बी. टेक. क्या है कोर्स,योग्यता,सिलेबस, करियर व फायदें

B Tech kya hai – वर्तमान समय में भारत के सबसे लोकप्रिय कोर्स बी. टेक. इंजीनियरिंग कोर्स है. भारत के अधिकतर छात्र बी. टेक. कोर्स के प्रति बहुत ज्यादा आकर्षित हैं. 12वी के छात्र जो B.Tech के बारे में थोड़ा बहुत जानकारी रखते हैं 

वे अक्सर इंटरनेट पर बी. टेक. क्या है बी. टेक. क्या होता है बी. टेक. कोर्स क्या है को सर्च करते हैं. यदि आप भी इन सभी सवालों का जवाब जानना चाहते हैं तो इस लेख में आपको बी. टेक. कोर्स के बारे में पूरी जानकारी नीचे विस्तार से दिया गया है.

बी. टेक. एक अंडरग्रैजुएट्स कोर्स है. जिसमें टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग के बारे में जानकारी दिया जाता है. पहले एक समय हुआ करता था जब बीए, बीएससी, बी कॉम कोर्स को सबसे ज्यादा लोकप्रिय माना जाता था. लेकिन आज के समय में इन सभी कोर्स का उतना ज्यादा महत्व नहीं है. जिसके चलते आज हर छात्र इंजीनियरिंग करना चाहता है जिसमें बी. टेक. कंप्यूटर साइंस, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग आदि को सबसे ज्यादा लोग पसंद कर रहे हैं.

बी. टेक. क्या है

बी. टेक. एक प्रकार का प्रोफेशनल कोर्स है जिसको 12वीं पास करने के बाद किया जाता है. स्नातक स्तर के कोर्स के श्रेणी में आने वाला बी. टेक. एक सबसे महत्वपूर्ण कोर्स है. जितने भी स्नातक स्तरीय कोर्स है उन सभी का Duration 3 साल का होता है. जबकि बी. टेक. कोर्स का Duration 4 साल का होता है.

भारत में अंडर ग्रैजुएट लेवल के बहुत से कोर्स हैं जैसे बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, बी फार्मा, एलएलबी, बैचलर ऑफ जर्नलिज्म, के अलावा और भी कई कोर्स हैं जोकि किया जाता है उन सभी कोर्सों में और बी. टेक. कोर्स में काफी अंतर है. सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने (13+ तरीके ) , योग्‍यता, कोर्स व कार्य

क्योंकि बी. टेक. कोर्स करने के बाद इंजीनियर की उपाधि प्राप्त होता है जबकि ऊपर बताए गए कोर्स जैसे बीए, बीएससी, बीकॉम इत्यादि कोर्स को करने के बाद एक सामान्य अंडर ग्रेजुएट की उपाधि मिलती है.

B Tech kya hai

बी. टेक. कोर्स की महत्वपूर्ण पॉइंट्स

KEY

Points

डिग्री का नाम

बैचलर आफ टेक्नोलॉजी

प्रचलित नाम

बी. टेक.

लेवेल 

अंडरग्रैजुएट्स

ड्यूरेशन

4 साल

सेमेस्टर ड्यूरेशन

Six Months

एडमिशन प्रक्रिया

एंट्रेंस एग्जाम एवं अन्य

योग्यता

12वीं पास फिजिक्स केमिस्ट्री मैथ किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से

कोर्स फी

एक लाख से दस लाख तक सालाना

टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज

आईआईटी, एनआईटी, बीआईटीएम, आईटीआईटीएस इत्यादि

टॉप कंपनी

गूगल, एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, टाटा कंसलटेंसी, इंटेल, हिंदुस्तान युनिलीवर, एसेंचर, विप्रो, डेल आदि।

बी. टेक. में कैरियर

 कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मरीन इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग इत्यादि

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What is B.Tech Course in hindi

भारत में इंजीनियर को एक सामान्य की दृष्टि से देखा जाता है तथा एक बेहतर इंजीनियर को भारत के जो भी बेहतर कंपनी है उनके द्वारा एक बेहतर नौकरी भी ऑफर किया जाता है. इसीलिए आज के समय में बी. टेक. कोर्स को बहुत ज्यादा लोग पसंद कर रहे हैं. 

वैसे पहले भी बी. टेक. कोर्स को बहुत ज्यादा पसंद किया जाता था लेकिन उन दिनों बहुत कम ही लोग बी. टेक. कोर्स को करते थे क्योंकि लोगों को जानकारी कम था पैसा की समस्या थी कॉलेज कम थे और बी. टेक. कोर्स के नाम से लोग काफी डर जाते थे 

क्योंकि यह सभी छात्रों के लिए करना संभव नहीं था. बीटेक. कोर्स करने के लिए बहुत ही ज्यादा मेहनत की जरूरत है तभी इस क्षेत्र में एक बेहतर कैरियर को बनाया जा सकता है. 

सामान्य तौर पर और भी जो अंडरग्रैजुएट कोर्स हैं उसके तुलना में बी. टेक. कोर्स करने वाले छात्र को कुछ एक्स्ट्रा मेहनत के साथ बेहतर तरीकों से पढ़ाई को आगे बढ़ाना होता है. जिससे बीटेक. कोर्स करने के बाद समाज देश के लिए कुछ वैसा कार्य करके दिखाएं जिससे देश समाज के लिए एक नई आयाम स्थापित किया जा सके.

वैसे आज के समय में हर साल लाखों की संख्या में बीटेक. कोर्स करके इंजीनियर बनते हैं लेकिन उनमें से बहुत कम वैसे इंजीनियर होते हैं जो कि बेहतर नौकरी प्राप्त कर पाते हैं 

बीटेक. कोर्स करने के बाद भी बहुत से ऐसे छात्र हैं जिनको बेहतर नौकरी नहीं मिल पाता है जिसके पीछे कारण यह है कि वह पढ़ाई को सही तरीके से नहीं करते हैं 

जिसके कारण उनको नौकरी के लिए भटकना भी पड़ता है इसलिए इस कोर्स को करने से पहले इसका तैयारी करें उसके बाद एक बेहतर कॉलेज का चयन करें तब B.Tech कोर्स करके आप सफल हो सकते हैं. 14+बेस्‍ट कंप्यूटर कोर्स करके नौकरी पायें

बी. टेक. कोर्स के लिए योग्यता

वैसे छात्र जो बीटेक. कोर्स करना चाहते हैं उनको भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड स्कूल कॉलेज से फिजिक्स केमिस्ट्री मैथ विषय के साथ 12वीं पास होना चाहिए. 

बीटेक. कोर्स में एडमिशन कराने से पहले एक छात्र को यह भी निर्णय लेना पड़ता है कि उसको सरकारी बी. टेक. कॉलेज से इंजीनियरिंग करना है या प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज से बी. टेक. करना है. 

इस को निर्धारित करने के लिए एक छात्र को 12वीं में बेहतर अंक प्राप्त करना होता है.

यदि कोई छात्र 12वीं क्लास में 70 परसेंट से ज्यादा अंक प्राप्त करता है तो उसके लिए सरकारी या प्राइवेट दोनों कॉलेज में एडमिशन कराने के लिए एलिजिबल है. लेकिन भारत के बेहतर कॉलेज में एडमिशन कराने के लिए सबसे पहले इंजीनियरिंग का एंट्रेंस एग्जाम को Qualify करना पड़ता है.

जिसके लिए जेईई मेंस का एक्जाम देना पड़ता है उसके बाद जेईई मेंस में यदि आप बेहतर अंक प्राप्त करते हैं तो भारत के बेहतर संस्थान जैसे आईआईटी एनआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में आसानी से दाखिला मिल जाता है.

लेकिन यदि जेईई मेंस में बेहतर अंक प्राप्त नहीं होता है तो वैसे छात्र को भारत के प्राइवेट कॉलेजों में इंजीनियरिंग के लिए एडमिशन कराना पड़ता है. लेकिन भारत के बेहतर प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज में भी एडमिशन कराने के लिए राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है 

जैसे पश्चिम बंगाल के जितने भी प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज हैं उसमें यदि एडमिशन कराना हो तो उसके लिए WBJEE का एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है इसी प्रकार कर्नाटक में Comedk का इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है.

वैसे छात्र जो किसी भी इंट्रेंस एग्जाम में बेहतर अंक नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं उनके लिए डायरेक्ट एडमिशन किसी भी प्राइवेट कॉलेज में करा सकते हैं. 

किसी भी प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन कराने के बाद 4 साल अच्छे से मेहनत करके बी. टेक. कोर्स को पूरा करते हैं तो आगे अपने कैरियर को बेहतर बना सकते हैं.

बी. टेक. कोर्स ड्यूरेशन

बीटेक. कोर्स का ड्यूरेशन 4 साल का होता है जिसमें 8 सेमेस्टर का पढ़ाई किया जाता है. हर एक सेमेस्टर का डोनेशन 6 महीने का होता है. इन 4 सालों में 8 सेमेस्टर का अलग-अलग एग्जाम क्वालीफाई करना पड़ता है जिसके बाद बी. टेक. की डिग्री प्राप्त होती है. कंप्यूटर एक्सपर्ट कैसे बने,आठ 8 बेहतरीन तरीकें

बी. टेक. कोर्स स्पेशलाइजेशन या बी. टेक. कोर्स ब्रांच

बीटेक. कोर्स में कई अलग प्रकार के स्पेशलाइजेशन होता है जो एक छात्र अपने रूचि के अनुसार चयन करता है या यदि आप एंट्रेंस एग्जाम क्वालीफाई कर के किसी भी कॉलेज में जाते हैं तो कॉलेज के द्वारा आपके एंट्रेंस एग्जाम के Marks के अनुसार आपको स्पेशलाइजेशन दिया जाता है. आइए नीचे बी. टेक. के कुछ प्रमुख स्पेशलाइजेशन ब्रांच को जानते हैं.

  • B.Tech in Civil Engineering
  • B.Tech in Computer Science Engineering
  • B.Tech in Information Technology
  • B.Tech in Mechanical Engineering
  • B.Tech in Electrical and Electronics Engineering
  • B.Tech in Production Engineering 
  • B.Tech in Food Technology 
  • B.Tech in Electronics Engineering 
  • B.Tech in Software Engineering 
  • B.Tech in Cyber Security Engineering 
  • B.Tech in Marine Engineering 
  • B.Tech in Agriculture Engineering 
  • B.Tech in Chemical Engineering 
  • B.Tech in Genetic Engineering 
  • B.Tech in Electrical Engineering 
  • B.Tech in Chemical Engineering 
  • B.Tech in Petroleum Engineering 
  • B.Tech in Plastic Engineering

बी. टेक. सिलेबस

वैसे छात्र जो बीटेक. करना चाहते हैं उनके लिए आठ सेमेस्टर का सिलेबस का जानकारी नीचे दिया गया है.

1st Semester

2nd Semester

Physics I 

Data Structure 

Mathematics I 

Writing Skills

Chemistry 

Mathematics II 

Computing Fundamental and C 

Physics II 

Workshop Practice 

World Civilizations 

Communication and Presentation Skills 

Basic Electrical and Electronics Practice

Joy of Engineering

Environmental Studies

3rd Semester

4th Semester

Mathematics III

Emerging Life Sciences 

Critical Reasoning and System Thinking 

Material Science and Application

Engineering Drawing & Computer Aided Graphics 

Object Oriented Programming 

Etiquette and conversational skills

Database Management System 

Computer Organization and Architecture

Computer Networks 

Discrete Mathematics

Design and Analysis of Algorithms 

Fundamentals of Digital Logic

Operating Systems

5th Semester

6th Semester

Understanding Business 

Contemporary Challenges: Societal and Political 

Selling, Negotiating and Persuading Skills

Machine Learning and Data Mining 

Software Engineering 

Cryptography 

Optimization Techniques 

Internet of Things 

Artificial Intelligence 

Mobile Architecture and Programming

Microprocessor-Based System Design

7th Semester

8th Semester

Innovation and Entrepreneurship

Practice School III

Good Citizenry 

Distributed System

भारत के टॉप प्रमुख सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज

भारत के टॉप प्रमुख सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मुंबई

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी दिल्ली

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मद्रास

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी दिल्ली

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी दिल्ली

दिल्ली यूनिवर्सिटी

कोलकाता इंटरसिटी

केरला यूनिवर्सिटी

भारत के टॉप प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज

भारत के टॉप प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज

बीआईटीएस पिलानी

आईसीटी मुंबई

भीआईटी वेल्लोर

थापर इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी पटियाला

इंडियन इंस्टीट्यूट आफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी तिरुवंतपुरम

आईटीआर भुनेश्वर

बीआईटी मिश्रा रांची

एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा

एसएससीई चेन्नई

बी. टेक. कोर्स के फायदे

टेक्नोलॉजी का दिनोंदिन विकास हो रहा है जिसके कारण आज हर काम कंप्यूटर से ही किया जा रहा है इसलिए आज के समय में कोई भी छात्र चाहे किसी भी फील्ड में काम करने के लिए उत्सुक हो उसे किसी भी क्षेत्र में काम करने के लिए कंप्यूटर का उपयोग जरूर करना पड़ेगा. इसलिए B.Tech कोर्स का सबसे बड़ा फायदा है कि आप कंप्यूटर टेक्नोलॉजी में  कैरियर बना ही सकते हैं 

उसके साथ साथ किसी भी क्षेत्र में अपने कैरियर को आगे बढ़ा सकते हैं क्योंकि टेक्नोलॉजी कंप्यूटर के बारे में जानकारी रखने से एक छात्र को किसी भी फील्ड में नौकरी आसानी से मिल जाता है. इसलिए आज के समय में कंप्यूटर का कोई भी कोर्स किसी भी छात्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है.

बी. टेक. कोर्स के बाद केरियर

बीटेक. कोर्स यदि किसी भी स्पेशलाइजेशन के साथ करते हैं तो उसका उपयोग प्राइवेट या सरकारी दोनों जगह पर है उदाहरण के लिए यदि आप मैकेनिकल से बी. टेक. करते हैं तो मेकेनिकल इंजीनियर के रूप में काम कर सकते हैं 

मैकेनिकल इंजीनियर का काम है ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में नए तरह के मशीनरी चीजों का अविष्कार करना उस पर काम करना वैसे ही यदि आप कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करते हैं तो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस, सॉफ्टवेयर टेस्टर के रूप में काम करने का मौका मिलता है ठीक इसी प्रकार यदि किसी भी स्पेशलाइजेशन से बी. टेक. करते हैं तो उसका उपयोग भारत के साथ-साथ विदेशों में भी बहुत ज्यादा है. 

बी. टेक. का फुल फॉर्म

B.Tech ka Full Form – बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी होता है जिसको हिंदी में स्नातक स्तर का तकनीकी कोर्स कहते हैं. इसको हिंदी में स्नातक प्रौद्याेगिकी कोर्स के नाम से भी जान सकते हैं.

B.Tech और B.E में अंतर

बी. टेक. और B.E दोनों ही इंजीनियरिंग का ही कोर्स है इन दोनों कोर्स में 90 परसेंट समानता है. लेकिन इसमें 10 परसेंट का अंतर भी है.

बीटेक. कोर्स पूरी तरह से टेक्निकल प्रैक्टिकल कोर्स है. जबकि बी ई इंजीनियरिंग में theoretical कोर्स है जबकि बी. टेक. में प्रैक्टिकल नॉलेज पर फोकस किया जाता है.

FAQ

बीटेक में कितने सब्जेक्ट होते हैं

बीटेक में कुल 43 विषय होते हैं वैसे ही मैं और कुछ विषय हैं जो प्रैक्टिकल के रूप में होते हैं.

बीटेक में क्या-क्या पढ़ाया जाता है

बीटेक में कंप्यूटर साइंस सिविल इंजीनियरिंग मैकेनिकल इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के अलावा और बहुत सारे चीजों को सिखाया जाता है पढ़ाया जाता है.

बीटेक करने के बाद कितनी सैलरी मिलती है

भारत में बीटेक करने के बाद शुरुआत में 20000 से लेकर 50 हजार एक लाख तक का सैलरी मिल सकता है लेकिन उसके लिए छात्र के जानकारी पर निर्भर करता है.

बीटेक में कौन-कौन सी ब्रांच होती है

Computer science, civil, mechanical, electrical engineering, के अलावा और भी कई महत्वपूर्ण ब्रांच होता है.

क्या मैं 3 साल में बीटेक पूरा कर सकता हूं

3 साल में भी बीटेक को पूरा किया जा सकता है लेकिन उसके लिए वैसे छात्र 3 साल में बीटेक पूरा कर सकते हैं जो किसी भी कॉलेज से पॉलिटेक्निक कोर्स को कंप्लीट किये हैं. उनको डायरेक्ट सेकंड ईयर में एडमिशन लेटरल एंट्री के साथ मिल सकता है.

12वीं के बाद बीटेक कैसे करें

इंजीनियरिंग के इंट्रेंस एग्जाम क्वालीफाई करें. इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन कराएं. उसके बाद पढ़ना शुरू करें इस तरह से बीटेक कंप्लीट कर सकते हैं.

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