Advocate kaise bane वकील कैसे बनें

वकील कैसे बनें. Vakil kaise bane वकील किसे कहते हैं. Vakil बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए. इसके लिए कौन सा कोर्स किया जा सकता है जिससे कि वकील बन सकते है. जो व्यक्ति वकालत करना चाहता है उसके मन में इस तरह का सवाल मन में जरूर आता है. 

हर कोई चाहता है कि लाइफ में पढ़ लिख कर बड़ा आदमी बन जाए. उस व्यक्ति का सपना होता है कि आगे चलकर किसी ऐसे क्षेत्र में जाएं जहां पैसों के साथ-साथ इज्जत सम्मान नाम हो लोग उसे जाने. 

Vakil बनने के लिए लोग बहुत ही परिश्रम से पढ़ाई करते हैं ताकि उस क्षेत्र में सफल होकर एक सफल वकील बनकर लोगों की सेवा करें. तो आइए इस लेख में जानते हैं कि वकील बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए. वकालत करने के बाद और कौन-कौन से कैरियर का विकल्प है. Vakil कितने कितने प्रकार के होते हैं. 

वकील कैसे बनें

Vakil बनने के लिए किसी भी व्यक्ति को इंटर पास करने के बाद एलएलबी की पढ़ाई करना पड़ता है.  एलएलबी कोर्स को ही वकालत की पढ़ाई कहा जाता है. जब कोई एलएलबी पास कर लेता है उसके बाद वह वकील बन सकता है. लेकिन उसको एक अनुभवी Vakil बनने के लिए लोगों का केस सॉल्व करने के लिए कुछ दिन ट्रेनिंग लेना पड़ता है. एक अच्छा वकील बनने के लिए पढ़ने की आदत होनी चाहिए.

एक अच्‍छा वकील बनने के लिए भाषा का सही ज्ञान होना चाहिए. अगर कोर्ट में बहस करें तो उस समय विचार करने की क्षमता होना चाहिए. किसी भी मुद्दे पर बात करने का तरीका पता होना चाहिए. किसी भी बात का निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए. 

आजकल के दौर में हर किसी के अंदर कुछ कर गुजरने का जुनून है. हर कोई सपना देखता है कि बड़ा आदमी बने बड़ा आदमी बन कर पैसा कमाए इज्जत कमाए नाम कमाए. 

तो ऐसे दौर में एक अच्छा Vakil बनना किसी भी व्यक्ति का सपना होता है. लेकिन उसके लिए सही दिशा में मेहनत करना पड़ता हैं.   

Vakil kaise bane 

क्योंकि किसी भी पढ़ाई को करने के लिए कड़ी मेहनत’ परिश्रम का जरूरत होता है तभी एक अच्छा वकील बना जा सकता है.

वकील किसे कहते हैं 

Vakil को इंग्लिश में एडवोकेट कहा जाता है. वकील का मतलब होता है कि कोर्ट में कानून के संदर्भ में रहते हुए दलील प्रस्तुत करना. जो व्यक्ति कानून की पढ़ाई किया हो कानून का विशेषज्ञ हो वही वकील कहलाता है.

सही अर्थ में वकील उसे कहते हैं जो व्यक्ति कोर्ट में न्यायालय में किसी भी व्यक्ति के लिए उसके तरफ से वाद प्रतिवाद करने का अधिकार प्राप्त करता है. Vakil को अधिवक्ता भी कहा जाता है.

किसी भी व्यक्ति को कानूनी सलाह देना किसी मामले में अगर जानकारी देना हो तो वह Vakil का ही काम होता है. और इसके लिए सबसे पहले वकालत की डिग्री प्राप्त करना पड़ता है.

एलएलबी क्या है 

जो व्यक्ति Vakil बनना चाहते हैं वकालत करना चाहते हैं. उन्हें पहले एलएलबी का कोर्स करना पड़ता है. एलएलबी एक कानून की पढ़ाई है. एलएलबी करने के बाद कानून और नियमों के बारे जानकारी प्राप्‍त किया सा सकता है. एलएलबी के पढ़ाई में देश के कानून व्यवस्था के बारे में कानून के नियमों के बारे में बताया जाता है. 

एलएलबी का फुल फॉर्म 

एलएलबी का सबसे प्रसिद्ध फुल फॉर्म bachelor of Legislative law होता है जिसको हिंदी में कानून का स्नातक कहा जाता है. एलएलबी का एक फुल फॉर्म Legum  Baccalaureus भी होता है. वैसे एलएलबी को अधिकतर लोग बैचलर ऑफ लेजिसलेटिव लॉ के नाम से ही जानते हैं.

Bachelor of Legislative law को हिंदी में विधि कानून का स्नातक कहा जाता है. एलएलबी को bachelor of liberal law भी कहा जाता है. जिसका हिंदी में अर्थ उदार कानूनों का स्नातक कहते हैं.

वकील बनने के लिए योग्यता 

जब भी हम लोग कोई कोर्स करते हैं तो उससे पहले कुछ योग्यता होनी चाहिए. तो Vakil बनने के लिए, वकालत करने के लिए, एलएलबी का कोर्स, में एडमिशन लेने के पहले किसी भी व्यक्ति को 12वीं पास होना बहुत ही जरूरी है. 12वीं पास करने के बाद ही लॉ की पढ़ाई किया जा सकता है.

  • एलएलबी का कोर्स एक 3 साल का होता है.
  • और एक 5 साल का होता है
  • तो जिसे 12वीं पास करने के बाद एलएलबी का कोर्स करना है उसे 5 वर्ष का कोर्स करना पड़ता है
  • जो स्नातक करने के बाद कोर्स करते हैं वह 3 वर्ष का बैचलर डिग्री कोर्स कर सकते हैं
  • एलएलबी में एडमिशन लेने के पहले एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है
  • जिसे कॉमन लॉ ऐडमिशन टेस्ट कहा जाता है.
  • भारत में लगभग हर जिले में एलएलबी करने के लिए कॉलेज है
  • जिसमें एडमिशन ले करके कोर्स किया जा सकता है.
  • एलएलबी में एडमिशन लेने के लिए 12वीं का सर्टिफिकेट जरूर होना चाहिए
  • अगर कोई 3 साल का वकालत करना चाहता है तो ग्रेजुएशन का सर्टिफिकेट उसके पास होना चाहिए और उसमें 50 परसेंट मार्क होना जरूरी है. 

 

वकील कैसे बनते हैं 

12वीं पास कोई भी व्‍यक्ति चाहे वे आर्ट्स, कॉमर्स या साइंस किसी भी सब्जेक्ट से उतीर्ण है तो Vakil बनने के लिए एलएलबी का कोर्स कर सकता हैं लेकिन उसके लिए नीचे बताये गये नियम व शर्त को पूरा करना होगा तभी एक अच्‍छे महाविद्यालय में नामाकंन मिल पाएंगा.

  • एलएलबी करने के पहले एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है.
  • जिसे कॉमन लॉ ऐडमिशन टेस्ट कहते हैं जो कि ऑल इंडिया लेवल पर सिलेक्ट किया जाता है.
  • यह एग्जाम बहुत ही प्रसिद्ध और पॉपुलर है
  • इसमें एलएलबी का कोर्स 5 साल में किया जाता है.
  • एलएलबी का जब कोर्स पूरा हो जाता है उसके बाद इंटर्नशिप किया जाता है
  • इंटर्नशिप करते समय कानून के बारे में कोर्ट कचहरी अदालत किस तरह से बहस करना है किस तरह से पक्ष रखना है उसके बारे में जानकारी प्राप्‍त किया जाता हैं.
  • जज के सामने कोर्ट का हीयरिंग कैसे लेना है
  • दो वकील किस तरह से बहस कर सकते हैं पक्ष रख सकते हैं
  • इसके बारे में इंटर्नशिप में बताया जाता है सिखाया जाता है
  • जब इंटर्नशिप पूरा हो जाता है
  • तो उसके बाद स्टेट बार काउंसिल में Enroll करना पड़ता है
  • यह एक ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन होता है
  • जिसको पूरा करने के बाद किसी भी कोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए सर्टिफिकेट दिया जाता है
  • इस एग्जाम को पास करने के बाद कोई भी व्यक्ति वकील के तौर पर प्रैक्टिस जारी रख सकता है
  • अगर कोई चाहे तो एलएलबी के बाद LLM की मास्टर डिग्री भी प्राप्त कर सकता है. 

वकील का क्या कार्य है 

किसी भी नौकरी में कोई व्यक्ति एक चीज में एक्सपर्ट रहता है जैसे कि इंजीनियरिंग में भी कई तरह के इंजीनियरिंग है कोई सिविल इंजीनियर होता है कोई मैकेनिकल इंजीनियर कोई कंप्यूटर इंजीनियर आदि इसी तरह वकील का भी अलग-अलग कार्य होता है. वकालत में भी एक अपना एरिया होता है.

जिसमें वह वकील एक्सपर्ट होता है तो जिस को जिस तरह का रूचि है. उस क्षेत्र को चुन सकता है. उसमें एक्सपर्ट बन सकता है. वकील का कार्य होता है कि

  • बहस के लिए कानूनी पेपर तैयार करना
  • कोर्ट में बहस करना
  • लोगो का उनका सही न्‍याय दिलाना
  • वकील का काम भारत का जो संविधान है. उस संविधान के अनुसार उसके नियम के अनुसार ही अपने क्लाइंट का काम करना.
  • जिससे असहाय लोगों का मदद किया जा सकता है.
  • उनका पक्ष रखा जा सकता है.
  • अपने क्‍लांइट को उस केश से जुड़े सही जानकारी देना.
  • कानूनी सलाह देना Vakil का कार्य होता है. 

वकील कितने प्रकार के होते हैं

वकालत तो जिसको रुचि होता है वह करता है. लेकिन इसमें भी कई प्रकार के वकील होते हैं. जिनको जिस क्षेत्र में रुचि होता है उस क्षेत्र का Vakil बनते हैं. 

क्रिमिनल लॉयर – क्रिमिनल नाम से ही पता चलता है कि क्रिमिनल लॉयर किसी भी गुंडे मवाली क्रिमिनल के द्वारा सताए गए व्यक्ति को पीड़ित व्यक्ति को इंसाफ दिलाने के लिए होते हैं. 

फैमिली लॉयर – आजकल बहुत ही लोगों के बारे में सुना जाता है कि पति पत्नी के बीच किसी भी तरह के झगड़ा हो गया और उन्हें तलाक चाहिए. तो ऐसी समस्या का समाधान करने के लिए फैमिली लॉयर का जरूरत होता है. फैमिली लॉयर डिवोर्स करवाते हैं. घरेलू मामलों में काम करना प्रतिनिधित्व करना फैमिली लॉयर का काम होता है. अगर किसी पति पत्नी के बीच किसी भी तरह का झगड़ा हो गया बच्चे की कस्टडी के लिए केश लड़ना है तो उसके लिए फैमिली लॉयर ही लड़ते हैं. 

कॉरपोरेट लॉयर – किसी भी तरह के व्यवसाय में जब दो व्यक्ति कांट्रैक्ट करते हैं तो पार्टी में डील होता है. और कांट्रेक्ट साइन करते हैं आगे चलकर दोनों पार्टी के बीच कॉन्ट्रैक्ट को तोड़ा जाता है या कॉन्ट्रैक्ट में किसी भी तरह की परेशानी होता है तो कॉरपोरेट लॉयर की मदद से उस केस को सॉल्व किया जाता है. 

Medical malpractice lawyer – हमेशा हम लोग सुनते हैं कि किसी हॉस्पिटल में किसी डॉक्टर के इलाज के दौरान व्यक्ति का जान चला जाता है. या मरीज का किसी भी तरह का नुकसान हो जाता है. मरीज डॉक्टर पर केस कर देता है तो ऐसे समय पर Medical malpractice lawyer का मदद लिया जाता है. 

टैक्स लॉयर – जो व्यक्ति नौकरी करता है या उसके पास किसी भी तरह का इनकम हर महीने आता है तो उस व्यक्ति को सरकार को हर महीने टैक्स भरना पड़ता है तो टैक्स से जुड़े अगर कोई समस्या है मुद्दा है तो उस समय टैक्स लॉयर से सहायता लिया जाता है. 

एंप्लॉयमेंट  लॉयर – किसी भी कंपनी में कितने ही सारे एंप्लोई कार्य करते हैं लेकिन कभी-कभी कोई एंप्लोई किसी भी तरह का गड़बड़ी कर देते हैं. गलती कर देते हैं. जिससे कि कंपनी के मालिक को परेशानी हो जाती है मुसीबत में पड़ जाते हैं. तो उस कंपनी के मालिक को अगर अपनी एंप्लोई पर केश करना है उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही करना है तो उस समय एंप्लॉयमेंट लॉयर की सहायता से वह केश लड़ा जा सकता है.

Immigration lawyer –  इमीग्रेशन लॉयर का कार्य होता है किसी भी तरह के सीनियर सिटीजन वीजा ग्रीन कार्ड रिफ्यूजी आदि से जुड़े अगर कुछ इस तरह का केस है मुद्दा है तो उसको सुलझा करके मदद करना. 

Intellectual property lawyer – अक्सर हम लोग सुनते हैं फिल्म में या बड़े-बड़े जो सेलिब्रिटी होते हैं तो किसी डिजाइनर आर्टिस्ट के द्वारा डिजाइन किया हुआ कपड़ा पहनते हैं. किसी डिजाइनर या आर्टिस्ट के द्वारा डिजाइन किया हुआ किसी भी तरह का कुछ सामान हो और उसको कोई दूसरा व्यक्ति अपना नाम दे कर के क्रिएट कर दे कॉपी कर दे. तो ऐसे समय में Intellectual property lawyer उसको सॉल्व कर सकता है. कानूनी कार्यवाही के द्वारा उस व्यक्ति को इंसाफ दिला सकता है. 

पर्सनल इंजरी लॉयर –  अगर किसी व्यक्ति का एक्सीडेंट हो जाता है या दूसरे व्यक्ति के वजह से किसी भी तरह का परेशानी हो जाता है तो सामने वाले व्यक्ति से किसी भी तरह का हर्जाना लेना होता है तो ऐसे समय में पर्सनल इंजरी लॉयर के मदद से रकम लिया जा सकता है. उस पार्टी से हर्जाना लिया जा सकता है. 

Bankruptcy lawyer –  जब किसी व्यक्ति का आर्थिक स्थिति खराब हो जाता है. यानी उस व्यक्ति का दिवालिया घोषित होने का स्थिति आ जाता है. उस समय एक बैंक के बीच और उस व्यक्ति के बीच सेटलमेंट कराना सलाह देना मदद करना Bankruptcy lawyer का मदद लिया जाता है. 

वकील बनने के फायदे 

कोई भी कोर्स करने के बाद या किसी अच्छे पोस्ट पर कार्य करने पर व्यक्ति को कई तरह के फायदे होते हैं. उसी तरह Vakil बनने के बाद भी किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत ही फायदे हैं

  • एक तो उस व्यक्ति का नाम समाज में ऊंचा हो जाता है
  • लोग उसे सम्मान की दृष्टि से देखने लगते हैं
  • एक सम्मानित व्यक्ति के श्रेणी में उसका नाम लिया जाता है
  • समाज में किसी के साथ अगर गलत हो रहा है तो उसके प्रति आवाज उठाने में व्यक्ति सक्षम हो जाता है
  • लोगों को समाज में अधिकार और नियमों की जानकारी देने के लिए जाना जाता हैं
  • किसी भी असहाय व्यक्ति के लिए कोर्ट में पक्ष रख सकता है
  • न्याय के कानूनी तौर तरीकों के बारे में सोच समझकर के लड़ सकता है
  • किसी भी असहाय व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा कर सकता है. 

वकील बनने के बाद कैरियर ऑप्शन 

यह जरूरी नहीं है कि कोई व्यक्ति अगर Vakil बन वकालत करता है तो सिर्फ वकील ही बन सकता है वकील अगर कोई वकालत करता है तो उसमें भी कई तरह के Vakil बनता है जैसे की 

  •     फैमिली वकील
  •     सीनियर वकील
  •     जूनियर वकील
  •     सरकारी वकील
  •     प्राइवेट वकील
  •     वरिष्ठ वकील
  •     सुप्रीम कोर्ट का वकील
  •     जिला एवं हाई कोर्ट का वकील आदि.

वकालत करने के बाद भी अगर कोई चाहे तो दूसरे क्षेत्र में भी अपना कैरियर बना सकता है दूसरे क्षेत्र में अपना करियर बनाएं जिस क्षेत्र में उसको रूचि हो तो वह भी कर सकता है.

  •     डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज
  •     एटर्नी जनरल
  •     ट्रस्टी
  •     लीगल एक्सपर्ट
  •     एडवोकेट
  •     मजिस्ट्रेट
  •     टीचर या लिटरेचर
  •     पब्लिक प्रॉसिक्यूटर
  •     लीगल एडवाइजर
  •     सब मजिस्ट्रेट
  •     लॉ रिपोर्टर
  •     नोटरी

सारांश 

किसी भी व्यक्ति को अगर लॉयर बनना है तो इसके लिए एलएलबी का कोर्स करना पड़ता है. जिसमें बहुत ही कड़ी मेहनत और परिश्रम का आवश्यकता होता है. देश के कानूनी ढांचे और लोगों को इंसाफ दिलाने का कार्य होता है. उसका जिम्मेदारी होता है.

Vakil को अपने अनुशासन में रहते हुए अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए किसी का भी सहयोग करना चाहिए. ईमानदार सहनशक्ति तर्क वितर्क करने की क्षमता होनी चाहिए. इस लेख में वकील कैसे बने वकील बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए वकील बनने के लिए कौन सा कोर्स है.

Vakil कितने प्रकार के होते हैं वकील का क्या कार्य होता है. वकालत करने के बाद और भी कोई कैरियर ऑप्शन चुनना चाहते हैं तो उसके बारे में भी पूरी जानकारी दी गई है. अगर इस लेख से संबंधित कोई सवाल आपके मन में है तो कृपया कमेंट करके जरूर पूछें.  इस लेख को अपने दोस्त मित्रों को सोशल साइट्स के माध्यम से शेयर जरूर करें.

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