यूट्यूब का मालिक कौन हैं

यूट्यूब का मालिक कौन हैं जब भी हमें किसी भी चीज के बारे में जानकारी प्राप्त करना होता हैं तो हम लोग फटाफट YouTube पर सर्च करते हैं.

लेकिन YouTube ka malik kaun hai in hindi यूट्यूब का मालिक कौन हैं यूट्यूब को किसने बनाया इसके बारे में नहीं सोचते हैं सिर्फ YouTube पर सर्च करने के लिए इस्तेमाल करते हैं लेकिन यूट्यूब किस देश की कंपनी हैं.

यूट्यूब को कैसे बनाया गया YouTube ka malik kaun hai के बारे में भी जानकारी रखना आवश्यक हैं. तो अगर यूट्यूब को कब बनाया गया इसको किस काम के लिए शुरू किया गया था यूट्यूब को कब आम लोगों के लिए शुरू किया गया के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं. टी सीरीज का मालिक कौन हैं

YouTube ka malik kaun hai 

जब भी हमें किसी भी तरह का गाना देखना हैं मूवी देखना हैं किसी भी तरह का कोई जानकारी प्राप्त करना हो तो सबसे पहले गूगल पर सर्च करके उसके बारे में जानते हैं Youtube ka malik गूगल हैं YouTube ka malik Name – Google हैं यानी कि यूट्यूब गूगल का सहायक कंपनी हैं.

लेकिन यूट्यूब को गूगल ने नहीं बनाया हैं इसको बनाने वाला कोई और हैं यूट्यूब को अमेरिका के पेपल के तीन कर्मचारी थे चाड हार्ले स्टीव चैन और जावेद करीम इन तीनों ने मिलकर बनाया था.

youtube ka malik kaun hai in hindi

यूट्यूब क्या हैं 

यूट्यूब एक ऐसा बड़ा प्लेटफार्म हैं वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म हैं जिस पर की हर रोज करोड़ों लोग वीडियो शेयर करते हैं और देखते भी हैं और वीडियो शेयर करके इस पर लाखों करोड़ों का कमाई भी कर रहे हैं यह एक ऐसा बेवसाइट हैं जिस पर की दुनिया के किसी भी कोने से किसी भी चीज के बारे में अगर सर्च किया जाए तो उस पर उसी समय जवाब मिल जाता हैं.

किसी भी तरह का पढ़ाई का क्वेश्चन हो किसी तरह का खाना बनाना हो डांस करना हैं सिलाई करना हो किसी भी तरह का वीडियो देखना हैं तो Youtube पर बहुत ही आसानी से मिल जाता हैं.

यह लोगों के लिए बहुत ही बेहतरीन कमाई का जरिया भी बन गया हैं लोग इस पर वीडियो देखने के साथ-साथ वीडियो अपलोड भी करते हैं जिससे कि लाखों करोड़ों का कमाई होता हैं.

साथ ही साथ Youtube पर वीडियो देखने के लिए किसी भी तरह का कोई अलग से चार्ज नहीं देना पड़ता हैं निशुल्क वीडियो इस पर देख सकते हैं कभी भी और कहीं भी किसी भी तरह का जानकारी यूट्यूब से प्राप्त कर सकते हैं.

यूट्यूब को किसने बनाया 

यूट्यूब को बनाने का श्रेय अमेरिका के पेपल के तीन पूर्व कर्मचारी चाड हर्ले  स्टीव चेन और जावेद करीम को जाता हैं इन्होंने यूट्यूब को 2005 में एक स्टार्टअप के रूप में शुरू किया था. पहले तो यूट्यूब अमेरिका में चलता था क्योंकि अमेरिका के ही तीनों पेपल के कर्मचारी ने बनाया था लेकिन जैसे-जैसे यूट्यूब ग्रो करने लगा वैसे इसको और भी कई देशों में लांच किया जाने लगा.

नवंबर 2006 में गूगल ने 1.65 बिलियन में यूट्यूब को खरीद लिया उसके बाद यूट्यूब पर मालिकाना अधिकार चाड हार्ले स्टीव चैन और जावेद करीम का नहीं रहा सिर्फ और सिर्फ इस पर गूगल का ही अधिकार हो गया. वर्तमान समय में गूगल के बाद जो सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला वेबसाइट हैं वह यूट्यूब भी हैं. यूट्यूब ट्रैफिक रैंक के अनुसार दूसरा रैंक पर हैं.

यूट्यूब को कैसे शुरू किया गया

जब भी किसी चीज का शुरुआत किया जाता हैं तो वह किसी कारण के वजह से ही किसी कमी के वजह से कोई ऐसी बात हो जाती हैं जिससे कि काम शुरू कर करना पड़ता हैं उसी तरह यूट्यूब शुरू करने के पीछे पेपल के तीन कर्मचारी चाड हर्ले स्टीव चेन और जावेद करीम के साथ भी था 2005 से पहले कोई भी ऐसा वेबसाइट या प्लेटफार्म नहीं था.

जिस पर की किसी भी तरह का वीडियो शेयर किया जा सके इसीलिए पेपल के तीनों कर्मचारी ने मिलकर एक शेयरिंग प्लेटफार्म बनाने के बारे में सोचा वह किसी शादी में गए थे.

वहीं पर उन्होंने एक वीडियो बनाया और उस वीडियो को शेयर करने के बारे में सोचा उसी समय उनके दिमाग में एक बेवसाइट बनाने का बात आया और उन्होंने youtube.com नाम का वीडियो शेयर करने के लिए वेबसाइट बना दिया.

यूट्यूब पर जो सबसे पहला वीडियो डाला गया था 23 अप्रैल 2005 को यूट्यूब बनाने वाले जावेद करीम ने हीं उस पर डाला और इस वीडियो का नाम me at the zoo था इस वीडियो को डालने के बाद बहुत ही लोगों ने इस वीडियो को देखना शुरू किया.

सबसे पहला Youtube पर जो वीडियो 1 मिलियन व्‍यूज आने वाला वीडियो Ronaldinho के द्वारा Nike एक विज्ञापन का वीडियो था वही सबसे ज्यादा व्यूज पाने वाला सबसे पहला वीडियो था. इसके बाद Youtube काफी पॉपुलर होने लगा इस पर बहुत सारे वीडियो डाले जाने लगे. 

15 नवंबर 2005 को यूट्यूब को ऑफिशियल लंच करने के बाद इस पर 100 मिलियन से भी ज्यादा व्यूज होने लगे लगे और यह बेवसाइट बहुत ही ज्यादा ग्रो करने लगा 13 नवंबर 2006 को गूगल ने यूट्यूब को खरीद लिया इसके बाद से यूट्यूब का मालिक गूगल हो गया.

इसलिए यूट्यूब से जो भी कमाई होती हैं वह गूगल के मालिक को ही मिलता हैं लेकिन उसमें से कुछ पैसे यूट्यूब के को फाउंडर्स को भी दिया जाता हैं. वर्तमान समय में यूट्यूब के सीईओ Susan wojcicki हैं और उन्होंने यूट्यूब को एक नए ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए दिन रात मेहनत किया हैं और यूट्यूब को इतना पॉपुलर करने के लिए इतना ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए यूट्यूब के सीईओ को ही श्रेया जाता हैं.

Youtube kaha ki company hai

यूट्यूब को बनाने वाले पेपल के 3 कर्मचारी चाड हार्ले स्टीव चैन और जावेद करीम अमेरिका के ही रहने वाले हैं और बाद में जब गूगल कंपनी ने Youtube को खरीदा वह भी अमेरिका की ही कंपनी हैं इसलिए यूट्यूब अमेरिका की कंपनी हैं यूट्यूब का हेड क्वार्टर अमेरिका के कैलिफोर्निया के San Bruno में स्थित हैं.

यूट्यूब को भारत में कब शुरू किया गया

यूट्यूब को 2005 में शुरू किया गया 2006 में गूगल कंपनी ने इसे खरीदा और अमेरिका के साथ-साथ दूसरे देशों के लिए भी इसे धीरे-धीरे शुरू किया जाने लगा पहले Youtube सिर्फ अमेरिका में ही लोगों के लिए शुरू किया गया था लेकिन इसका पॉपुलरीटी बढ़ने की वजह से इसे अन्य देशों में भी शुरू किया जाने लगा.

सबसे पहले भारत में यूट्यूब को 7 मई 2008 में गूगल के द्वारा लांच किया गया भारत में इसे शुरू करने के लिए बैनेट कोलमैन एंड कंपनी यूटीवी और राजश्री ग्रुप के चेयरमैन और जूम चैनल के साथ-साथ कई ऐसे प्रोडक्शन हाउस हैं उन्होंने मिलकर यूट्यूब चैनल को भारत में लांच किया.

जब भारत में यूट्यूब शुरू किया गया उसके बाद इसका प्रसिद्धि इसका लोकप्रियता और भी बढ़ने लगा और वर्तमान समय में भारत में भी बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो कि यूट्यूब पर अपना चैनल बनाकर लाखों करोड़ों का कमाई कर रहे हैं यूट्यूब पर सब्सक्राइबर 28 करोड़ से भी ज्यादा लोग भारत के हैं. 

यूट्यूब से फायदा

यूट्यूब से कई फायदे हैं जो कि किसी चीजों के बारे में जानने के लिए किसी भी व्यक्ति से जानकारी लेना पड़ता था वह भी बताने पर समझ में नहीं आता था लेकिन यूट्यूब पर किसी भी तरह के जानकारी अगर लेना हो किसी भी चीज के बारे में जानना हो तो उसके बारे में वीडियो के रूप में देख सकते हैं.

पहले किसी को कोई गाना देखना होता था कोई मनोरंजन या कॉमेडी देखना होता था तो उसके लिए सीडी डीवीडी का कैसेट खरीद करके घर में देखा जाता था.

लेकिन उसमें भी लिमिट होता था की कैसेट में 5 6 10 ही गाने रहेंगे लेकिन Youtube पर तो हर रोज नए पुराने किसी भी तरह का गाना या कॉमेडी फिल्म सीरियल या किसी भी तरह का टीवी का कोई शो देखना हो आसानी से बिना किसी शुल्क के देख सकते हैं.

यूट्यूब से पढ़ाई में फायदा

जब से कोरोनावायरस जैसी महामारी हुआ हैं सभी स्कूल कॉलेज बंद हो गए ऐसे में अगर यूट्यूब नहीं होता तो कोई भी बच्चा पढ़ाई नहीं कर पाता और सभी बच्चों का पढ़ाई एकदम बंद हो जाता

लेकिन यूट्यूब के वजह से सभी बच्चे वीडियो के माध्यम से अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं किसी का भी पढ़ाई में बाधा नहीं पड़ रहा हैं. यूट्यूब पर पढाई से संबंधित किसी भी तरह का विडियो बिल्‍कुल मुफ्त देखा जा सकता.  

यूट्यूब एक कमाई का जरिया हैं

वर्तमान समय में लोगों के लिए यूट्यूब कमाई का जरिया बन गया हैं लॉकडाउन में कई लोगों का नौकरी छूट गया कई कंपनियां बंद हो गई उस समय कई ऐसे लोग हैं जो कि यूट्यूब पर अपना चैनल बनाकर उस पर अपने जानकारी के अनुसार जिस क्षेत्र में उन्हें जानकारी हैं.

उसके बारे में वीडियो बनाकर अपलोड करके बहुत सारा कमाई कर रहे हैं यूट्यूब पर अपनी प्रतिभा दिखाने का लोगों को एक माध्यम हो गया हैं.

यूट्यूब से नुकसान

यूट्यूब से बहुत सारे फायदे हैं बहुत ही लोगों को पैसा कमाने का एक माध्यम बन गया हैं किसी भी तरह की जानकारी हासिल करने का एक माध्यम हैं लेकिन इससे कई तरह के नुकसान भी हो रहे हैं. जैसे कि

  • बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो Youtube पर अश्लील वीडियो बना कर डालने लगे हैं जो कि देखकर कई बच्चे अपने पढ़ाई से अपने काम से भटकने लगे हैं.
  • कई बच्चे ऐसे हैं जो कि पढ़ाई कर रहे हैं और पढ़ाई के दौरान पैसों के लालच में या अपना पापुलैरिटी बढ़ाने के लिए यूट्यूब पर वीडियो बनाकर डालने लगते हैं और उनका वीडियो तो पॉपुलर हो जाता हैं लेकिन उनका पढ़ाई बीच में ही रुक जाता हैं उनका कैरियर बर्बाद होने लगता हैं उनका ध्यान पढ़ाई से भटक कर वीडियो डालने पर यूट्यूब से कमाई करने पर ज्यादा हो जाता हैं.
  • छोटे-छोटे बच्चे हैं वह पढ़ाई वाला वीडियो तो देखते हैं लेकिन साथ ही साथ वह कई तरह के कार्टून देखने लगते हैं और उन्हें युट्यूब देखने का नशा एक लत ऐसा हो जाता हैं जिससे कि बच्चों की आंख पर बुरा प्रभाव पड़ रहा हैं बच्चे मोबाइल देखने का आदी होते जा रहे हैं कई माता-पिता ऐसे हैं जो कि अपना काम करने के लिए बच्चों को चुप रहने के लिए मोबाइल देखने के लिए दे देते हैं और यह बच्चों के स्वास्थ्य पर आंखों पर बुरा असर पड़ने लगता हैं. 

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सारांश 

इस तरह का सवाल अक्‍सर लोग सर्च करते हैंं यूट्यूब एक ऐसा प्लेटफार्म हैं जिस पर की जॉब अपॉर्चुनिटी कई जानकारियां प्राप्त करने का एक माध्यम हैं कई लोगों को अपने सपने पूरे करने का एक माध्यम हैं कमाई करने का एक माध्यम हैं बच्चों को पढ़ाई करने में सहायक हैं.

लेकिन इसके साथ ही कुछ नुकसान भी हैं इसलिए हर माता-पिता को अपने बच्चों पर ध्यान देना चाहिए कि वह वीडियो जो देख रहे हैं यूट्यूब पर वह सही हैं कि नहीं उनके पढ़ाई वाला हैं या किसी और का वीडियो देख रहे हैं.

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