सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने (13+ तरीके ) , योग्‍यता, कोर्स व कार्य

दुनिया में जितना अधिक टेक्नोलॉजी का विकास हो रहा है उतना ही अधिक बच्चों में कंप्यूटर टेक्नोलॉजी सीखने की रुचि बढ़ रहा है इसलिए 12th ke baad Software Engineer kaise bane वर्तमान समय में दुनिया के हर एक छात्र के मन में जरूर आता हैं. क्योंकि कंप्यूटर एक ऐसा क्षेत्र है जिसको सीखकर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बेहतर कैरियर का निर्माण किया जा सकता है.

कंप्यूटर के क्षेत्र में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का डिमांड बहुत ही ज्यादा है क्योंकि दुनिया में जितने भी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर बनाया जाता है वे सभी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही बनाते हैं वैसे जबसे स्मार्टफोन का अधिकतर उपयोग किया जाने लगा हैं तब से स्मार्टफोन के लिए कई प्रकार की उपयोगी एप्स भी बनाए जा रहे हैं जोकि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही बनाते है.

इसलिए वर्तमान समय में हर एक छात्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन कर एप्लीकेशन और स्मार्टफोन के लिए ऐप बनाना चाहते है क्योंकि आज के बच्चों का रूचि कंप्यूटर इंजीनियरिंग सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के प्रति बहुत ही ज्यादा है यदि आप भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं तो इस लेख में पूरी जानकारी नीचे विस्तार से दी गई है.

सबसे पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग क्या होता है और इसे करने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए इस कोर्स का Duration कितना दिन का होता है इसमें कितना सैलरी मिलता है इन सभी चीजों को भी जानते हैं. 14+बेस्‍ट कंप्यूटर कोर्स करके नौकरी पायें

सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने

1.लॉजिकल माइंड्स

कंप्यूटर के क्षेत्र में इंजीनियर बनने के लिए सबसे जरूरी है कि आपका दिमाग कितना लॉजिकली सोच सकता है क्योंकि इसमें ज्यादातर लॉजिक का ही इस्तेमाल किया जाता है यदि आप किसी भी चीज के बारे में लॉजिकली सोचते हैं इसमें यदि आप माहिर हैं तो इस क्षेत्र में आप सफल हो सकते हैं.

लॉजिकल दिमाग का मतलब जैसे यदि किसी एक मैथ को ही सॉल्व करना है तो उसके लिए आप अपने दिमाग को कितना तेज गति से सोच कर के कुछ अलग तरह से उसको बहुत जल्द बना लेते हैं इसे एक लॉजिकल माइंड कह सकते हैं.

Software Engineer kaise bane

2.रीजनिंग एंड मैथमेटिकल स्किल

कंप्यूटर पूरी तरह से मैथमेटिक्स के आधार पर ही बना है इसलिए एक छात्र जो कंप्यूटर के क्षेत्र में एक सफल इंजीनियर बनना चाहते है उसके लिए यह जानना बहुत ही जरूरी है कि उसके पास रिजनिंग और मैथमेटिक्स के बारे में किता बेहतर जानकारी है यदि आपके पास रिजनिंग और मैथमेटिकल स्किल्स बहुत ही स्ट्रांग है तो आप इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं.

जब एक एप्लीकेशन या ऐप को Develop करने की बात आती है उस समय अधिकतर आपको लॉजिकल मैथमेटिकल स्किल्स की आवश्यकता होती है जिसमें एल्गोरिथ्म डाटा स्ट्रक्चर पर काम किया जाता है जोकि रिजनिंग और मैथमेटिक्स से संबंधित होता है.

3.अंग्रेजी की बेहतर जानकारी

कंप्यूटर पर प्रोग्रामिंग करने के लिए अंग्रेजी भाषा में काम किया जाता है कंप्यूटर के कोर्स के दौरान भी पूरी पढ़ाई अंग्रेजी में ही किया जाता है इसलिए कंप्यूटर के क्षेत्र में इंजीनियर बनने के लिए बेहतर अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना भी बहुत ही जरूरी है.

4.कंप्यूटर फंडामेंटल

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर का पूरा काम कंप्यूटर पर ही होता है इसलिए उसको कंप्यूटर फ्रेंडली होना बहुत ही जरूरी है जब तक आप कंप्यूटर की बेसिक चीजों के बारे में जानकारी नहीं रखेंगे तब तक आप इस क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ सकते हैं. इसलिए सबसे जरूरी है कि कंप्यूटर की बेसिक जानकारी प्राप्त करें.

जैसे विंडोस क्या है ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है ऑपरेटिंग सिस्टम कैसे काम करता है कीबोर्ड के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें सॉफ्टवेयर क्या है सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है प्रोग्रामिंग क्या है प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या होता है सिंबल क्या होता है और भी कंप्यूटर के जो फंडामेंटल हैं उसको आप पूरी तरह से सीखें.

5.C Language

C बेसिक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए कंप्यूटर का सबसे फंडामेंटल लैंग्वेज के बारे में पूरी जानकारी होना चाहिए क्योंकि प्रोग्रामिंग का क ख ग घ सी लैंग्वेज से ही शुरु होता है. जैसे किसी भाषा का ज्ञान उसके स्वर व्यंजन से शुरू होता है ठीक उसी प्रकार कंप्यूटर के भाषा का ज्ञान सी लैंग्वेज से शुरू होता है.

सी लैंग्वेज सीख करके आप एप्लीकेशन तैयार कर सकते हैं यदि सी लैंग्वेज को अच्छे से सीख लिया जाए तो आगे जितने भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखने को मिलेगा उसमें बहुत ही आसानी से उस लैंग्वेज को सीख पाएंगे.

6.C++

सी लैंग्वेज का ही Higher लैंग्वेज सी प्लस प्लस है जिसको ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के नाम से जानते है. इस लैंग्वेज को सीख कर के छोटे से छोटे प्रोग्राम या बड़े से बड़े प्रोग्राम को बना सकते हैं. सी प्लस प्लस एक Multipurpose प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसका उपयोग एक बेहतर एवं बड़ा से बड़ा software बनाने में किया जाता हैं.

एक इंजीनियर के लिए प्रोग्रामिंग स्किल्स पर काम करना बहुत ही जरूरी है और उसके लिए बेसिक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे C और C++ को सीखना चाहिए.

7.एचटीएमएल

HTML का फुल फॉर्म हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज होता है जो कि एक मार्क अप टेक्स्ट लैंग्वेज के नाम से भी जाना जाता है. इससे वेबपेजेस का डिजाइन एंड Develop किया जाता है. इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त करना चाहिए.

8. JAVA

यह एक हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिससे कई प्रकार के एडवांस लेवल के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर डेवलप किए जाते हैं यदि जावा को आप अच्छी तरह से सीखते हैं तो इससे आप एक बेहतर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते हैं.

9. Python

यह भी एक हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जो कि वर्तमान समय में बहुत ही ज्यादा सॉफ्टवेयर Develop करने के लिए उपयोग किया जा रहा है. Python इंटर प्लेटेड लैंग्वेज के अनुसार काम करता है.

जिसका मतलब होता है कि जब भी इसको इंटरप्रेट करना होता है तो लाइन By लाइन एक कोड की तरह एक्सक्यूट करता है. वर्तमान समय में इस सॉफ्टवेयर को सीखकर एक बेहतर सफल सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते हैं. कंप्यूटर एक्सपर्ट कैसे बने,आठ 8 बेहतरीन तरीकें

कुछ बेहतरीन टिप्स

10. बीटेक कोर्स करें

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए इंटरनेट पर कई तरह के कोर्स बताये जाते हैं लेकिन मैं इस लेख में आपको सबसे बेहतरीन कोर्स बता रहा हूं जिसको करके आप एक सफल इंजीनियर बन सकते हैं वर्तमान समय में कंपटीशन बहुत ज्यादा बढ़ गया है इसलिए बैचलर लेवल के जितने भी कोर्स हैं.

जैसे बीसीए, बीएससी आईटी आदि कोर्स को यदि करके आप एक सफल सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं तो इसमें संभावना बहुत ही कम है.

क्योंकि आज के समय में बीटेक कंप्यूटर साइंस या बी टेक इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी कोर्स का डिमांड बहुत ही ज्‍यादा है जिसको करके एक बेहतर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते है.

11.प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखे

एक बेहतर कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए आपको अलग से किसी बेहतर संस्थान में प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सीखना चाहिए.  जहां पर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के बारे में बेहतर जानकारी मुहैया कराया जाता है यदि अलग से आप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखते हैं तो इस क्षेत्र में आप बहुत बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकते हैं.

12.सॉफ्टवेयर डेवलप करने का प्रयास करें

जब आप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीख लेते हैं तब उसके नियमित रूप से काम करना बहुत ही जरूरी है इसलिए अभ्यास के लिए एक सॉफ्टवेयर का डिजाइन तैयार करें और उसके लिए प्रोग्रामिंग करना शुरू करें जिससे एक डेमो सॉफ्टवेयर बनाकर आप अपने स्किल को बेहतर कर सकते हैं। इससे जो भी कमियां होंगी उस पर काम करने का मौका मिलेगा.

13.इंटर्नशिप करें

कंप्यूटर कोर्स के दौरान जब कोर्स के बीच में समय मिलता है उस समय आप किसी बेहतर कंपनी में इंटर्नशिप के लिए अप्लाई करें जिससे आपको एक ऑर्गेनाइजेशन में प्रोग्रामिंग के कुछ प्रैक्टिकल स्किल सीखने का मौका मिलेगा जिससे कंप्यूटर प्रोग्रामिंग स्किल्स में विकास होगा.

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग क्या है

यह एक प्रकार का कंप्यूटर कोर्स है जिसमें एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर, वेबसाइट डिजाइन एंड डेवलपमेंट, मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, सॉफ्टवेयर डिजाइनिंग, सॉफ्टवेयर अपडेट, सॉफ्टवेयर मैनेजमेंट से संबंधित काम किया जाता है.

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग दो शब्दों से मिलकर के बना हुआ है जिसका मतलब होता है एक प्रकार की ऐसी बेहतरीन काला जिससे कंप्यूटर के क्षेत्र में कई प्रकार के नए एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का निमार्ण किया जाता हैं.

योग्यता

इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने के पहले ट्वेल्थ में फिजिक्स केमिस्ट्री मैथ के साथ 70 परसेंट से ऊपर का अंक प्राप्त करते हैं तो एक बेहतर कॉलेज में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के लिए एडमिशन करा सकते हैं. वैसे इंजीनियरिंग में नामांकन कराने के लिए कई एंट्रेंस एग्जाम भी पास करना पड़ता है.

जिसके बाद भारत के कुछ प्रसिद्ध बेहतरीन कॉलेज में इंजीनियरिंग करने का मौका मिलता है वैसे सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के अलावा प्राइवेट में भी कुछ प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेज है जिससे आप सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का कोर्स करके सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते हैं.

कोर्स

  • BCA 
  • B.Sc.IT
  • B.Tech computer science engineering
  • B.Tech information technology
  • MCA
  • Mtech
  • Diploma in information technology
  • Diploma in computer science engineering
  • Bachelor of science in computer science

सॉफ्टवेयर इंजीनियर का कार्य

  • एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट
  • वेबसाइट डिजाइनिंग एंड डेवलपमेंट
  • सॉफ्टवेयर टेस्टिंग
  • सॉफ्टवेयर एयर चेकिंग
  • एप डेवलपमेंट
  • सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस
  • प्रोग्रामिंग

भारत के टॉप प्रमुख सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज

भारत के टॉप प्रमुख सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मुंबई

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी दिल्ली

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मद्रास

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी दिल्ली

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी दिल्ली

दिल्ली यूनिवर्सिटी

कोलकाता इंटरसिटी

केरला यूनिवर्सिटी

भारत के टॉप प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज

भारत के टॉप प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज

बीआईटीएस पिलानी

आईसीटी मुंबई

भीआईटी वेल्लोर

थापर इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी पटियाला

इंडियन इंस्टीट्यूट आफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी तिरुवंतपुरम

आईटीआर भुनेश्वर

बीआईटी मिश्रा रांची

एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा

एसएससीई चेन्नई

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में करियर

दुनिया में कंप्यूटर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ढेर सारा अवसर उपलब्ध है क्योंकि आज तकनीक इतना आगे बढ़ गया है कि हर तरह के कामों के लिए कंप्यूटर एक्सपॉर्ट सॉफ्टवेयर इंजीनियर की आवश्यकता है इसलिए इस क्षेत्र में बहुत ही ज्यादा विकल्प मौजूद है जैसे नीचे कुछ प्रमुख पदों के बारे में बताया गया है.

  • सॉफ्टवेयर इंजीनियर
  • सॉफ्टवेयर टेस्टर
  • सॉफ्टवेयर डेवलपर
  • सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट
  • सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट
  • सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग इंजीनियर
  • सॉफ्टवेयर ट्रेनी डेवलपर इत्यादि

भारत में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलेरी

12th के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने वाले छात्र के लिए सैलरी को भी जानना चाहिए भारत में सामान्य तौर पर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलेरी कम से कम 20,000 से लेकर के 30000 तक प्रति माह होती है.

वैसे सामान्य तौर पर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सैलरी अलग-अलग कंपनियों के आधार पर अलग हो सकता है क्योंकि शुरुआत के दिनों में कई ऐसी कंपनियां हैं जो कम सैलरी देती है लेकिन वही बड़ी कंपनियों की बात की जाए तो उन कंपनियों में 70000 से लेकर के लाखों तक सैलरी दिया जाता है.

दुनिया की नंबर वन गूगल कंपनी में यदि कोई व्यक्ति सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर काम करता है तो उसका सैलरी 200000 से अधिक कई लाखों में हो सकता है.

FAQ

इंजीनियरिंग कोर्स कितने साल का होता है

सामान्य तौर पर इंजीनियरिंग कोर्स 4 साल का होता है वैसे कुछ कोर्स में समय कुछ कम या ज्यादा हो सकता है.

12वीं के बाद इंजीनियरिंग कैसे करें

इंजीनियरिंग करने के लिए जेईई मेंस का एग्जाम दे सकते हैं उसके बाद किसी भी इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन करा कर इंजीनियरिंग कर सकते हैं.

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने में कितना पैसा खर्च होता है

अलग-अलग जगह और कॉलेज के आधार पर पैसा अलग होता है सामान्य तौर पर प्राइवेट कॉलेज की तुलना में सरकारी कॉलेज में फी कम होता है जबकि प्राइवेट कॉलेज में वर्तमान समय में कम से कम ₹800000 लग सकता है वैसे यह एक आकलन है. सही फी के बारे में जानकारी के लिए उस कॉलेज से पता करना होगा जहां आप नामांकन करा रहे हैं.

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए कितनी पढ़ाई करना पड़ता है

12वीं के बाद 4 साल का इंजीनियरिंग कोर्स करके भी इंजीनियर बन सकते हैं यदि उसके बाद भी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं तो कंप्यूटर के क्षेत्र में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी का कोर्स कर सकते हैं जिसका ड्यूरेशन 2 साल का होता है. वैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए कम से कम 4 साल का पढ़ाई करना पड़ता है.

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