After 12th science – ट्वेल्‍थ के बाद क्‍या करे साइंस स्‍टूडेन्‍ट

ट्वेल्‍थ के बाद क्‍या करे साइंस स्‍टूडेन्‍ट 12वीं पास करने के बाद अक्सर बच्चों के मन में यह सवाल आता हैं कि 12th ke baad kya kare science student छात्र को सही जानकारी नहीं होने के कारण उनको 12वीं के बाद पता ही नहीं होता हैं कि किन क्षेत्रों में मुझे आगे पढ़ना चाहिए.

after 12th science courses list hindi ट्वेल्‍थ के बाद क्‍या करे साइंस स्‍टूडेन्‍ट जानकारी के अभाव में जिस सब्जेक्ट में उनका मन नहीं होता हैं उन्हीं सब को पढ़ना पड़ता हैं या फिर कम जानकारी के कारण सही विषय का चयन नहीं कर पाते हैं.

यदि आप भी 12वीं साइंस के बाद क्या करें ट्वेल्‍थ के बाद क्‍या करे साइंस स्‍टूडेन्‍ट यह बातें सोच कर के परेशान हैं तो बिल्कुल आप निश्चिंत हो जाएं. क्योंकि यहां पर आपको ट्वेल्‍थ के बाद क्‍या करे साइंस स्‍टूडेन्‍ट ट्वेल्थ साइंस के बाद क्या करना चाहिए. नीचे आपको सभी कोर्स के बारे में जानकारी विस्‍तार से दी गई हैं.

After 12th Science courses list hindi ट्वेल्‍थ के बाद क्‍या करे साइंस स्‍टूडेन्‍ट

ट्वेल्‍थ के बाद क्‍या करे साइंस स्‍टूडेन्‍ट छात्र के मन में यदि आगे के कोर्स के बारे में जानकारी हो तो वह 12वीं के पहले जब दसवीं पास करते हैं. उसी समय आगे के पढ़ाई के बारे में भी प्लानिंग करना शुरू कर देंगे. जिससे उनको आगे का जो कोर्स हैं. उसके बारे में उनका रुचि के हिसाब से आगे का पढ़ाई का पूरा खाका तैयार कर लेंगे. जिससे उनके सफलता में चार चांद लग सकता हैं.

छात्र जब 9वी या दसवीं क्लास में हो तभी से उसको यह जानकारी होना चाहिए कि आगे हमें क्या करना हैं. उसी के हिसाब से वह अपना 12वीं क्लास में भी विषय का चयन सही कर पाएंगे. फिर भी यदि आप 12वीं साइंस से किए हैं और उसके बाद आपको यह समझ में नहीं आ रहा हैं कि मुझे आगे किन क्षेत्रों में पढ़ाई करना चाहिए जिससे हमारा भविष्य बेहतर हो सके.

12th ke baad kya kare science student

ट्वेल्थ साइंस फिजिक्स केमेस्ट्री बायोलॉजी कोर्स के बाद क्या करें

ट्वेल्‍थ के बाद क्‍या करे साइंस स्‍टूडेन्‍ट यदि आपने 12वीं क्लास को साइंस सब्जेक्ट जिसमें फिजिक्स केमिस्ट्री और बायोलॉजी से आपने 12वीं को पूरा किया हैं और यह सोच कर के परेशान हैं कि आगे की क्षेत्र में मुझे क्‍या पढ़ाई करना चाहिए तो नीचे आपको सभी 11 कोर्स के बारे में जानकारी दी गई हैं.

After 12th science courses list in hindi (PCB)

  • MBBS
  • BHMS
  • BAMS
  • BUMS
  • B Pharma
  • Paramedical
  • BDS
  • BMLT
  • BVSC

 

  • B.Sc physics
  •  chemistry
  •  biology
  •  math
  •  zoology
  •  botany
  •  nursing
  •  dairy technology
  •  home science
  •  agriculture
  •  biotechnology
  •  anthropology

ऊपर दिए गए इन सभी कोर्स में से जो भी आप कोर्स में अच्छी जानकारी अथवा जिन कोर्स में आपको ज्यादा मन लगता हो या जो पसंद करते हैं.उस कोर्स का चयन करके आगे का पढ़ाई कर सकते हैं. आइए नीचे ऊपर दिए गए इन सभी कोर्स के बारे में एक-एक करके पूरी जानकारी विस्तार से जानते हैं.

MBBS –  एमबीबीएस का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी होता हैं. यदि आप डॉक्टर बनना चाहते हैं तो सबसे पहला पड़ाव आपको एमबीबीएस कोर्स से अपने डॉक्टरी की पढ़ाई को 12वीं के बाद शुरू करना होता हैं.

BHMS  – बीएचएमएस का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ़ होम्योपैथी मेडिसिन एंड सर्जरी होता हैं. इस कोर्स में होम्योपैथी से रोग का किस तरह से इलाज किया जाता हैं उसके बारे में पढ़ाया जाता हैं. जिसको करने के बाद आप एक होम्योपैथिक डॉक्टर के रूप में सेवा दे सकते हैं. होम्योपैथिक के क्षेत्र में भी अच्छे डॉक्टर का बहुत ज्यादा डिमांड एवं सम्मान हैं.

BMS – बीएमएस का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी होता हैं. बीएमएस कोर्स में आयुर्वेदिक दवाओं अथवा आयुर्वेदिक तरीके से रोगों का कैसे इलाज किया जा सकता हैं. उसके बारे में जानकारी दिया जाता हैं. जैसा कि हम लोग जानते हैं कि हमारे वेद पुराण अथवा ऋषि तपस्वी जो होते थे.

वह आयुर्वेदिक औषधि यानी कि प्राकृतिक जो चीज हैं. उसको किस तरह से आयुर्वेदिक दवाओं के रूप में तैयार करके और उस का सेवन करते थे. जिससे किसी भी प्रकार के रोग का इलाज किया जा सकता था. वर्तमान समय में भी आयुर्वेदिक औषधि का बहुत ज्यादा लोग आयुर्वेद पद्धति से उपचार भी कराते हैं.

BUMS – BUMS का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी होता हैं. यह एक मेडिसिन का अंडरग्रैजुएट्स कोर्स होता हैं. जिसमें यूनानी मेडिसिन और सर्जरी के बारे में जानकारी दी जाती हैं.

B.Pharma – बी फार्मा का मतलब बैचलर ऑफ फार्मेसी होता हैं. इसमें मेडिसिन के बारे में जानकारी दिया जाता हैं. इस कोर्स को करने के बाद आप किसी भी बड़े हॉस्पिटल या फिर आप अपना मेडिसिन का शॉप खोल करके आप अपना व्यापार कर सकते हैं. या फिर बी फार्मा कोर्स करने के बाद आप किसी सरकारी हॉस्पिटल में भी जॉब पा सकते हैं.

क्योंकि डॉक्टर जब भी किसी मेडिसिन के बारे में पेशेंट को एडवाइज देता हैं. उसके बाद सही तरीके से मेडिसिन को देख कर के रोगी को देने का काम फार्मेसिस्ट का ही होता हैं.

Para Medical – हॉस्पिटल में डॉक्टर और नर्स के बाद भी सारा काम संभव नहीं हो पाता हैं. क्योंकि हॉस्पिटल में जो मेडिसिन के संसाधन होते हैं उसका देखरेख उसका संचालन करने के लिए पारा मेडिकल स्टाफ की जरूरत होता हैं. क्योंकि हॉस्पिटल में जितने भी टेक्नोलॉजी टेक्नीशियन का काम होता हैं वह सारा पारा मेडिकल स्टाफ ही करते हैं. मेडिकल कोर्स में छात्र को हेल्थ केयर के सहायक के रूप में उनको जानकारी दिया जाता हैं. जिससे हेल्थ इंडस्ट्री को पूरी तरह से व्यवस्थित तरीके से मैनेज कर सकें.

BDS – बी डी एस का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी होता हैं. इस कोर्स में छात्र को डेंटल डिजीज या दांत से संबंधित जितने भी प्रकार के इलाज करने के तरीके और उसके बारे में जो जानकारी होता हैं. वही स्कूल में छात्र को बताया जाता हैं. इस कोर्स का डोनेशन 4 साल का होता हैं. जिसमें दांत से संबंधित जितने भी प्रकार के रोग होते हैं. उसके बारे में उनको डीप नॉलेज प्रदान किया जाता हैं.

BMLT  – BMLT का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ मेडिकल लैबोरेट्री एंड टेक्नोलॉजी होता हैं. इस कोर्स का डोनेशन 3 साल का होता हैं. इसमें छात्र को लेबोरेटरी को किस तरह से मैनेज किया जाता हैं. डायग्नोस्टिक का प्रोसीजर किस तरह से व्यवस्थित किया जाता हैं. लेबोरेटरी में तरह-तरह की जो जांच सैंपल को किस तरह से कनेक्ट किया जाता हैं और उसको किस तरह से मैनेज किया जाता हैं. इन सभी चीजों के बारे में इस कोर्स में जानकारी दिया जाता हैं.

BVSC –  BVSC का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंडरी होता हैं. इस कोर्स में पशु पक्षियों का इलाज कैसे किया जाता हैं. उनके रोग को किस तरह से ट्रीट किया जाता हैं. उसके बारे में जानकारी दिया जाता हैं जिससे पशु पक्षी का इलाज अच्छे तरीके से किया जा सके. यह nonhumen ट्रीटमेंट कोर्स होता हैं. ऊपर दिए गए इन सभी कोर्स के बाद आप सामान्य रूप से जो बीएसी का कोर्स होता हैं उसको भी आप कर सकते हैं. जिसका यहां विस्तृत जानकारी दी गई हैं.

B.Sc (Physics) – 12वीं के बाद आप जनरल B.Sc फिजिक्स के साथ यह  पढ़ाई कर सकते हैं जिसमें आपको बहुत चीजों के बारे में पढ़ाया जाता हैं.

B.Sc (Chemistry)  – रसायन विषय के साथ भी आप अपना B.Sc कोर्स को आगे जारी रख सकते हैं जिसमें आपको रासायनिक विधि अथवा उनके बारे में जानकारी दिया जाता हैं.

बीएसी (Biology)  – B.Sc ऑफ बायोलॉजी यानि की जीव विज्ञान से भी कर सकते हैं. यह सभी ऑनर्स विषय जेनरल होता हैं. जिसका अधिकतर लोग अपने कोर्स में शामिल करके B.Sc का पढ़ाई करते हैं. बायोलॉजी यानि जीव विज्ञान में आपको जीव से संबंधित जितने भी शरीर के बारे में जानकारी होता हैं उसके बारे में जानकारी दिया जाता हैं.

B.Sc (Math) – बीएसी मैथ्स विषय के साथ भी कर सकते हैं. जिसमें आपका मैथ ऑनर्स विषय होगा और इसको करने के बाद आप मैथमेटिक्स फील्ड अथवा आगे आप एमएससी मैथ से कर सकते हैं. इसके बाद आप एक मैथ के बहुत अच्छे शिक्षक बन सकते हैं.

बीएसी (Zoology)  – बहुत से ऐसे कोर्स होते हैं. जिसका कुछ स्पेशल ब्रांच होता हैं. ठीक वैसे ही बीएसई में कुछ स्पेशल विशेष तरीके का ब्रांच होता हैं. जिसका पढ़ाई किया जाता हैं. जूलोजी जी भी एक बीएसी का ब्रांच हैं जिसमें जानवर से संबंधित पढ़ाई किया जाता हैं. जिसमें जानवर के शरीर के बारे में उनके व्यवहार रहन-सहन आदि के तरीकों के बारे में पढ़ाया जाता हैं.

B.Sc (Botany)  – B.Sc Botany कोर्स में पर्यावरण को कैसे हरा भरा रखा जाए. जिससे जीवन लोगों का बेहतर बन सके और पौधों के जीवन का भी बेहतर तरीके से देखरेख हो सके. जितने भी प्रकार के पेड़ पौधे हैं उसका सही तरीके से देखरेख को इसके बारे में B.Sc Botany कोर्स में जानकारी दिया जाता हैं.

बीएसी (Nursing)  – डॉक्टर के साथ जो मेडिकल स्टाफ काम करते हैं. जिसको नर्सिंग स्टाफ के नाम से जाना जाता हैं. उसका पढ़ाई भी आप 12वीं के बाद B.Sc नर्सिंग कोर्स करके कर सकते हैं. जिसमें डॉक्टर के सहायक के रूप में काम कर सकते हैं. जिसमें मेडिकल के बारे में ही पढ़ाई करना पड़ता हैं.

B.Sc (Dairy Technology)  – B.Sc डेयरी कोर्स में किस तरह से डेहरी प्रोडक्ट्स को सही तरह से उसको रखा जाए. किस तरह से उसको प्रोसेस किया जाए उसका फूड कैसे तैयार किया जाए. कैसे प्रोसेस किया जाए डेयरी टेक्नोलॉजी में जो भी प्रोडक्ट तैयार होते हैं उसको किस तरह से तैयार किया जाए बनाया जाए ताकि जो दूध से बनने वाले प्रोडक्ट हैं. वह अच्छे तरीके से रह पाए और लोग उसका अच्छे से इस्तेमाल कर पाए. इसके बारे में B.Sc डेयरी टेक्नोलॉजी कोर्स में सिखाया जाता हैं.

बीएसी (Home Science) – B.Sc होम साइंस कोर्स का नाम से ही पता चलता हैं कि होम साइंस यानी कि गृह विज्ञान के बारे में पढ़ाया जाता होगा. जैसा कि एक ग्रिहणी को घर को किस तरह से मैनेज करना चाहिए परिवार और घर के जो रिसोर्सेज संसाधन हैं. उसको किस तरह से व्यवस्थित करना चाहिए ताकि परिवार अच्छी तरह से घर में रह पाए और घर की चीजों को किस तरह से मैनेजमेंट किया जाए इसके बारे में होम साइंस कोर्स में पढ़ाया जाता हैं.

B.Sc (Agriculture)  – बीएसी एग्रीकल्चर कोर्स करने के बाद आपको एग्रीकल्चर के बारे में काम करना होता हैं. इस कोर्स में कृषि संबंधित जानकारी दी जाती हैं कि किस तरह से कृषि को बेहतर किया जा सके. किसान को किस तरह से गाइड किया जाए कि जो अपना खेती करते हैं उसमें उनका अधिक पैदावार बढे. जो पौधे लगाए जाते हैं उसको किस तरह से ठीक से रखा जाए ताकि पैदा किसान का ज्यादा हो इन सभी चीजों के बारे में B.Sc एग्रीकल्चर कोर्स में बताया जाता हैं.

बीएसी (Biotechnology)  – बायो टेक्नोलॉजी नाम से ही पता चलता हैं कि बायोएनर्जी और टेक्नोलॉजी दोनों का एक मिश्रण होता हैं. जिसके बारे में इस कोर्स में जानकारी दिया जाता हैं. जैसे जो जीव हैं उनके और गेसिंग और जो बायोप्रोसेस कैसा माहौल होता हैं उसको इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी मेडिसिन और दूसरे फील्ड में किस तरह से उसको इस्तेमाल किया जाए.

B.Sc (Anthropology)  – इस कोर्स में मानव यानी इंसान के एंथ्रोपॉलजिस्ट्स अनुभव के अलग-अलग पहलुओं के बारे में समझाने की कोशिश किया जाता हैं. जैसे कि यह मानव सृष्टि बहुत पुराना हैं और पहले लोग किस तरह से अपने जीवन को जीते होंगे. उनके रहने खाने का क्या तरीका होगा उन सभी चीजों के बारे में रिसर्च करना इन B.Sc एंथ्रोपोलॉजी कोर्स में सिखाया जाता हैं.

Courses after 12th science with PCM in Hindi

जो भी छात्र 12th साइंस PCM करने के बाद क्या करें इन सवालों से भी परेशान रहते हैं. उन छात्रों के लिए भी आइए हम लोग नीचे जान लेते हैं कि वे सभी छात्र कौन कौन सा कोर्स कर सकते हैं.

B.E/ B.Tech.  – एक छात्र के लिए इंजीनियर बनना एक लक्ष्य होता हैं. सभी छात्र इंजीनियरिंग के बारे में जरूर सुने होंगे या जानते होंगे. यदि आप 12वीं फिजिक्स केमेस्ट्री मैथ के साथ किए हैं तो आप बी टेक अथवा बी ई कोर्स जो कि एक इंजीनियरिंग कोर्स हैं. इसको आप कर सकते हैं. यह कोर्स करने के बाद किसी एक खास ब्रांच अथवा खास क्षेत्र के इंजीनियर बन सकते हैं. आइए नीचे जान लेते हैं कि इंजीनियरिंग के ब्रांच कौन कौन से होते हैं.

इंजीनियरिंग के मुख्य ब्रांच 

 

Engineering ke mukhya branch

  • कंप्यूटर साइंस
  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी
  • सिविल इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
  • ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
  • टैक्सटाइल इंजीनियरिंग
  • माइनिंग इंजीनियरिंग
  • मरीन इंजीनियरिंग
  • इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग
  • केमिकल इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
  • टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
  • एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग

 B.Arch – Arch. का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ Architecture होता हैं. इस कोर्स को करने के बाद कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में डिजाइन उसका प्लानिंग उसका नक्शा उसका किस तरह से स्ट्रक्चर होना चाहिए बिल्डिंग में किस तरह का डिजाइन नक्शा आदि तैयार करने का काम सिखाया पढ़ाया जाता हैं. ट्वेल्‍थ के बाद क्‍या करे साइंस स्‍टूडेन्‍ट

BCA –  बी सी ए का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन होता हैं. इस Course में कंप्यूटर एप्लीकेशन के बारे में जानकारी दिया जाता हैं. जिसमें किस तरह से कंप्यूटर में एप्लीकेशन तैयार किया जाता हैं. किस तरह से प्रोग्रामिंग किया जाता हैं. सी लैंग्वेज क्या हैं सी प्लस प्लस क्या हैं. एचटीएमएल जावा सीसा कंप्यूटर से संबंधित चीजों के बारे में इस कोर्स में जानकारी दिया जाता हैं.ट्वेल्‍थ के बाद क्‍या करे साइंस स्‍टूडेन्‍ट.

BBA  – बी बी ए का फुल फॉर्म बैचलर आफ बिजनेस मैनेजमेंट होता हैं. इस Course में बिजनेस मैनेजमेंट कैसे किया जाता हैं. इसके बारे में पूरी जानकारी दिया जाता हैं जिसमें व्यापार को किस तरह से मैनेज किया जा सकता हैं. व्यापार को कैसे बढ़ाया जा सकता हैं. व्यापार कैसे किया जा सकता हैं पूर्ण रूप से व्यापार के बारे में बीबीए कोर्स में पढ़ाया जाता हैं.

LLB – एलएलबी का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॅा होता हैं. इस Course में यानी कि कानून के बारे में पढ़ाई किया जाता हैं. जिसमें कानून अथवा वकील का जो काम होता हैं. किस तरह से किसी के साथ वाद विवाद को कोर्ट में वकील के द्वारा रखा जाता हैं. उसको किस तरह से हैंडल किया जाता हैं. मतलब पूरी तरह से लॅा कानून के बारे में इस कोर्स में सिखाया जाता हैं. इस कोर्स का duration 3 साल से लेकर 5 साल का होता हैं.

BJML – BJML का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन होता हैं. इस Course में जर्नलिज्म में यानि की पत्रकारिता कोर्स के बारे में जानकारी दिया जाता हैं. इसमें प्रिंट मीडिया अथवा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से संबंधित पढ़ाई किया जाता हैं.

 B.J – बैचलर ऑफ जर्नलिज्म कोर्स में भी जर्नलिज्म पत्रकार का क्या काम होता हैं और पत्रकारिता में क्या करना होता हैं. किस तरह से रिपोर्ट अथवा न्यूज़ को तैयार किया जाता हैं. इन सभी चीजों के बारे में इस कोर्स में जानकारी दिया जाता हैं.

BMC – BMC का फुल फॉर्म बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन होता हैं. इस कोर्स में एक पत्रकार को लोगों के साथ किस तरह से इंटरव्यू हैं किसी विषय पर चर्चा करना चाहिए. किस तरह से न्यूज़ को पेश करना चाहिए इन सभी चीजों के बारे में पढ़ाया जाता हैं.

12th साइंस के बाद और भी कुछ कोर्स का लिस्ट इस प्रकार हैं

  • Hotel management course
  • Designing course
  • Film course
  • Dancing course
  • Singing course
  • Defence course
  • Travel and tourism course
  • Diploma in cutting and tailoring course
  • Drawing and painting course
  • Dress designing course
  • Fashion designing course

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ट्वेल्‍थ के बाद क्‍या करे साइंस स्‍टूडेन्‍ट -12th साइंस के बाद क्या करें इन सवालों का जवाब ऊपर आपको जरूर मिल गया होगा. फिर भी यदि 12th ke baad kya kare science student ट्वेल्‍थ के बाद क्‍या करे साइंस स्‍टूडेन्‍ट इन सवालों से संबंधित कोई आपके मन में कंफ्यूजन हैं तो आप कमेंट करके जरूर पूछ सकते हैं और ऊपर दी गई यह जानकारी आप लोगों को कैसा लगा कृपया कमेंट करके अपना राय जरूर बताएं और इस जानकारी को अपने दोस्त मित्रों के साथ शेयर जरूर करें. ट्वेल्‍थ के बाद क्‍या करे साइंस स्‍टूडेन्‍ट.

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