what is internet is hindi – इंटरनेट क्या हैं

इंटरनेट क्या है Internet kya hai in hindi सवाल हम सभी लोगों के मन में आता है क्योंकि इंटरनेट के कारण ही आज दुनिया में किसी भी काम को बहुत ही आसानी से कर लिया जाता है वैसे इंटरनेट क्या हैं के बारे में जानना बहुत ही जरूरी है कि Internet कैसे काम करता है इंटरनेट का काम करने का तरीका क्या है.

एक जगह से दूसरी जगह डाटा कैसे पहुंच जाता है कुछ भी हम लोग सर्च करते हैं तो इंटरनेट के माध्यम से कैसे जानकारी प्राप्त हो जाता है इंटरनेट के माध्यम से डाटा कहां से आता है इंटरनेट के माध्यम से वीडियो कॉलिंग कैसे हो जाता है इंटरनेट से जितने भी तरह के काम ऑनलाइन किए जा रहे हैं.

इन सभी कामों को Internet कैसे करता है इंटरनेट काम कैसे करता है इस तरह का सवाल लोगों के मन में जरूर आता है क्योंकि इंटरनेट क्या हैं इंटरनेट कैसा होता है इंटरनेट दिखाई नहीं देता है.

और जब कुछ भी इंटरनेट से सर्च किया जाता है या किसी भी तरह का कोई काम किया जाता है तो तुरंत हो जाता है कैसे होता है  इस लेख में आज हम लोग इंटरनेट के बारे में पूरी जानकारी नीचे विस्तार से आने वाले हैं. इंटरनेट को जाल कहा जाता है इंटरनेट को अंतरजाल के नाम से भी संबोधित किया जाता है.

Internet kya hai in hindi

इंटरनेट एक ऐसा जाल है जिससे दुनिया के जितने भी नेटवर्क सिस्टम है एक दूसरे के साथ जुड़े हुए रहते हैं Internet एक ग्लोबल नेटवर्क होता है जो दुनिया के हर क्षेत्र हर जगह से जुड़ा हुआ रहता है. इंटरनेट के भाषा में इंटरनेट की दुनिया में यह कहा जा सकता है कि जितने भी कंप्यूटर हैं.

वह सभी एक दूसरे के साथ नेटवर्क के थ्रू कनेक्ट हो जाते हैं दुनिया में कहीं भी किसी भी जगह कुछ भी सर्च कर लिया जाता है यह सब कुछ तभी संभव होता है. जब सर्वर 24 घंटा काम करता हैं और वहां पर जो डाटा होता है वह तुरंत नेटवर्क एक्सेस हो जाता है.

Internet kya hai in hindi

इंटरनेट शब्द का मतलब होता है आपस में एक दूसरे के साथ से जुड़ा रहे तो उसे इंटरनेट कहते हैं कंप्यूटर के भाषा में  इंटरनेट का मतलब अंतरजाल होता है इंटरनेट के माध्यम से दुनिया के जितने भी डिवाइस कंप्यूटर होते हैं.

वे सभी आईपी Internet प्रोटोकोल के लिंक के माध्यम से जुड़े हुए रहते हैं टीसीपी आईपी को उपयोग करने वाले जो इंटरकनेक्टेड कंप्यूटर होते हैं वे सभी विश्व के वैश्विक नेटवर्क प्रणाली से जुड़े हुए रहते हैं.

इस प्रणाली के तहत दुनिया के जितने भी व्यवसायिक वैश्विक शैक्षणिक निजी या सार्वजनिक नेटवर्क होते हैं वे सभी इलेक्ट्रॉनिक्स वाले ऑप्टिकल नेटवर्किंग के तहत जुड़े हुए रहते हैं. इसमें सरकार के भी जितने नेटवर्क होते हैं वह भी शामिल रहते हैं.

सभी प्रकार के सूचनाओं संसाधनों का इंटरनेट एक वृहत श्रृंखला है एक अंतरजाल है जो एक दूसरे के साथ इंटरलिंकिंग किया हुआ रहता है जिसको हाइपरटेक्स्ट लिंग के साथ-साथ वर्ल्ड वाइड वेब के तहत जुड़ा हुआ रहता है. 

what is internet is hindi

इंटरनेट एक जाल हैं जिसके द्वारा दुनिया का हर व्यक्ति ऑनलाइन एक दूसरे के साथ जुड़ा हुआ है जहां तक इंटरनेट की बात है तो इंटरनेट का कार्य प्रणाली जब एक कंप्यूटर दूसरे कंप्यूटर या और भी कंप्यूटर के साथ छोड़ता है.

तो कंप्यूटर सिस्टम में नेटवर्क का प्रक्रिया शुरू हो जाता है जिसके माध्यम से एक जगह से दूसरे जगह का डाटा ट्रांसफर बहुत ही आसानी से हो पाता है यहां इस तरफ से Internet कार्य प्रणाली telecom नेटवर्किंग के द्वारा संचालित होता है.

 

इंटरनेट की परिभाषा

इंटरनेट का मतलब नेटवर्क होता है और नेटवर्क से ही Internet चलता है नेटवर्क सिस्टम पूरे दुनिया में ग्लोबल सिस्टम के तहत काम करता है जिसको ग्लोबल वाइड एरिया नेटवर्क कहते हैं इस नेटवर्क के तहत दुनिया भर के जितने भी कंप्यूटर सिस्टम हैं.

वे सभी आपस में एक दूसरे के साथ कनेक्ट हो जाते हैं इस सिस्टम के तहत हाई बैंडविथ डाटा लाइंस होते हैं जो इंटरनेट का रीढ़ कहे जाते हैं. जब इंटरनेट के माध्यम से डाटा एक लोकेशन से दूसरे जगह ट्रांसफर होते हैं उस समय उस डाटा को लोकेशन के हिसाब से डिसट्रीब्यूट किया जाता है उसके लिए इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के तहत इसको किया जाता है.

किसी भी कंप्यूटर को Internet से कनेक्ट करने के लिए इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के द्वारा नेटवर्क सिस्टम को कनेक्ट किया जाता है इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड करने के लिए ब्रॉडबैंड सर्विस या केवल सर्विस या और भी अन्य प्रकार के जो Internet सर्विस की सेवाएं हैं उसके द्वारा इंटरनेट को कनेक्ट किया जाता है.

इंटरनेट का इतिहास

सबसे पहले जब इंटरनेट नहीं था उस समय संयुक्त राज्य के द्वारा आपस में कुछ कंप्यूटरों को वायर के द्वारा जोड़ा गया जिससे एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में डाटा को ट्रांसफर किया जा सके.

इसी तरह से 1960 के दशक में इंटरनेट नेटवर्क की कल्पना की गई इंटरनेट का शुरुआत संयुक्त राज्य के संघीय सरकार द्वारा नेटवर्क प्रणाली को एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर के द्वारा विकसित करके इसको एक मजबूत नेटवर्क के रूप में शुरू किया गया. उस समय जब एक कंप्यूटर दूसरे कंप्यूटर तीसरे कंप्यूटर के साथ जुड़ते थे.

तब एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में डाटा आसानी से ट्रांसफर हो जाता था धीरे-धीरे इसी तरह और भी कंप्यूटरों को नेटवर्क सिस्टम इंटरनेट सिस्टम के साथ उस को जोड़ा गया और धीरे-धीरे 1990 के दशक में वाणिज्यिक नेटवर्क के रूप में उद्योगों के लिए उद्यमों को जोड़ने के लिए आधुनिक नेटवर्क इंटरनेट पर काम करने की शुरुआत की गई.

और इसे तेजी से आगे बढ़ाते हुए जितने भी संस्था थे और जो पर्सनल व्यक्तिगत मोबाइल कंप्यूटर से नेटवर्क जुड़े हुए थे उसको 2000 के दशक तक सेवाओं को सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजमर्रा के कामों के लिए शामिल कर लिया गया.

इंटरनेट पूरी तरह से नेटवर्क सिस्टम पर ही काम करता है और सबसे पहले जब एक दूसरे कंप्यूटर को वायर के थ्रू जोड़ा गया उसके बाद से नेटवर्क सिस्टम को मजबूत करने नेटवर्क सिस्टम को बनाने नेटवर्किंग को मजबूत करने के लिए यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका एवं यूनाइटेड किंगडम फ्रांस में स्थित बहुत सारे कंप्यूटर साइंस के लैबोरेट्रीज में इसका अनुसंधान किया गया.

History of Internet

जैसा कि ऊपर हमने बताया है कि 1960 के दशक में कंप्यूटर लैबोरेट्रीज जिसको एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट जेंसी नेटवर्क के द्वारा ARPANET को नेटवर्क क्षेत्र में बेहतरीन काम करने के लिए सम्मानित किया गया.

ARPANET द्वारा इंटरनेट के माध्यम से वर्ष 1969 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस प्रोफेसर Leonard kleinrock’s ने इंटरनेट के माध्यम से पहला संदेश स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट को भेजा था.

जिसके बाद वर्ष 1969 में अमेरिकी रक्षा विभाग के द्वारा इंटरनेट की शुरुआत की गई. उन्होंने अल्फानेट नामक एक राष्ट्रीय कंप्यूटर सिस्टम को डेवलप किया जो कि एक नेटवर्क के रूप में काम करता था और इसी को युद्ध के लिए मिलिट्री फोर्स के द्वारा मैसेज को भेजने और रिसीव करने के लिए उपयोग किया जाने लगा.

उसके बाद से इंटरनेट सिस्टम इंटरनेट पर नेटवर्क सिस्टम को धीरे-धीरे और दीक्षित बनाते हुए उसको रिसर्च करते हुए देश के अलग-अलग कंप्यूटर रिसर्च साइंटिस्ट के द्वारा नेटवर्क सिस्टम को और बेहतर मजबूत बनाया गया.

जहां तक इंटरनेट की बात है तो इंटरनेट को खोजने के लिए इंटरनेट को बनाने के लिए इंटरनेट को विकसित करने के लिए दुनिया के बड़े-बड़े जो भी कंप्यूटर साइंस के साइंटिस्ट है उन सभी लोगों ने मिलकर के इंटरनेट की शुरुआत की इंटरनेट को विकसित किया Internet को दुनिया में तेजी से लाने का काम किया.

इंटरनेट की खोज किसने की

जहां तक इंटरनेट की खोज की बात है तो इंटरनेट की खोज बहुत लोगों ने मिलकर के किया था वैसे इंटरनेट का इस्तेमाल सबसे पहले अमेरिका के रक्षा विभाग के लियोनार्ड क्लेराक Leonard kleinrock’s ने सबसे पहले इंटरनेट के माध्यम से नेटवर्क के माध्यम से सूचनाओं का आदान प्रदान किया था आपस में एक कंप्यूटर के साथ अन्य कई कंप्यूटरों को जोड़ करके एक नेटवर्क सिस्टम को तैयार किया गया था.

जिससे एक कंप्यूटर की सूचना को दूसरे कंप्यूटर में भेजा जा सकता था इस तरह से नेटवर्क सिस्टम को उस समय डेवलप करने का काम शुरू किया गया और Internet को विकसित करने का काम होगा.

नेटवर्क सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए एमआईटी के साइंटिस्ट J C R Licklider और Robert Taylor ने मिलकर के सन 1962 में एक ग्लास्टिक नेटवर्क बनाने का काम शुरू किया.

वर्ष 1965 में जेसीआर जो एमआईटी के साइंटिस्ट है उन्होंने एक कंप्यूटर के साथ दूसरे कंप्यूटर तक जानकारी को भेजने के लिए एक तरीका विकसित किया जिसका नाम पैकेट स्विचिंग रखा गया था पैकेट स्विचिंग डाटा को कई भागों में छोड़ा भी जा सकता था और उसको ट्रांसफर किया जा सकता था.

वर्ष 1969 में 29 अक्टूबर को ARPANET के द्वारा पहला संदेश लॉगिन के नाम से भेजा गया जो कि पूरी तरह से सफल हुआ और इस संदेश के माध्यम से डाटा ट्रांसफर हुआ.

इसी तरह से नेटवर्क सिस्टम को और मजबूत धीरे-धीरे किया गया और 1970 के दशक में नेटवर्क को और लगातार बढ़ाया गया 1971 में यूनिवर्सिटी ऑफ हवेली के Alohanet को नेटवर्क से जोड़ा गया.

और इसी तरह से बहुत सारे कंप्यूटरों को नेटवर्क से धीरे-धीरे जोड़ते हुए इसे वैश्विक स्तर पर तैयार करना शुरू हुआ वर्ष 1971 में  रे टॉमलिंसन ने पहला ईमेल भेजा. उसके बाद धीरे-धीरे और भी नेटवर्क एवं इंटरनेट का इस्तेमाल दुनिया में बढ़ते चला गया.

इंटरनेट के जनक कौन थे

वर्ष 1970 में दुनिया के लिए छोटे-छोटे मिनी नेटवर्क के ऊपर एक दूसरे के साथ संवाद करने के लिए ईमेल के लिए नेटवर्क का उपयोग किया जाने लगा जिस को विकसित करने का काम Vint Cerf ने किया था.

इन्होंने ही अपने नेटवर्क के अविष्कार को ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकोल टीसीपी के नाम से विकसित किया जिसमें बाद में और भी प्रोटोकॉल को जोड़ा गया जिसे इंटरनेट प्रोटोकॉल के नाम से भी जाना जाता है वर्तमान समय में जिस Internet का हम लोग उपयोग करते हैं उसको टीसीपी आईपी प्रोटोकोल मॉडल का ही इस्तेमाल करते हैं.

वर्ष 1974 में Vint Cerf और Robert E. Kahn के द्वारा एक समाचार को प्रकाशित किया गया जिसमें उन्होंने इंटरनेट के जनक इंटरनेट के पिता के नाम से जाना गया और इजी पेपर प्रकाशन के आधार पर इंटरनेट के जनक इंटरनेट के पिता Vint Cerf को कहा जाता है.

इंटरनेट कब शुरू हुआ था

इंटरनेट पर जहां तक रिसर्च एवं काम करने की प्रक्रिया थी वह बहुत पहले ही शुरू हो गया था लेकिन Internet की शुरुआत टीसीपी आईपी प्रोटोकोल के तहत वर्ष 1983 में हुआ था इसी वर्ष 1 जनवरी को ARPANET में tcp-ip को प्रणाली को पाया था जिसके बाद इस पर और भी अनुसंधान रिसर्च किया गया और इसको एक नेटवर्क्स का नाम दिया गया था जिसको आज के भाषा में हम लोग इंटरनेट कहते हैं.

इंटरनेट की विशेषता

जहां तक इंटरनेट की विशेषता की बात है तो Internet की विशेषता इतना ज्यादा है कि इसको शब्दों में डिफाइन करना आसान नहीं है यदि इसकी विशेषता बताया जाए तो एक बहुत बड़ा लेख तैयार हो सकता है जिसको पढ़ना भी आसान नहीं होगा वैसे आइए कुछ इंटरनेट के जो प्रमुख विशेषता है उसके बारे में जानते हैं.

World Wide Web :- वर्ल्ड वाइड वेब Internet का प्रथम जो विशेषता है यह पूरे दुनिया के साथ नेटवर्क सिस्टम को संचालित करता है जिसके लिए वर्ल्ड वाइड वेब इंटरनेट का एक भाग होता है जो डाटा को एक जगह से दूसरी जगह से ट्रांसफर करने के लिए एलाऊ करता है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति कहीं से भी किसी भी तरह का डाटा को एक्सेस कर पाता है.

Information :- इंटरनेट की एक प्रमुख विशेषता है कि दुनिया के किसी भी जगह किसी भी कोने का कोई भी सूचना हो आप दुनिया के किसी भी स्थान से किसी भी जगह से उसको प्राप्त कर सकते हैं पढ़ सकते हैं.

Email :- इंटरनेट नेटवर्क का हीं यह विशेषता है कि आज बहुत ही कम समय में सेकंडों में कहीं से भी कोई भी सूचना जैसे कि पत्र लेटर या अन्य कोई इंफॉर्मेशन को एक जगह से दूसरे जगह भेजा जा रहा है इंटरनेट का इतना ज्यादा महत्व है कि आज हर जगह सूचनाओं को ईमेल को भेजने के लिए Internet का ही सबसे अहम योगदान है.

इंटरनेट कैसे काम करता है

 जब किसी कंप्यूटर या किसी भी लैपटॉप मोबाइल में नेटवर्क कनेक्टिविटी को जोड़ा जाता है तब उसमें इंटरनेट काम करना शुरू करता है इंटरनेट कनेक्शन के लिए ब्रॉडबैंड या अन्य यूएसपी सिस्टम के तहत नेटवर्क को कंप्यूटर लैपटॉप में कनेक्ट किया जाता है

उसके बाद वह कंप्यूटर Internet पर एक दूसरे के साथ बातचीत करना शुरू करते हैं इसके लिए टीसीपी आईपी सिस्टम के तहत जो भी उनका बेसिक प्रोटोकॉल होता है उसके तहत इंटरनेट काम करता है

इंटरनेट के माध्यम से जितने भी तरह के डाटा ट्रांसफर किए जाते हैं सर्च किए जाते हैं उसके लिए ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकोल Internet प्रोटोकॉल के तहत वे सभी मैनेज एवं व्यवस्थित किए जाते हैं इसके लिए जो भी डाटा या फाइल होता है

उसको छोटे-छोटे भागों में ब्रेक कर दिया जाता है और जिस यूजर के पास जिस कंप्यूटर के पास जिस सूचनाओं की आवश्यकता होती है वहां उसको भेजा जाता है.

ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकोल TCP का काम डाटा को छोटे-छोटे भागों में पैकेज के रूप में ब्रेक करना होता है जिसे Internet में ट्रांसमिट्स किया जाता है और उसे बाद में रिअसेंबल भी किया जाता है वह जो छोटे-छोटे पैकेट होते हैं उसको सभी एक ओरिजिनल संदेश के रूप में प्राप्त किया जाता है.

इंटरनेट का उपयोग

वैसे आज के समय में इंटरनेट के उपयोग की बात की जाए तो Internet का उपयोग हर एक काम के लिए किया जा रहा है फिर भी आइए कुछ प्रमुख इंटरनेट के उपयोग के बारे में जानते हैं.

Email :- इंटरनेट का उपयोग सबसे ज्यादा ईमेल के लिए किया जाता है क्योंकि आजकल किसी भी संदेश को एक जगह से दूसरे जगह एक व्यक्ति के पास से दूसरे व्यक्ति पास भेजने के लिए ईमेल का उपयोग किया जाता है दुनिया में करीब 20 मिलियन से ज्यादा लोग एक दूसरे के साथ ईमेल का आदान प्रदान करते हैं.

News :- आजकल तो समाचार पाने के लिए समाचार पढ़ने के लिए समाचार भेजने के लिए समाचार देखने के लिए इंटरनेट का उपयोग किया जा रहा है क्योंकि पल-पल का रिपोर्ट इंटरनेट के माध्यम से लोग अपने स्मार्टफोन पर प्राप्त कर रहे हैं सूचनाओं को आदान प्रदान करने के लिए Internet का उपयोग बहुत ही ज्यादा हो रहा है.

Study :- पढ़ाई के लिए भी इंटरनेट का बहुत ही प्रमुख भूमिका है क्योंकि आज के समय में पढ़ाई पूरी तरह से Internet पर आश्रित हो गया है जब से कोरोना का आगमन हुआ है उसके बाद से सारे लोग अपने कामों को अपने पढ़ाई को घर से ही कर रहे हैं.

Research :- आज नए नए तरह के अनुसंधान किए जा रहे हैं रिसर्च किए जा रहे हैं यह सब कुछ Internet के आधार पर ही हो रहा है और इंटरनेट का इसमें प्रमुख भूमिका है.

Job :- इंटरनेट के कारण आज लोग अपने घर से काम कर रहे हैं बहुत से ऐसे लोग हैं जो अपना नौकरी छोड़ कर के Internet का उपयोग करके घर बैठकर के ऑनलाइन पैसा भी कमा रहे हैं तो यह सब कुछ इंटरनेट का ही कमाल है जिससे घर से कमाई करना भी आसान हो गया है.

Shopping :- आज किसी भी तरह का कोई सामान खरीदना इतना आसान हो गया है कि अपने घर बैठे ही आप Internet से किसी भी सामान का ऑर्डर कर देते हैं और वह सामान घर पर आसानी से उपलब्ध हो जाता है.

Game :- आजकल ऑनलाइन गेम का भी बहुत ज्यादा प्रचलन हो गया है और बहुत से लोग ऑनलाइन गेम भी इंटरनेट के माध्यम से खेल रहे हैं वैसे ऑनलाइन गेम खेलना ज्यादा नुकसानदायक है फिर भी यह सब कुछ संभव Internet से ही हुआ है.

Group discussion :- आजकल अपने घर पर लोग बैठे रहते हैं और वहीं से Internet के माध्यम से किसी भी सेमिनार या कोई भी डिस्कशन हो जहां पर 1 से अधिक लोगों को जोड़ना होता है उसके लिए इंटरनेट का उपयोग करके आसानी से लोग ग्रुप डिस्कशन भी ऑनलाइन अटेंड कर रहे हैं.

इंटरनेट के प्रकार

Dial-up connection :- डायल अप कनेक्शन इंटरनेट का एक बेसिक कनेक्शन होता है जिसके माध्यम से इंटरनेट कनेक्शन को टेलीफोन लाइन के द्वारा एक से अधिक लोगों के लिए तैयार किया जाता है जिसके माध्यम से किसी भी पीसी लैपटॉप कंप्यूटर में Internet को चलाया जा सकता है  सेट किया जा सकता है.

डायल अप कनेक्शन एक Simple कनेक्शन होता है इंटरनेट का जो स्पीड होता है वह थोड़ा स्लो होता है लेकिन इसको फोन नंबर के माध्यम से कंप्यूटर में डायल करके इंटरनेट को चलाया जा सकता है.

DSL connection :-  डी एस एल का फुल फॉर्म डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन होता है यह भी एक प्रकार का Internet को कनेक्ट करने के लिए कंप्यूटर में उपयोग किया जाता है इस तरह के जो कनेक्शन होते हैं वह एक तार वाला कनेक्शन होता है

जिसके तहत डाटा को टेलीफोन लाइंस के मदद से कंप्यूटर में ट्रांसफर किया जाता है लेकिन इसमें इंटरनेट को कनेक्ट करने के लिए किसी नंबर को डायल करने की आवश्यकता नहीं होता है

Cable Connection:-  केबल कनेक्शन इस तरह के जो इंटरनेट लेकर आने वाले जो कनेक्शन होते हैं वह केबल के द्वारा इंटरनेट कनेक्शन मुहैया कराया जाता है जैसे टीवी में किसी भी तरह के डिस को चलाने के लिए जो केबल कनेक्शन लिया जाता है

ठीक उसी प्रकार अपने कंप्यूटर में Internet को चलाने के लिए केबल कनेक्शन लिया जाता है और उससे आप अपने कंप्यूटर में इंटरनेट को चला सकते हैं इसका यह स्पीड थोड़ा फास्ट और बेहतर होता है.

Wireless Connection:- वायरलेस कनेक्शन को वाईफाई के नाम से भी जानते हैं यह एक तरह का वैसा कनेक्शन होता है जिसमें किसी तरह का कोई केबल का इस्तेमाल किया जाता है कंप्यूटर में Internet को चलाने के लिए वायरलेस सिस्टम जहां पर वायरलेस का जो रेंज होता है

उसके साथ आपके कंप्यूटर में नेटवर्क दिखाई देता है और उससे आप अपने कंप्यूटर में इंटरनेट को एक्सेस करते हैं. वायरलेस कनेक्शन की एसपी ट्रेंस 5 मेगाबाइट 4 सेकंड से लेकर के 20 मेगाबाइट्स पर सेकंड तक का होता है.

Intranet kya hai

इंटरानेट एक प्रकार का नेटवर्क सिस्टम होता है इसका इस्तेमाल अक्सर छोटे-छोटे जो इंटरप्राइज होते हैं उनके द्वारा किया जाता है यह प्राइवेट नेटवर्क होता है जिसमें लोकल एरिया के जितने भी नेटवर्क होते हैं वह सभी एक दूसरे के साथ इंटरलिंक रहते हैं.

इंटरानेट का जो काम है वह किसी भी कंपनी के सूचना और जो उसके रिसोर्सेस हैं जैसे कि जितने भी लोग उसमें इंप्लाइज काम करते हैं उनके बीच सूचनाओं को साझा करना. इंटरानेट का उपयोग जो लोग काम करते हैं उन ग्रुप्स के बीच में एक कॉन्फ्रेंस एक सूचनाओं को आदान-प्रदान के लिए उपयोग किया जाता है.

Intranet का उपयोग छोटे-छोटे जो इंटरप्राइजेज होते हैं उसके द्वारा इस्तेमाल किया जाता है जिसके तार टीसीपी आईपी एचटीटीपी इंटरानेट प्रोटोकोल एक प्रकार का प्राइवेट इंटरनेट के रूप में काम करता है.

Intranet ka matlab

इंटरानेट इंटरनेट का एक अंग होता है जो कि किसी कंपनी का किसी व्यक्ति का प्राइवेट ऑर्गेनाइजेशन के तहत काम करता है जिसके तहत एक कंपनी के एक ऑर्गेनाइजेशन के जितने भी कंप्यूटर होते हैं

वह सभी एक दूसरे के साथ इंटरानेट कनेक्शन के तहत जोड़ दिए जाते हैं और एक कंपनी के अंदर एक ऑर्गनाइजेशन के अंदर जितने भी डाटा ट्रांसफर से संबंधित काम होते हैं वह सभी काम इसी इंटरनेट के तहत इंटरानेट नेटवर्क के भीतर काम करता है.

इंटरानेट और इंटरनेट में अंतर

इंटरनेट

इंटरानेट

Internet एक ग्लोबल पब्लिक नेटवर्क के तहत काम करता है इंटरानेट प्राइवेट ऑर्गनाइजेशन के लिए काम करता है
इंटरनेट को चलाने के लिए किसी भी तरह का कोई रिस्ट्रिक्शन नहीं होता है इंटरानेट को उपयोग करने के लिए यूजर पासवर्ड की जरूरत होती है
Internet को सामान्य रूप से कोई भी उपयोग कर सकता है Intranet को केवल एक संस्था ऑर्गनाइजेशन के द्वारा ही उपयोग किया जाता है
इंटरनेट में एक से अधिक कंप्यूटर्स का नेटवर्क से जुड़ा हुआ रहता है इंटरानेट में केवल एक संस्थान के जितने कंप्यूटर होते हैं वह सभी आपस में नेटवर्क जुड़े हुए रहते हैं
इंटरनेट की सुरक्षा यूजर के द्वारा उपयोग किए जाने वाली डिवाइस पर निर्भर करता है इंटरानेट की सुरक्षा उसके फेयरवेल पर निर्भर होता है.
Internet की गति उसके टेक्नोलॉजी पर निर्भर करता है Intranet की गति उसके द्वारा उपयोग किए जा रहे हैं कंप्यूटर एवं डाटा पर निर्भर करता है

इंटरनेट से लाभ और नुकसान

इंटरनेट से लाभ

इंटरनेट से नुकसान

तत्काल सूचना प्राप्त कर सकते हैं गलत कामों में समय को बर्बाद करना
ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं अश्लील वीडियो को देखना
रेलवे टिकट बुक कर सकते हैं गलत चीजों की जानकारी प्राप्त करना
एरोप्लेन का टिकट बुक कर सकते हैं समाज में गलत सूचनाओं को भेजना
ऑनलाइन नौकरी कर सकते हैं झूठे चीजों को आगे बढ़ाना
ऑनलाइन नौकरी ढूंढ सकते हैं इंटरनेट को अच्छे कामों के लिए उपयोग नहीं करना
होटल बुकिंग कर सकते हैं सोशल मीडिया में समय को अनावश्यक कामों के लिए बर्बाद करना
ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं गलत लोगों के संपर्क में आना
ऑनलाइन वीडियो को देख सकते हैं धोखाधड़ी का शिकार हो जाना
ईमेल कर सकते हैं ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में धोखाधड़ी का शिकार होना
ऑनलाइन कमाई कर सकते हैं ऑनलाइन फ्रांड का शिकार होना
न्यूज़ पेपर पढ़ सकते हैं अश्‍लीलता का लत लग जाना
शॉपिंग कर सकते हैं अश्‍लील गाना सुनना
ऑनलाइन अपने खाता का संचालन कर सकते हैं अश्‍लील फोटो का लत
यूट्यूब और गूगल से किसी भी तरह का जानकारी प्राप्त कर सकते हैं साईबर क्राईम का शिकार हो जाना
ऑनलाइन ग्रुप चैटिंग कर सकते हैं अश्‍लील समाचारो को पढ़़ना
सोशल मीडिया का उपयोग कर सकते हैं अश्‍लीलता को बढ़ावा
ऑनलाइन जितने भी काम होते हैं सभी तरह का काम कर सकते हैं इंटरनेट का आदि हो जाना

FAQ

इंटरनेट क्या है

Internet एक अंतरजाल है जिसके तहत सभी नेटवर्क सिस्टम काम करते हैं

इंटरनेट को किसने बनाया

Internet बहुत लोगों ने मिलकर के बनाया है

इंटरनेट का मालिक कौन है

Internet का कोई एक व्यक्ति मालिक नहीं होता है इंटरनेट एक नेटवर्क सिस्टम के साथ काम करता है

इंटरनेट भारत में कब आया

भारत में इंटरनेट का आगमन 80 90 के दशक में हुआ था

इंटरनेट को हिंदी में क्या कहते हैं

अंतरजाल कहते हैं

इंटरनेट को पहले किस नाम से जाना जाता था

नेटवर्क के नाम से जाना जाता था

इंटरनेट का काम क्या है

सूचनाओं को एक जगह से दूसरी जगह आदान प्रदान करना

इंटरनेट पर पहली वेबसाइट कौन थी

Http://info.cern.ch/hypertext/www/Theproject.html

इंटरनेट का मालिक कौन है

जहां तक Internet की मालिक की बात है तो इंटरनेट का कोई एक व्यक्ति मालिक नहीं होता है इंटरनेट पूरी तरह से एक नेटवर्क सिस्टम के तहत काम करता है जिसको हम लोग टीसीपी आईपी प्रोटोकोल के नाम से जानते हैं.

भारत में इंटरनेट कब शुरू हुआ

14 अगस्त 1995 में भारत में आम लोगों के लिए Internet सर्विस को शुरू किया गया. उस समय नेटवर्क सिस्टम को विदेश संचार निगम लिमिटेड बी एस एन एल के द्वारा नेटवर्क सिस्टम को शुरू किया गया.

सारांश 

आशा करता हूं कि इंटरनेट के बारे में दी गई जानकारी आप लोगों को जरूर अच्छा लगा होगा. इस लेख में इंटरनेट क्या है और इंटरनेट क्या हैं से संबंधित पूरी जानकारी देने का प्रयास किया गया है

फिर भी यदि इंटरनेट क्या हैं से संबंधित किसी भी प्रकार का सवाल आपके मन में हो तो कृपया कमेंट करके जरूर पूछें. इंटरनेट क्या हैं के बारे में दी जाएगी जानकारी कैसा लगा अपना राय कमेंट करके हमें जरूर दें

जिससे आगे आने वाले और भी जितने भी तरह की जानकारियां होती है उसमें मुझे सुधार एवं प्रेरणा प्राप्त होता है. इंटरनेट क्या हैं के बारे में दी गई जानकारी को अपने दोस्त मित्रों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर भी जरूर करें.

 

 

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