आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या हैं

कंप्यूटर के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बहुत बड़ा रोल हैं. क्योंकि कंप्यूटर पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के रूपरेखा के तहत ही काम करता हैं.

वर्तमान समय और आने वाले दिनों में इसका अधिकतर उपयोग देखने को मिलेगा. क्योंकि कृत्रिम बुद्धिमता जो कि मनुष्य जैसा ही सोचता, समझता, लिखता, पढ़ता, सब कुछ करता हैं.

वैसे ही मशीन तकनीक का रूपरेखा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार होता हैं. हम इंसानों का जिस तरह से सोचने की क्षमता एवं स्पीड हैं. वैसे ही कृत्रिम बुद्धिमता मशीन को भी हम इंसानों से ज्यादा सोचने समझने तेज गति से काम करने अपना विचार प्रकट करने की क्षमता होता है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या हैं

आर्टिफिशियल Intelligence यानी कि कृत्रिम बुद्धिमता कंप्यूटर साइंस संगणक विज्ञान का एक ऐसा मशीन हैं. जिसके द्वारा मनुष्य जैसा किए जा रहे सभी प्रकार के कामों का रूपरेखा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन द्वारा तैयार किया जाता है. इसका मतलब कृत्रिम बुद्धिमता होता हैं.

वैसे Artificial और इंटेलिजेंस दोनों शब्‍द का अलग-अलग मतलब समझा जाए तो Artificial का मतलब बनावटी कृत्रिम होता हैं. इंटेलिजेंस का मतलब चतुर बुद्धिमान बुद्धिमता ज्ञानवान होता हैं.

यह कंप्यूटर साइंस का सबसे उन्नत टेक्नोलॉजी हैं. एआई तकनीक द्वारा एक ऐसा मशीन तैयार करते है. जो कि पूरा इंसानों की तरह काम कर सके या उससे बेहतर तथा तेज काम कर सके.

Artificial Intelligence आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैसे काम करता हैं  

एआई यानी कि कृत्रिम बुद्धिमता प्रौद्योगिकी द्वारा तैयार किए गए उपकरण या रोबोट पूरी तरह से हम इंसानों की जैसा सोच सकता है. विचार प्रकट कर सकता हैं. किसी फोटो या मनुष्य को देख कर उसके भाव को पढ सकता है. कैलकुलेशन कर सकता है. हम इंसानों से बेहतर तथा जल्द किसी भी प्रकार के सवालों का जवाब दे सकता हैं. 

जैसा कि रजनीकांत द्वारा अभिनीत फिल्म रोबोट में रजनीकांत के डबल रोल में जो रोबोट का सीन दिखाया गया हैं. उसमें जो रियल में रजनीकांत है. उनसे बेहतर रोबोट रजनीकांत का जो किरदार हैं.

वह काफी बेहतर तेज समझ तेज कार्य करने की क्षमता किसी भी इंसान को समझने की क्षमता हर प्रकार के विचार को प्रकट करने कार्य करने का जो तरीका हैं. वह रोबोट का सबसे बेहतर दिखाया गया हैं.

जहां तक रोबोट की बात की जाए तो वह हम इंसानों से तेज गति से सभी प्रकार का काम कर रहे हैं. कुछ देश में रोबोट का पूर्ण रूप से एक आम नागरिक की तरह है अधिकार दिया गया हैं.

कृत्रिम बुद्धिमता का इतिहास

दुनिया में सबसे पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में सोचने वाले और उसका विचार तथा उसके भविष्य के बारे में कार्य करने की क्षमता विकसित हुआ। इसके पूरे रूपरेखा का खाका तैयार करने वाले अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक John McCarthy थे। इन्‍होंने दुनिया को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बौद्धिक बुद्धिमता के बारे में वर्ष 1956 में इस टेक्नोलॉजी के बारे में बताया था.

इसके बाद से इस प्रौद्योगिकी के ऊपर बहुत सारे वैज्ञानिकों द्वारा अलग अलग अनुसंधान किया गया। लेकिन उसमें बदलाव करते हुए आज वर्तमान में इसको और भी ज्यादा विकसित कर दिया गया हैं. 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का लक्ष्य

नई तकनीक का मुख्य लक्ष्य है. वह इंसानों की जैसा या उनसे बेहतर काम करने वाले रोबोट यानि उपकरण को तैयार करना है. जो कि एक एक्सपर्ट की तरह काम करें.

जिसका व्यवहार बहुत तेज हो तथा उसको सीखने की क्षमता भी हम इंसानों से बेहतर हो. समझाने की क्षमता भी हम इंसानों से बेहतर हो और एक इंसान की जैसा किसी दूसरे व्यक्ति को भी किसी भी प्रकार का सलाह दे सकता हो. 

जैसे मानव को समझने की क्षमता हैं. उसी प्रकार से जो मशीन को भी एक मानव की जैसे समझने तथा सीखने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रौद्योगिकी द्वारा तैयार करना हैं.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कुछ उदाहरण

तकनीक द्वारा तैयार किए गए टेक्निक पूरी तरह से सिस्टम पर डिपेंड होता हैं. इस प्रौद्योगिकी द्वारा जो सिस्टम होता हैं. वह हम इंसानों की तरह ही पहले किसी बात को समझता हैं. उसके अनुसार विचार प्रगट करेगा.

ठीक जैसे हम इंसानों द्वारा किसी बात को समझ कर जब उस पर अपना विचार प्रकट किया जाता है। वैसा ही ऑटोमेशन सिस्टम में यानि की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक द्वारा तैयार किया गया मशीन भी बताता हैं.

1. मशीन लर्निंग 

Machine लर्निग का मतलब होता हैं कि यंत्र को भी सीखने की क्षमता होना चाहिए. एआई तकनीक द्वारा तैयार किए गए मशीन भी हम इंसानों की तरह हर समय कुछ नया सीखने की क्षमता रखता है.

एक वैसा उपकरण जो हम इंसानों की तरह सीखता हो समझता हो वैसे मशीन को तैयार करने के लिए कंप्यूटर प्रोग्रामिंग एल्गोरिथ्म द्वारा उसमें ऐसे टेक्निक को सेट करते हैं. जिसके द्वारा उससे सीखने अथवा पढ़ने की भी क्षमता होता हैं.

2. मशीन विजन

जिस तरह से हम लोग अपनी आंखों से देख सकते हैं. ठीक उसी प्रकार कंप्यूटर विज्ञान में भी एक ऐसे मशीन को तैयार किया जाए जो कि लोगों को देखने के काबिल हो. लोगों तथा दुनिया के बारे में देख कर महसूस करने की क्षमता रखता हो. उसमें हम इंसानों जैसा एक दूसरे के साथ देखने समझने महसूस करने की भी पूरी तरह से ज्ञान प्राप्त हो .

जैसे हम इंसान अपने आंखों से देख सकते है. ठीक उसी प्रकार उस उपकरण को भी देखने के लिए कोई लिमिटेशंस न हो. वह किसी भी चीज को बहुत ही आसानी से देख सके. इन प्रक्रिया को भी Machine vision प्रोसेस के नाम से जानते है.

3. प्राकृतिक भाषाओं को समझने की क्षमता 

जिस तरह से आम इंसान लगभग जितने भी भाषा होते है. उसके बारे में समझ रखते है या फिर जो हम लोगों का मात्रिभाषा या अन्य जो नजदीकी भाषा होता है. उसके बारे में जानकारी रखते है.

ठीक उसी प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्निक के माध्‍यम तैयार किए गए मशीन को भाषा का भी समझ होता हैं. जिसके तहत हम इंसानों की जैसा जो भाषा में बात होगा. हम एक दूसरे के साथ उस भाषा को समझते है ठीक वैसे ही यंत्र भी भाषा को भी समझ सके. 

एआई के कुछ एप्लीकेशन

1. व्यापार में बौद्धिक बुद्धिमता

किसी भी प्रकार के व्यापार में जब रोबोटिक्स यानी रोबोट सिस्टम का उपयोग किया जाता है तो व्यापार में किए जा रहे कामों का जितना इंसान को समय लगता है.

उससे कम समय में रोबोट उस काम को कर सकता है. इससे कंपनी को ज्यादा फायदा प्राप्त हो सकता है. बहुत से ऐसे बिजनेस हैं जिसमें अब कुछ रोबोट को भी इस्तेमाल करने का तैयारी या उसके बारे में प्लानिंग किया जा रहा है. 

2. एआई तकनीक का उपयोग शिक्षा में

यदि बच्चों के पढ़ाई में एआई टेक्निक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग होगा, तो किसी भी बच्चे को पूरी तरह से स्क्रीनिंग किया जा सकता हैं.

जानकारी प्राप्त किया जा सकता है कि वह कौन से सब्जेक्ट में कमजोर हैं. यह जानकारी हो जाने के बाद उसी सब्जेक्ट के बारे में उसको ज्यादा जानकारी अथवा ध्यान दिया जा सकता है. जिससे वह कम समय में उस विषय के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त कर सकता है. 

3. एआई तकनीक का उपयोग स्वास्थ्य के क्षेत्र में

एआई यानि बौद्धिक बुद्धिमता टेक्निक का उपयोग करके स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बहुत ऐसे चैलेंज है. जिसको दूर किया जा सकता हैं तथा बेहतर इलाज दिया जा सकता है.

एआई तकनीक का इस्तेमाल करके कम खर्च में बेहतर सुविधा बेहतर इलाज मरीजों को दिया जा सकता हैं. यंत्रों के इस्तेमाल से स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बहुत से ऐसे देशों में रोबोट का इस्तेमाल करके एक नई क्रांति का संचार किया जा रहा हैं.

कोरोना काल में ऐसा कहा जाता है कि चाइना में कोरोनावायरस के पेशेंट थे. उनको खाने पीने या जरूरत का जो समान होता था. उसको रोबोट के माध्‍यम उनके पास पहुंचाया जाता था. यह एक कमाल भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम का ही है.

4. एआई तकनीक का उपयोग फाइनेंस के क्षेत्र में

फाइनेंस के क्षेत्र में हिसाब किताब और डाटा को एनालाइज करने के लिए भी बहुत सारे मैन पावर तथा उसके लिए पैसे को खर्च करना पड़ता था.

लेकिन यदि एआई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके फाइनेंस मैनेज होगा तो बहुत कम समय में और बहुत कम पैसे खर्च करके बेहतर फाइनेंसियल मैनेजमेंट को कर लिया जाएगा. 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य 

आने वाले दिनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का और भी ज्यादा इस्तेमाल होगा. क्योंकि बौद्धिक बुद्धिमता टेक्नोलॉजी अपना करके बहुत ही कम समय में कम गति से कम खर्च एवं कम शारीरिक क्षमता का उपयोग करके कार्यों को किया जाएगा. बौद्धिक बुद्धिमता तकनीक का तेज गति से विकास हो रहा हैं.

बहुत से ऐसे देश है जहां पर रोबोट तैयार कर लिए है और वहां पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक द्वारा और भी रोबोट्स को तैयार किए जा रहे है और सुरक्षा की दृष्टि से भी वहां पर सुरक्षा के क्षेत्र में इस्तेमाल हो रहा है.

जहां तक भारत की बात की जाए तो भारत में भी सुरक्षा एवं अन्य टेक्नोलॉजी उपकरणों के उपयोग के लिए बौद्धिक बुद्धिमता तकनीक पर काम किया जा रहा है. और आने वाले समय में इसका बहुत ज्यादा उपयोग किया जाएगा.

एआई टेक्निक्स क्या हैं  

एआई टेक्निक्स के आधार पर ही सारे रोबोट्स अथवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व बौद्धिक बुद्धिमता के स्तर के मशीन को तैयार किया जाता हैं. और इस टेक्नोलॉजी के माध्यम से वैसे यंत्र को तैयार किया था जिसको समझने सीखने बोलने महसूस करने की छमता होता है.

सारांश  

ऐसा कहा जाता है कि कोई भी चीज जितना ज्यादा लाभकारी होता हैं उतना ही ज्यादा उसका नुकसान भी हो सकता है. ठीक वैसे ही Artificial Intelligence Features तकनीक द्वारा तैयार किया गया रोबोट अथवा जो मशीन हैं. वह इंसान की तरह तो काम करते है.

इंसान से बेहतर काम करते हैं. लेकिन कभी कभी इंसानों के ऊपर इन रोबोट अथवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का गलत प्रभाव भी हो सकता है. 

यदि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी द्वारा तैयार किया गया जो इंसानों के ऊपर हमला करना शुरू कर दें तो फिर इसका परिणाम क्या हो सकता है. यह कहना बहुत मुश्किल है.

इसलिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी जितना ही ज्यादा कारगर है उतना इसका भविष्य में और भी इस पर रिसर्च करके इसको बेहतर करके इंसान अथवा मानव जाति के लिए यह हानिकारक न हो. इसलिए इसको ज्‍यादा रिसर्च करने की जरूरत है. इसके लिए रिसर्च भी समय से हो रहा है. 

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