ड होस्टिंग में आप इन चीजों को जरूर ध्यान में रखें कि 1 महीने में आपके वेबसाइट पर कितने लोगों को उस Web hosting के द्वारा हैंडल किया जा सकता है।

  • शेयर्ड होस्टिंग का सबसे जो बेसिक प्लान है उसमें 10000 विजिटर को महीने में हैंडल किया जा सकता है
  • शेयर्ड होस्टिंग का प्रीमियम प्लान में 1 महीने के अंदर 25000 यूजर को हैंडल किया जा सकता है
  • शेयर्ड होस्टिंग के बिजनेस प्रीमियम प्लान में 1 महीने के अंदर 100000 तक यूजर को हैंडल किया जा सकता है।

यदि आपके वेबसाइट पर इससे ज्यादा यूजर्स आते हैं तो आप शेयर्ड होस्टिंग का कभी भी उपयोग न करें। वर्डप्रेस क्‍या है

शेयर्ड होस्टिंग के फायदे

यह सबसे सस्ता होस्टिंग होता है एक नए वेबसाइट ओनर के लिए बहुत ही कम दाम में यह होस्टिंग प्रदान किया जाता है। यदि आप एक नए ब्लॉगर हैं तो आप शुरुआत में शेयर्ड होस्टिंग का प्रीमियम प्लान ले सकते हैं। जिस पर महीने का 25000 विजिटर विजिट कर सकते हैं।

शेयर्ड होस्टिंग का नुकसान

इसमें एक ही कंप्यूटर पर एक ही जगह पर आपके सारे डेटा स्टोर रहते हैं। जिसके कारण कभी भी उस कंप्यूटर में कोई दिक्कत आता है तो फिर आपका वेबसाइट पूरी तरह से डाउन हो सकता है तथा एक ही Web hosting कंप्यूटर में बहुत सारे वेबसाइट के डाटा रहने के कारण इसका सिक्योरिटी बहुत ज्यादा बेहतर नहीं होता है। 

इसका सर्वर लोकेशन एक ही जगह पर होता है। यदि अचानक आपके वेबसाइट पर एक ही समय में अधिक लोग विजिट करते हैं तो आपका वेबसाइट डाउन भी हो सकता है या crash भी हो सकता है।

2. वीपीएस होस्टिंग(VPS Hosting)

शेयर्ड होस्टिंग के तुलना में वीपीएस होस्टिंग बेहतर होता है क्योंकि इसमें एक ही Web hosting सर्वर पर किसी भी एक वेबसाइट के लिए separate स्पेस दिया जाता है। 

जिसमें उस वेबसाइट को एक निश्चित भाग्य दिया जाता है। जिसमें उसका सारा डाटा स्टोर रहता हैं या उसका पूरा सिस्टम कंफीग्रेशन उस वेबसाइट के लिए ही काम करता हैं।

यहॉं एक उदाहरण है

जैसे एक कंप्यूटर में 500 जीबी का स्टोरेज है अब उस स्टोरेज को अलग-अलग भाग में बांट दिया जाता है जैसे सी ड्राइव, डी ड्राइव, ई ड्राइव इस तरह से कई पार्टीशन बनाकर स्टोरेज को डिवाइड कर दिया जाता है।

ठीक इसी प्रकार एक ही Web hosting कंप्यूटर में अलग-अलग पार्टीशन बनाकर एक फिक्स स्टोरेज बना दिया जाता है जिसमें अलग-अलग वेबसाइट का डाटा स्टोर होता है। 

यदि आप अपने वेबसाइट के लिए वीपीएस होस्टिंग का उपयोग करते हैं तो इसमें आपको एक फिक्स सिस्टम कंफीग्रेशन के साथ फिक्स स्टोरेज के साथ-साथ एक ही Web hosting सर्वर पर फिक्स place दिया जाता है। 

शेयर्ड होस्टिंग में आपके वेबसाइट के लिए कोई निश्चित स्‍पेस नहीं दिया जाता है। जबकि वीपीएस होस्टिंग में आपके लिए एक फिक्स स्पेस दिया जाता है।वर्डप्रेस क्‍या है

वीपीएस होस्टिंग के फायदे

आपके वेबसाइट के लिए एक निश्चित स्पेस Web hosting के द्वारा दिया जाता है। यदि आप अपने वेबसाइट के विजिटर के हिसाब से वीपीएस होस्टिंग की सर्विसेस का चयन करते हैं तो आपका वेबसाइट्स सस्ते दाम के होस्टिंग पर बेहतर काम कर सकता है 

शेयर्ड होस्टिंग की तुलना में भी वीपीएस होस्टिंग थोड़ा महंगा होता है लेकिन cloud होस्टिंग के तुलना में यह बहुत सस्ता होता है। वैसे भी वीपीएस होस्टिंग का उपयोग एक बड़े वेबसाइट के लिए बेहतर नहीं है।

वीपीएस होस्टिंग का नुकसान

वीपीएस होस्टिंग में भी एक ही जगह पर एक Web hosting सर्वर होता है जिसमें एक ही कंप्यूटर पर अलग-अलग पार्टीशन बनाकर Web hosting दिया जाता है जिससे यदि कभी उस web-server में कोई खामियां आ जाती है तो आपका वेबसाइट डाउन हो सकता है क्योंकि उसके लिए कोई बैकअप उपलब्ध नहीं रहता है।

3. डेडीकेटेड होस्टिंग

यह बहुत ही बेहतरीन महंगा होस्टिंग होता है डेडिकेटेड होस्टिंग का उपयोग बड़े-बड़े वेबसाइट या ऑर्गनाइजेशन के लिए किया जाता है। वैसे वेबसाइट जिसका पूरा इंफॉर्मेशन एक स्पेशल सर्वर पर होता है।

डेडीकेटेड होस्टिंग का मतलब होता है एक ऐसा होस्टिंग सर्वर जो केवल एक ही वेबसाइट के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है उस सर्वर पर किसी दूसरे वेबसाइट का डाटा स्टोर नहीं किया जाता है। 

जैसे कोई एक बैंक है उदाहरण के लिए स्टेट बैंक का अपना एक डेडीकेटेड सर्वर होता है जिसका पूरा डाटा एक सर्वर पर स्टोर रहता है।

डेडिकेटेड होस्टिंग का उपयोग करने के लिए एक पूरी टेक्निकल की टीम होती है क्योंकि इसको हैंडल करने के लिए एक प्रोफेशनल टेक्निकल एक्सपर्ट की आवश्यकता होती है तथा यह बहुत ही महंगा होता है। 

इसके रखरखाव के लिए बहुत चीजों की आवश्यकता होती है। बड़ी-बड़ी वेबसाइटों के लिए कई जगहों पर अलग-अलग डेडीकेटेड होस्टिंग बनाकर रखा जाता है। जिससे उनका वेबसाइट कभी भी डाउन नही होता हैं।

उसमें किसी भी प्रकार की कोई सिक्योरिटी से रिलेटेड समस्या नही होता हैं। डेडीकेटेड होस्टिंग बहुत ही सिक्योर एवं सुरक्षित होस्टिंग होता है। ऑफ पेज SEO कैसे करें

डेडीकेटेड होस्टिंग के फायदे

बहुत ही सिक्योर और सुरक्षित होता है। डेडीकेटेड होस्टिंग उपयोग करने वाले वेबसाइट के डाटा को हैक करना बहुत ही मुश्किल है। इसका सर्वर कभी भी डाउन नहीं होता है कभी-कभी ऐसा होता है कि इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण सर्वर डाउन हो जाता है

लेकिन इसके Server में किसी प्रकार की कोई डाउन की संभावना नहीं होती है। डेडिकेटेड होस्टिंग सबसे बेहतर होस्टिंग है।

डेडिकेटेड होस्टिंग के नुकसान

यह बहुत ही खर्चीला महंगा होस्टिंग होता है। जिसका रखरखाव भी एक साधारण काम नहीं है। इसमें कई तरह के टेक्निकल टीम की जरूरत होती है। जिसके द्वारा नियमित रूप से इसका रखरखाव एवं ऑपरेशन करना पड़ता है।

4. क्लाउड होस्टिंग

वर्तमान समय में यह एक बहुत ही बेहतर होस्टिंग सर्विस है। क्लाउड होस्टिंग का मतलब क्या होता है। इसमें किसी एक वेबसाइट का डाटा अलग-अलग लोकेशन के सर्वर पर स्टोर रहता है।

क्लाउड होस्टिंग में वेबसाइट के लिए एक कंप्यूटर पर फिक्स सिस्टम कंफीग्रेशन दिया जाता है। जिसमें उस वेबसाइट के लिए प्रोसेसर रैम स्टोरेज की क्षमता फिक्स होती है। 

जिससे वेबसाइट बेहतर तरीके से काम करता है। क्लाउड होस्टिंग में सबसे अच्छा सुविधा यह है कि आपके वेबसाइट का डाटा कई अलग-अलग लोकेशन के सर्वर पर स्टोर होता है। 

जिससे यदि किसी एक सर्वर का डाटा किसी कारण बस काम नही करता हैं तो दूसरे server से बैकअप मिल जाता है जिससे आपका वेबसाइट कभी भी डाउन नहीं होता है इसमें आप अपने वेबसाइट के लिए सर्वर लोकेशन का चयन कर सकते हैं 

यदि आपका वेबसाइट किसी एक ही कंट्री में काम करता है तो आप उस कंट्री का सर्वर लोकेशन set कर सकते हैैं। जिससे आपके वेबसाइट का स्पीड बेहतर काम करता है। यदि आपका कंट्री भारत है

और भारत में आपका वेबसाइट बहुत ज्यादा सक्रिय है और आपका सर्वर लोकेशन किसी दूसरे कंट्री में है तो वहां से डाटा access होकर इंडिया में आने में समय लगता है जिससे आपके वेबसाइट का स्‍पीड कम हो जाता है। 

जितनी भी बड़ी-बड़ी वेबसाइट हैं उन वेबसाइटों के लिए भी क्लाउड होस्टिंग का उपयोग किया जाता है। शेयर्ड होस्टिंग, वीपीएस होस्टिंग के तुलना में क्लाउड होस्टिंग महंगा होता है।

क्योंकि इसमें एक वेबसाइट के लिए एक फिक्स Web hosting सर्वर होता है जिसका सिस्टम कंफीग्रेशन अपने हिसाब से चयन कर सकते हैं। 

क्लाउड होस्टिंग के बेसिक प्लान कम से कम $10 महीने से स्टार्ट होते हैं इसमें आपको सिंगल कोर सीपीयू 2GB रैम 25 जीबी एसएसडी स्टोरेज मिल जाता है। जोकि महीने का एक लाख ट्रैफिक हैंडल करता है।

क्लाउड होस्टिंग का सबसे बड़ा खासियत यह है कि यह कभी भी आपके वेबसाइट को डाउन नहीं होने देता है। क्योंकि आपका डाटा मल्टीपल server लोकेशन पर स्टोर होता है.

इसमें सबसे ज्यादा फायदा यह है कि वेबसाइट का स्पीड बहुत ही ज्यादा तेज काम करता है तथा सिक्योरिटी बहुत ही बेहतर रहता है। 

क्लाउड होस्टिंग में तीन तरह का प्लान अधिकतर अलग-अलग कंपनियों के द्वारा दिया जाता है। जिसमें बेसिक प्लान होता है, प्रीमियम प्लान होता है और बिजनेस प्लान होता है।

यदि आप एक ब्लॉगर हैं और आपका ट्रैफिक 1 महीने में एक लाख से ऊपर है तो क्लाउड होस्टिंग का उपयोग करें। इससे आपका वेबसाइट कभी भी डाउन नहीं होगा और वेबसाइट के लिए बेहतर सिक्योरिटी मिलेगा।

क्लाउड होस्टिंग का बेसिक प्लान ले सकते हैं। जब आपके वेबसाइट पर 100000 से भी अधिक यूजर आ रहे हैं तो इसका प्रीमियम प्लान ले सकते हैं। इस वेबसाइट के लिए भी क्लाउड होस्टिंग का ही उपयोग किया जाता है। ऑफ पेज SEO कैसे करें

क्लाउड होस्टिंग के फायदे

वेबसाइट का डाटा अलग-अलग सर्वर लोकेशन पर स्टोर रहते हैं जिससे वेबसाइट कभी भी डाउन नहीं होता हैं।

क्लाउड होस्टिंग में आपके वेबसाइट के लिए एक फिक्स सिस्टम कंफीग्रेशन Web hosting का उपयोग किया जाता है।

वेबसाइट के लिए बेहतर सिक्योरिटी दिया जाता है

इसमें वेबसाइट का डेली बैकअप भी मिलता है।

क्लाउड होस्टिंग के नुकसान

यह बहुत महंगा होस्टिंग होता है शेयर्ड होस्टिंग वीपीएस होस्टिंग की तुलना में इसका दाम बहुत ज्यादा है।

क्लाउड होस्टिंग उपयोग करने के लिए कुछ ऐसी कंपनी है जोकि आप को managed होस्टिंग नहीं देती है जिसके कारण यदि क्लाउड होस्टिंग खरीदते हैं तो आपको टेक्निकल नॉलेज होना जरूरी है तभी उसको अपने हिसाब से मैनेज कर पाएंगे।

कुछ ऐसे भी होस्टिंग कंपनियां हैं जो कि क्लाउड होस्टिंग को भी मैनेज करके देती है। जिसमें आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं होता है। इसलिए जब क्लाउड होस्टिंग खरीदें

उस समय इन बातों का ध्यान रखें कि उस कंपनी के द्वारा आपको होस्टिंग मैनेज करके दिया जाएगा या स्वयं उस क्लाउड होस्टिंग को मैनेज करना पड़ेगा।

कुछ और होस्टिंग के प्रकार

वर्डप्रेस होस्टिंग

यह होस्टिंग केवल उनके लिए हैं जो अपना वेबसाइट वर्डप्रेस पर ही बनाए हुए हैं। वर्डप्रेस होस्टिंग में कुछ लिमिटेशन है जैसे इस होस्टिंग का उपयोग केवल वर्डप्रेस पर ही किया जा सकता है।

इसके अलावा आप किसी अन्य प्लेटफार्म पर इस होस्टिंग का उपयोग नहीं कर सकते हैं। वैसे लोग जो अपना वेबसाइट वर्डप्रेस पर बनाए हैं वही इस होस्टिंग का उपयोग कर सकते हैं।

रीसेलर होस्टिंग

यह एक ऐसा होस्टिंग होता है जो कि रीसेल किया जाता है जैसे कोई व्यक्ति होस्टिंग खरीद लेता है और उसको डिवाइड करके अलग-अलग पार्ट बनाकर अपने ही होस्टिंग में से उसको सेल करता है।

रीसेलर होस्टिंग का मतलब यदि आपको टेक्निकल जानकारी है और आप किसी कंपनी से होस्टिंग खरीदते हैं उसके बाद उसी होस्टिंग को आप अलग-अलग वेबसाइट के लिए सेल करते हैं इसी को रीसेलर होस्टिंग कहते हैं।

नोट 

होस्टिंग समझने के लिए सबसे जरूरी है कि आप इसके जो बेसिक पॉइंट है उसको समझे। जैसे इस लेख में ऊपर बताया गया है कि एक कंप्यूटर को इंटरनेट से जोड़ करके Web hosting के लिए उपयोग किया जा सकता है। अब सीधा मतलब है कि आपके कंप्यूटर का कितना सिस्टम बेहतर है 

उसी के हिसाब से वह डाटा स्टोर कर सकता है। तेजी से किसी भी काम को कर सकता है। ठीक उसी प्रकार यदि उस कंप्यूटर को आप होस्टिंग के रूप में इस्तेमाल करते हैं तो जितना उस सिस्टम का पावर है उसी के हिसाब से वह होस्टिंग के लिए भी काम करेगा।

अब ठीक इसी प्रकार जो होस्टिंग मुहैया कराने वाली कंपनी है वह कंपनी अपने कंप्यूटर को इंटरनेट से 24 * 7 आवर्स कनेक्ट रखती है।

उनके पास जितने कंप्यूटर के संसाधन है उसको अलग-अलग भाग में डिवाइड करते हैं और इसी को Web hosting के अलग-अलग प्रकार के रूप में तैयार करके इंटरनेट पर सेल करते हैं। गूगल ऐडसेंस क्‍या हैं

इस लेख में जितने भी तरह के होस्टिंग के प्रकार बताया गया है इसका क्या मतलब है 

उदाहरण से समझे

एक कंप्यूटर को आप किस तरह से उपयोग कर रहे हैं जैसे एक कंप्यूटर को आप 10 लोगों के लिए उपयोग में दे रहे हैं एक कंप्यूटर को आप केवल एक ही लोगों के लिए सेपरेट उपयोग के लिए रखे हैं। 

कंप्यूटर को आप अलग-अलग रूप में अलग-अलग लोगों के लिए उपयोग कर रहे हैं। जिसका सीधा मतलब है कि आप जो अपना वेबसाइट बनाए हैं उस वेबसाइट को जिस होस्टिंग सर्वर पर होस्ट कर रहे हैं 

उस होस्टिंग सर्वर को मैनेज करने के लिए वहां किस तरह का व्यवस्था है, वहां किस तरह का कंप्यूटर उपयोग किया जा रहा है, उसका कंफीग्रेशन कैसा है, वहां इंटरनेट की कनेक्टिविटी कैसा है, वहां बैकअप की कैसी सुविधा है, यही सब कुछ मिलाकर एक Web hosting का निर्माण होता है।

होस्टिंग कैसे काम करता है

इसको समझने के लिए सबसे पहले आपको यह समझना होगा यदि आपका एक वेबसाइट है और उस पर तरह-तरह के इंफॉर्मेशन स्टोर करते हैं जैसे वीडियो इमेज टेक्स्ट और अन्य तरीके के डाटा उस पर स्टोर करते हैं।

अब जितने भी डाटा आप अपने वेबसाइट पर स्टोर करते हैं उसको रखने के लिए जगह चाहिए। उदाहरण के लिए कई प्रकार के ढेर सारे कपड़े हैं अब उसको देखने के लिए एक बैग की आवश्यकता है।

ठीक उसी प्रकार जब वेबसाइट पर आप ढेर सारा डाटा अपलोड करते हैं तो उसको रखने के लिए एक जगह की आवश्यकता होती है, उसी जगह को Web hosting के नाम से जानते हैं।

अब जितने भी आपके वेबसाइट पर डाटा होते हैं वह सब कुछ Web hosting के पास स्टोर हो जाता है।

अब आपके वेबसाइट का सारा डाटा तो Web hosting जहां है वहां स्टोर होता है।

अब यदि कोई तीसरा व्यक्ति वेबसाइट पर आता है और वहां कुछ भी वह देखना चाहता है तब उस पर वह क्लिक करता है जब आपके वेबसाइट पर आकर के किसी भी ऑप्शन पर क्लिक करता है

तो उसमें दिए गए सारे इंफॉर्मेशन Web hosting के पास स्‍टोर है वहां इंटरनेट के माध्यम से सूचना जाता है कि इस इंफॉर्मेशन को उस यूजर के आईपी एड्रेस पर दिखाया जाए।

इसका मतलब यह हुआ कि आपके वेबसाइट पर कोई भी व्यक्ति आ करके कुछ भी सर्च करता है तो सर्च करने के बाद वेब सर्वर के पास जो इंफॉर्मेशन होता है तो वेब सर्वर उस यूजर के कंप्यूटर पर भेजता है। जिससे उसके पास आपके वेबसाइट के माध्यम से इंफॉर्मेशन प्राप्त हो जाता है।

इस तरह से वेबसाइट Web hosting और जो जानकारी सर्च करने वाली यूजर हैं इन तीनों को मिला करके इंफॉर्मेशन एक जगह से दूसरे जगह में होस्टिंग के द्वारा ट्रांसफर होते रहता है। गूगल ऐडसेंस क्‍या हैं

क्या हम अपने कंप्यूटर को Web hosting के लिए उपयोग कर सकते हैं

अपने कंप्यूटर को भी Web hosting के लिए उपयोग किया जा सकता है लेकिन उसके लिए आप अपने कंप्यूटर को 24 * 7 घंटा चालू रखना पड़ेगा। उसमें हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी भी 24 * 7 घंटे रखना पड़ेगा।

तथा यह भी आपको सिक्योर करना पड़ेगा कि कभी भी आपके कंप्यूटर में किसी प्रकार का कोई खामियां नही हो। 

नहीं तो उस समय सारा डाटा लॉस हो सकता है तथा आपका वेबसाइट पूरी तरह से शॉट डाउन हो सकता है। इसीलिए अपने घर में अपने कंप्यूटर का Web hosting के लिए उपयोग करना सही नहीं है।

अपने कंप्यूटर को Web hosting के रूप में उपयोग करने के लिए उसमें कुछ जरूरी सेटिंग्स भी करना पड़ेगा। इसलिए आपको कुछ टेक्निकल बेहतर जानकारी को रखना पड़ता है।

Disk Space in Hosting 

जब कभी भी हम लोग वेब hosting परचेज करते हैं. तो वहां पर हम लोग डाटा और इमेज फोटो टेक्स्ट स्टोर कर सकते हैं. उसका लिमिटेशंस होता हैं. उसी को हम लोग डिस्क स्पेस कहते हैं. जब हम लोग Web hosting परचेज खरीदते हैं.

तो उस समय यह ध्यान में रखना होता हैं, कि हमारे वेबसाइट के लिए स्टोरेज स्पेस कितना हैं. जिसके हिसाब से हम लोग अपने वेबसाइट के अंदर डाटा इमेज वीडियो फोटो रख सकते हैं.  

Bandwidth in Web hosting

बैंडविथ का मतलब होता हैं कि 1 सेकंड में मेरे वेबसाइट पर कितने सारे लोगों ने डांटा को एक्सेस किया हैं, या कर सकते हैं. उसे हम लोग बैंडविथ कहते हैं. जब कभी भी हम लोग Web hosting खरीदते हैं, तो वहां पर बैंडविथ का इंफॉर्मेशन भी देखना होता हैं.

जब वेबसाइट से एक साथ ढेर सारे यूजर किसी इंफॉर्मेशन के लिए डाटा को एक्सेस करते हैं. तो उस समय बैंड विद जो हैं. यदि कम हो तो वेबसाइट डाउन हो सकता हैं. और डाटा को विजिटर्स एक्सेस नहीं कर पाएगा. इसे bandwidth कहा जाता हैं.

Uptime in Web hosting

इसका मतलब होता है कि 24 घंटा में कितने देर तक हमारे वेबसाइट्स के डाटा या इंफॉर्मेशन को कंप्‍यूटर भर के द्वारा भेजा जा रहा हैं. जब कभी भी हम लोगों का वेबसाइट डाउन हो जाता हैं. और ओपन नहीं होता हैं.

उस समय को हम डाउन टाइम कहते हैं. आजकल हर कंपनी सौ परसेंट Uptime की गारंटी देता हैं.

Customer service in web hosting

कस्टमर सर्विस इन्वेस्टिंग किसी भी वेबसाइट से हम लोग जब वेब hosting खरीदते हैं. तो वहां पर कस्टमर सर्विस 24 * 7 मौजूद रहता हैं. जैसे यदि किसी प्रकार की कोई दिक्कत हमारे व्यवस्था में हो जाए , तो उसको ठीक करने के लिए हम लोग कस्टमर सर्विस का प्रयोग करते हैं.

तो सभी Web hosting प्रोवाइडर्स जो भी कंपनी हैं. वह दावा करता है कि हम लोग 24 * 7  कस्टमर सर्विस प्रोवाइड करते हैं. web hosting buy करते समय कस्टमर सर्विस का भी ध्यान रखना चाहिए .

Web hosting कहां से खरीदें

पूरी दुनिया में Web hosting की सुविधा मुहैया कराने वाला लगभग 5000 से भी अधिक प्लेटफार्म है। जिसके द्वारा Web hosting की सर्विस दिया जाता है। अब इन 5000 Web hosting सर्विस देने वाली कंपनियों के बारे में जानना बहुत आसान नहीं है। 

इसलिए अभी आप Web hosting खरीदना चाहते हैं तो आपको कंफ्यूज बिल्कुल नहीं होना है। क्योंकि वह होस्टिंग खरीदने के लिए 20 सबसे बेहतर होस्टिंग की सुविधा देने वाली कंपनियों का नाम नीचे दिया गया है। जिनसे Web hosting खरीद सकते हैं।

शेयर्ड होस्टिंग खरीदना हो वीपीएस होस्टिंग खरीदना हो क्लाउड होस्टिंग खरीदना हो या डेडिकेटेड होस्टिंग खरीदना हो इन चारों तरह के होस्टिंग खरीदने के लिए जो सबसे बेहतर प्लेटफार्म है उसके बारे में नीचे बताया गया है।

इन चारों तरह के होस्टिंग में सबसे बेहतर क्लाउड होस्टिंग हैं और उसके बाद डेडीकेटेड होस्टिंग है। लेकिन डेडीकेटेड होस्टिंग बहुत महंगा है इसलिए यदि आपके वेबसाइट पर एक लाख से ज्यादा ट्रैफिक है और आप उससे कमाई कर रहे हैं तो आप क्लाउड होस्टिंग ही खरीदें। 

यदि आप एक बिल्कुल नए ब्लॉगर हैं आप अपना ऑनलाइन बिजनेस स्टार्ट करना चाहते हैं तो शेयर्ड होस्टिंग का प्रीमियम प्लान ले सकते हैं।

Hostinger Dreamhost
Hostgator Wpengine
Bigrock Kinsta
Godaddy Getflywheel
Cloudway Weblink
A2Hosting India Nets
Bluehost Manas hosting
Siteground Hosting Right Now
Digitalocean Hostcats
InMotion Hosting India

Linux operating system vs Windows operating system

किसी भी प्रकार के विभिन्न होस्टिंग जब हम लोग खरीदते हैं. किसी भी कंपनी से खरीदते हैं. तो हम लोग दो प्रकार के वेब hosting का ऑप्शन देखते हैं. जो कि डिफरेंट तरह-तरह के ऑपरेटिंग सिस्टम पर उपयोग किया जाता हैं.

जैसे जब कभी भी हम लोग Web hosting को खरीदते हैं. तो वहां पर लाइनेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम का सर्वर प्रयोग किया जाता हैं. जैसे मेरा वेबसाइट हैं, और उसका जो सर्वर हैं. उसका ऑपरेटिंग सिस्टम लाइनेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम का यूज करता हैं. तो इसे हम लोग लाइनस ऑपरेटिंग Web hosting कह सकते हैं.

और यदि किसी वेबसाइट के Web hosting का जो सर्वर हैं. वह विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करता हैं, और उस सिस्टम का सर्वर के लिए यूज करता हैं. तो उसका विंडोज ऑपरेटिंग Web hosting सर्वर होता हैं. लाइनेक्स या विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में Web hosting प्रयोग करने से कोई परेशानी नहीं हैं. किसी भी प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम पर Web hosting खरीदा जा सकता हैं.

Web hosting guide in details

जैसे एक कंप्यूटर खरीदने के लिए उसका कंफीग्रेशन के बारे में जानकारी लिया जाता है ठीक उसी प्रकार से जब आप अपने वेबसाइट के लिए Web hosting खरीदने के बारे में सोचते हैं उस समय आपको उस कंप्यूटर के बारे में भी जानकारी रखना पड़ता है जहां से Web hosting की सर्विस लेना है।

जो भी Web hosting सेवा देने वाली कंपनी है वह कंपनी कंप्यूटर पर ही Web hosting की सेवा प्रदान करती है। इसलिए जैसे नया कंप्यूटर खरीदते समय उसका स्टोरेज की क्षमता रैम की क्षमता सीपीयू के प्रोसेसर की क्षमता इत्यादि को देखा जाता है।

ठीक उसी प्रकार जब आप Web hosting खरीदते हैं उस समय भी इन चीजों को जरूर ध्यान में रखें। क्योंकि जब Web hosting खरीदते हैं तो आपके वेबसाइट का जो डाटा होता है वह एक दूसरे Web hosting सर्वर के पास स्टोर होता है।

इसलिए जहां आपके वेबसाइट का डाटास्टोर हो रहा है उस सिस्टम में कितने और वेबसाइट का डाटास्टोर किया जाता है तथा आपके वेबसाइट के लिए वहां पर कितना स्टोरेज क्षमता दिया जा रहा है,

Web hosting कंप्यूटर का रैम की क्षमता कितना है, उसमें होस्टिंग सर्वर में कौन सा प्रोसेसर का उपयोग किया जा रहा है। इन सभी का ध्‍यान जरूर रखें।

साधारण भाषा में जैसे आप नया कंप्यूटर खरीदते समय अपने कंफीग्रेशन को देखते हैं ठीक उसी प्रकार आप अपने Web hosting खरीदते समय उसमें होस्टिंग सर्वर का जो कंप्यूटर है उसके कंफीग्रेशन के बारे में भी जानना चाहिए।

जो Web hosting खरीद रहे हैं उसमें आपको कितना जीबी का स्टोरेज क्षमता दिया जा रहा है। उसमें रैम किता दिया जा रहा है उस सिस्टम का प्रोसेसर सिंगल कोर है ड्यूल कोर है इसके बारे में आपको जानना चाहिए।

जिस hosting कंप्यूटर पर आप होस्टिंग अपने वेबसाइट के लिए कर रहे हैं उसमें कौन सा ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल किया जा रहा है। 

लाइनेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम वाले Web hosting सर्विसेज बेहतर नहीं होता है क्योंकि यह फ्री होता है। 

जिस कंप्यूटर में माइक्रोसॉफ्ट का ऑपरेटिंग सिस्टम उपयोग किया जाता है वह लाइसेंस वर्जन होता है तथा उसके सिक्‍योरिटी बेहतर होता है, इसलिए वैसे Web hosting का चयन करना चाहिए जिस कंप्यूटर पर माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।

Web hosting के लिए दो तरह का ऑपरेटिंग सिस्टम वाला होस्टिंग की सर्विस दिया जाता है जिसमें एक लाइनेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम वाला होस्टिंग होता है और दूसरा विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम वाला होस्टिंग होता है। जब भी आप होस्टिंग खरीदें उस समय इस बातों का ध्यान रखें।

  • ऑपरेटिंग सिस्टम
  • प्रोसेसर के बारे में जैसे सिंगल कोर ड्यूल कोर
  • एसएसडी स्टोरेज की क्षमता
  • रैम

इन बातों को जानना क्यों जरूरी है

जब आप Web hosting खरीद लेते हैं और एक वेबसाइट बना लेते हैं उसके बाद जो भी आप इंफॉर्मेशन वेबसाइट पर अपलोड करते हैं वह सारा इंफॉर्मेशन Web hosting के पास save रहता है। 

अब जो इंफॉर्मेशन आप अपने वेबसाइट पर स्टोर किए हैं उसको देखने के लिए जब कोई user आपके वेबसाइट पर आता है तब उस जानकारी को एक्सेस करने के लिए उस पर क्लिक करता है

अब जो डाटा है वह आपके कंप्यूटर पर तो है नहीं तब यूजर के द्वारा Web hosting के पास रिक्वेस्ट जाता है कि इस डाटा को आप यूजर के कंप्यूटर पर भेजें। 

अब जब इस तरह से एक साथ अधिकतर लोगों के द्वारा आपके वेबसाइट के द्वारा access किया जाता है तब यदि आपका Web hosting का कंप्यूटर का कंफीग्रेशन मजबूत नहीं रहता है तो आपका वेबसाइट डाउन हो जाता है और इंफॉर्मेशन यूजर को नहीं मिल पाता है 

जिसके कारण आपके वेबसाइट का Reputation खराब होता है तथा यदि आप एक ब्लॉग वेबसाइट बनाए हैं तो उसका रैंकिंग गूगल में डाउन हो जाता है।

अब आपके मन मे सवाल आना शुरू हो गया होगा कि आखिर हम कितना कंफीग्रेशन वाला Web hosting खरीदे हैं उसमें क्या क्या होना चाहिए कैसा सिस्टम कंफीग्रेशन होना चाहिए।

यह सब कुछ निर्भर करता है कि आपके वेबसाइट पर एक महीना में कितने लोग विजिट करते हैं जिसके हिसाब से Web hosting के सिस्टम कंफीग्रेशन का चयन कर सकते हैं। 

जो भी Web hosting देने वाली कंपनी है उन कंपनियों के द्वारा Web hosting के कई प्रकार होते हैं जिसके द्वारा अपने हिसाब से लोग अलग-अलग प्रकार के Web hosting खरीदते हैं।

Web hosting के कितने प्रकार हैं और किस प्रकार के web hosting आपको खरीदना चाहिए इसके बारे में जानने के लिए अभी इस लेख को आप नीचे लगातार पढ़ते रहें।

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सारांश 

Web hosting kya hai इस लेख में Web hosting क्या है होस्टिंग कैसे खरीदे होस्टिंग का उपयोग क्‍या  है  Web hosting Web hosting kya hai in hindi से संबंधित सारे सवालों का जवाब दिया गया है.

फिर भी यदि Web hosting से संबंधित किसी भी प्रकार का सवाल हो तो कृप्या कमेंट करके जरूर पूछें. Web hosting के बारे में दी गई जानकारी.के बारे में कमेंट करके अपना राय जरूर दें तथा इस जानकारी को अपने दोस्त, मित्रों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर भी जरूर करें.

ravi
नमस्कार रवि शंकर तिवारी ज्ञानीटेक रविजी ब्लॉग वेबसाईट के Founder हैं। वह एक Professional blogger भी हैंं। जो कंप्‍यूटर ,टेक्‍नोलॉजी, इन्‍टरनेट ,ब्‍लॉगिेग, SEO, एमएस Word, MS Excel, Make Money एवं अन्‍य तकनीकी जानकारी के बारे में विशेष रूचि रखते हैंं। इस विषय से जुड़े किसी प्रकार का सवाल हो तो कृपया जरूर पूछे। क्‍योकि इस ब्‍लॉग का मकसद लोगो बेहतर जानकारी उपलब्‍ध कराना हैंं।

2 COMMENTS

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