राजपूत को काबू में कैसे करें

हम राजपूत को काबू में कैसे करें कृपया निवेदन है कि इस सवाल को काबू में रहकर पूछें। क्योंकि इस तरह का सवाल उचित नहीं है। आप क्यों राजपूत को काबू करना चाहते हैं। कोई भी जाति या समुदाय किसी का वैरी नहीं है। समाज में हर जाति के लोग रहते हैं। जिनसे यदि प्रेम, सम्मान, प्यार, दोस्ती के साथ संबंध निभाया जाए, तो उनको प्यार से किसी बात हेतू समझाया जा सकता है। लेकिन राजपूत को काबू करना नामुमकिन है। क्योंकि राजपूत जाति सम्मान के लिए सब कुछ करगे।

राजपूत समाज में कई महामानव जन्म लिए हैं। जिन्होंने इस देश, समाज हेतू कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। इतिहास में जाएंगे तब आपको पता चलेगा। 1857 भारत के आजादी हेतू भोजपुर जिला के रहने वाले बाबू वीर कुंवर सिंह ने अपने अंतिम समय 80 साल की उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ अजादी की लड़ाई लड़ी थी। ऐसे ही अनेकों उदाहरण है, जो राजपूत समाज की शौर्य, ताकत, पराक्रम को प्रदर्शित करते हैं।

राजपूत को काबू में क्यों करना चाहते हैं

भाई आप इस तरह का सवाल क्यों पूछ रहे हैं। आपको राजपूत से क्या परेशानी है। राजपूत समाज हमेशा हर वर्ग, जाति के साथ सम्मानजनक व्यवहार करते हैं। फिर भी कुछ लोग हैं, जो कि राजपूत को काबू करने का प्रयास करते हैं। तब उन लोगों को यह जानना चाहिए। किसी को भी काबू करना बहुत ही मुश्किल कार्य है।

त्रेता युग में भगवान रामचंद्र जी का जन्म भी राजपूत समाज में ही हुआ था। उनके आदर्श, विचार, गुण, शिक्षा मानव समाज हेतू सर्वोपरि हैं। उनके द्वारा बताए गए मार्ग आज हम सभी लोगों को मार्गदर्शन का काम करता है। भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने हम मानव हेतू एक आदर्श स्थापित किया है। भगवान का जन्म राजपूत समाज में हुआ था। जिनका मान सम्मान पूरे दुनिया करती हैं। उन लोगों के प्रति नफरत का भाव रखना बहुत ही गलत होगा।

हमारा अनुभव है। हम अपने जीवन में कभी भी गलत व्यवहार, आचरण राजपूत समाज द्वारा नहीं सुने हैं। बुराइयों सत्य हेतू आवाज उठाना, अच्छा माहौल बनाना, विकास हेतू आगे आना यह सभी चीज राजपूत समाज का लक्ष्‍य है।

Rajput Ko Kabu Mein Kaise Karen - राजपूत को काबू में कैसे करें

राजपूत का मतलब क्या होता है

राजपूत का मतलब राजा का पुत्र होता है। जिसको आप काबू में करना चाहते हैं। राजा को कभी भी काबू में किया जा सकता है। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं। यह भगवान ने जन्म लेकर सिद्ध किया है। भगवान रामचंद्र जी ने राजा बनकर राजपूत समाज में जन्म लिया था। जिन्होंने कई आतताइयों का अंत किया था। जिन में रावण प्रमुख आतताई था। जो पूरे दुनिया पर अत्याचार करता था।

अब ऐसे जाति की प्रति कुछ गलत सोचना भी बहुत बड़ा गलती है। इसलिए ऐसा विचार अपने मन में लाना छोड़ दें। नहीं तो उन लोगों का मिजाज बहुत ही ज्यादा उग्र होता है जिससे पंगा लेना महंगा पड़ सकता है इसीलिए ऐसे भाव को लाना भूलना होगा।

राजपूत को काबू में कैसे करें

सवाल सोच समझकर पूछना चाहिए। क्योंकि दुनिया में किसी भी व्यक्ति को इस तरह से सवाल पूछने का हिम्मत नहीं होना चाहिए। हां यदि प्यार से सम्मान से ज्ञान से पहचान से दोस्ती से कुछ सहायता पाना चाहते हों। तब उसके लिए नीचे हम कुछ स्टेप बताएंगे। जिससे राजपूत समाज के लोगों से मदद जरूर ले सकते हो।

सम्मान देकर

रिस्पेक्ट, आदर एक बहुत ही अच्छा चीज है। जिससे किसी भी जाति, समुदाय, व्यक्ति को आकर्षित किया जा सकता है। कुछ लोग होते हैं जिनको किसी आदमी से कुछ सहायता की जरूरत होती है। उन लोगों हेतू सम्मान एक अच्छा तरीका है। जिससे वह अपने काम के लिए रिक्वेस्ट कर सकेंगे।

प्यार आत्म सम्मान

अगर राजपूत को काबू में ही करना चाहते होंगे, तो उनके पास जाकर प्यार से हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट करें। हो सकता है क‍ि कुछ मदद या हेल्प की जरूरत है, तो वह करेंगे। लेकिन ऐसा कोई यंत्र, तंत्र नहीं है जिससे उनको काबू में कर पाएंगे। इसीलिए हम प्यार की बात कर रहे हैं। क्योंकि उनसे दुश्मनी करोगे तब कुछ हासिल नहीं कर पाओगे। हां एक चीज ध्यान रखना चाहिए, कि जो लोग भी चाहते हैं कि प्यार से हम धोखा देंगे। वे लोग सतर्क रहें। क्योंकि धोखेबाजी करोगे तो फिर पकड़े जाओगे। जिसे हर्जाना चुकाना बहुत कीमती होगा। इसलिए ईमानदारी से प्यार पूर्वक उनके सामने कुछ जरूर काम हो तो रिक्वेस्ट करें।

दोस्ती करके

मित्रता भगवान रामचंद्र जी ने विभीषण जी, सुग्रीव, निषाद राजगुह के साथ निभाया था। उनके ही वंशज राजपूत समाज हैं। भगवान रामचंद्र जी ने मित्रता हेतू बाली को भी समाप्त कर दिया था। यदि आप स में राजपूत समाज को काबू में करना चाहते हैं। तब उनके साथ आपको ईमानदारी पूर्वक मित्रता एक रास्ता है। जिससे उनके साथ अच्छा संबंध स्थापित कर पाएंगे।

सहायता करके

हर आदमी के जीवन में कभी न कभी कुछ परिस्थितियां खराब होती हैं। उस समय उन लोगों का आप हेल्प करें। जिससे आपको भी उनसे कुछ मदद की आवश्यकता होगी, तो वह लोग भी जरूर करेंगे। क्योंकि दुख में जो साथ देता है। उसका कर्ज उतारना हर एक मानव का उचित धर्म है। जो कि किसी भी समाज के लोग इसको बड़े ही सम्मान द्धारा चुकाना पसंद करते हैं।

सम्मानजनक व्यवहार करें

मानव के पास शब्दों का ऐसा भंडार है। जिससे वह किसी को भी मोहित कर सकते है। हमारे शब्द लोगों के जीवन में कांटों का भी काम कर सकता है। जबकि हमारे अच्छे शब्द उनके फूल की तरह खिला सकता है। इसीलिए हमें वैसे शब्दों का चयन करना चाहिए। जिसे सुनने के बाद कोई भी व्यक्ति प्रसन्न हो जाए। यदि ऐसा करते हैं तो राजपूत को भी आप काबू में जरूर कर पाएंगे।

क्षत्रिय को काबू में कैसे करें

क्षत्रिय का मतलब मैदान में लड़ने के लिए हमेशा तैयार रहना हैं। जिनका जन्म ही पृथ्वी पर बुराई के खिलाफ लड़ने के लिए हुआ है। उन्हें क्षत्रिय कहते हैं। अब जो स्वयं बुराई के खिलाफ लड़ने हेतू इस पृथ्वी पर आए हैं। उनको काबू में करने को कैसे सोच सकते है। समाज में संतुलन बनाए रखने हेतू हर जाति का अपना अलग भूमिका होता है। 

सभी क्षत्रिय राजा राज्य की व्यवस्था प्रणाली को मजबूत बनाने हेतू अपनी भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार से ब्राह्मण जाति मानव जीवन में आदर्श स्थापित करने हेतू काम करते हैं। जिनका काम संसार के व्‍यक्‍तियो को ज्ञान, मार्गदर्शन, ईमानदारी, भगवान का चिंतन मनन पूजा पाठ को समाज में उचित मार्गदर्शन देने के लिए काम करते हैं।

सारांश

एक मानव हमेशा हम हर जाति, धर्म के साथ सामंजस्य का अवसर रखते हैं। जो भी हमारे पाठक हैं। वे भी इसका जरूर ख्याल रखेंगे। क्योंकि यह पूरी दुनिया में जितने भी लोग रहते हैं। उन लोगों का हमें विशेष ध्यान रखना चाहिए। जिससे मानव जीवन का असली विचार मानवीय धर्म चरितार्थ होता है। इसीलिए किसी भी जाति समुदाय के प्रति गलत सोच, व्यवहार, आचरण नहीं रखना चाहिए। राजपूत समाज भी एक आदर्श वादी हैं। इसलिए उनको काबू में करने की बात समझ से बाहर हो सकती है।

हां यदि उन लोगों से यदि आप किसी तरह का कुछ काम या आशा रखते हैं, तो जरूर उसके लिए आप जवाब यहां प्राप्त किए हैं। हम आशा करते हैं कि राजपूत को कंट्रोल काबू में कैसे करें की पूरी जानकारी आपको इस पोस्ट में जरूर मिल गया होगा।

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