क्वांटम कंप्यूटर का उपयोग 9 विशेषता

Quantum computer kya hai in hindi जैसा कि हम लोग जानते हैं  कि कंप्यूटर के आविष्कार के समय से लेकर के आज तक कंप्यूटर में तकनीकी रूप से बहुत ही ज्यादा परिवर्तन हुआ हैं और कंप्यूटर के क्षेत्र में नए-नए प्रकार के डिवाइस का समय के साथ विकसित किया जा रहा हैं.

वैसे ही कंप्यूटर के क्षेत्र में नए कंप्यूटर का भी आगमन होने वाला हैं जिसका बहुत लोगों को इंतजार हैं उस कंप्यूटर को Quantum Computer के नाम से हम लोग जानते हैं क्वांटम कंप्यूटर भविष्य में आने वाला कंप्यूटर हैं जो कि बहुत ही तेज और सुपर कंप्यूटर के तुलना में भी बहुत ही ज्यादा बेहतर और अच्छा कंप्यूटर के रूप में Quantum Computer का आगमन भविष्य में वर्ष 2030 या 35 तक आने का संभावना हैं.

टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जहां तक बदलाव की बात हैं कंप्यूटर टेक्नोलॉजी हो या अन्य प्रकार के कोई भी क्षेत्र हो उस क्षेत्र में हर रोज कुछ ना कुछ नया बदलाव हो रहा हैं वैसे ही कंप्यूटर के क्षेत्र में भी वैज्ञानिकों के द्वारा परमाणु प्रक्रिया के आधार पर क्वांटम कंप्यूटर को तैयार करने का प्रक्रिया चल रहा हैं.

Quantum computer kya hai

कंप्यूटर के अविष्कार से लेकर अभी तक जितने भी कंप्यूटर का हम लोग नाम सुने हैं या उसका उपयोग कर रहे हैं उन कंप्यूटर में हम लोग तरह तरह के बदलाव को समय के अनुसार होते हुए देख रहे हैं.

पहले के जो भी कंप्यूटर का आविष्कार हुए हैं उनका साइज़ तो बड़ा होता था लेकिन आज के समय में कंप्यूटर का साइज कम होते गया लेकिन उसके कार्य करने की क्षमता और शक्ति जो हैं वह और भी बेहतर हो रहा हैं वैसे ही कंप्यूटर के क्षेत्र में एक क्वांटम कंप्यूटर का भी आगमन होने वाला हैं.

Quantum computer kya hai

Quantum computer in hindi language

वर्तमान के समय में जो हम लोग कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं उसमें कुछ काम करने की जो प्रक्रिया और जो प्रोसेस हैं उसमें कुछ मापदंड होता हैं जिसके अनुसार कंप्यूटर काम करता हैं लेकिन क्वांटम कंप्यूटर का जो काम करने का तरीका होगा इन कंप्यूटर से बिल्कुल ही अलग होगा.

Quantum Computer को तैयार करने के लिए दुनिया के सबसे बड़ी कंपनियां जैसे गूगल और आईबीएम फिजिक्स यानी के भौतिकी के आधार पर Quantum Computer को बनाने में लगे हैं जो की पूरी तरह से फिजिक्स यानी भौतिकी के आधार पर बनने वाला कंप्यूटर होगा.

क्वांटम कंप्यूटर एक पर्सनल कंप्यूटर से कैसे अलग हैं  

पर्सनल कंप्यूटर में कैलकुलेशन के लिए वीट का उपयोग किया जाता हैं जिसके द्वारा डाटा को जीरो और एक के फोन में रखा जाता हैं जोकि कंप्यूटर बाइनरी नंबर दावेदारी पद्धति के द्वारा किसी डाटा को प्रोसेस करता हैं जिसको मशीनी भाषा यानी मशीन लैंग्वेज में प्रोग्राम को लिखा जाता हैं मशीन लैंग्वेज जो वह पूरी तरह से बायनरी कोर्ट में लिखा जाता हैं.

जिसके केवल 2 अंक होते हैं जो कि जीरो और एक कंप्यूटर केवल उसी को समझता हैं कंप्यूटर का जो सर्किट होता हैं वह केवल बाइनरी कोड को ही पहचानता हैं 0 और 1 का मतलब होता हैं जैसे जीरो का मतलब होता हैं ऑफ और एक का मतलब कौन होता हैं.

जब किसी सॉफ्टवेयर को तैयार किया जाता हैं तो उसको पूरी तरह से मशीन भाषा में ही कन्वर्ट किया जाता हैं क्योंकि कंप्यूटर का जो प्रोसेसर होता हैं और किसी सॉफ्टवेयर को run करने के लिए उसके मशीनी भाषा का इस्तेमाल करके उसको प्रोसेस करता हैं. जहॉं  तक क्वांटम कंप्यूटर की बात हैं तो Quantum Computer का सबसे जो छोटा मानक या मात्रक हैं वह परमाणु हैं और परमाणु प्राकृतिक रूप से एक सूक्ष्‍य कैलकुलेटर हैं.

वैज्ञानिक अनुसंधान करने वाले लोगों को मन में ऐसा विचार आया कि परमाणु जो एक सूक्ष्म कैलकुलेटर हैं उसको क्यों ना परमाणु से प्राकृतिक रूप से सूक्ष्म कैलकुलेशन की जाए तभी उन्होंने Quantum Computer के निर्माण के बारे में सूचना शुरू कर दिया और क्वांटम कंप्यूटर को बनाने की प्रक्रिया शुरू हुआ.

क्वांटम कंप्यूटर कैसे काम करता हैं  

भौतिकी के अनुसार यानी कि फिजिक्स कोई भी परमाणु (Atom) प्राकृतिक रूप से जब घूमता रहता हैं और वह या तो ऊपर की तरफ जाता हैं या नीचे की तरफ जाता हैं यानी UP and  down की तरफ घूमते रहता हैं.

तो ठीक वैसे ही डिजिटल तकनीक के हिसाब से देखा जाए तो प्रत्येक जो कंप्यूटर के समझने की प्रक्रिया हैं वो जीरो और एक के फॉर्म में रखा जाता हैं ठीक वैसे ही परमाणु की जो चक्रण करने की प्रक्रिया हैं वह 1 को ऊपर और 0 को down के अनुसार समझा जाता हैं.

यदि परमाणु के घूमने की प्रक्रिया को मापा जाए तो यह एक ही समय में ऊपर या नीचे दोनों तरफ हो सकता हैं इसीलिए यह एक पारंपरिक कंप्यूटर के बीच के बराबर से कहीं ज्यादा बेहतर हो सकता हैं इसीलिए इसे Qubit कहा जाता हैं.

जिससे Quantum Computer के नाम से जानते हैं बीट्स में जो सूचना हो सकती हैं वह या तो जीरो में हो सकती हैं एक के form में हो सकती है लेकिन क्यूबिट्स में जो इंफॉर्मेशन होती है वह एक ही बार में जीरो और एक दोनों के फॉर्म में हो सकती हैं जिसे कंप्यूटेशन का जो स्पीड हैं वह बहुत ज्यादा बढ़ जाता है.

क्वांटम कंप्यूटर के कुछ गुण  

  • ऐसा कहा जाता हैं कि Quantum Computer सुपर कंप्यूटर से भी ज्यादा पावरफुल और तेज कंप्यूटर हैं.
  • सुपर कंप्यूटर के तुलना में 40 क्यूबिक वाले Quantum Computer की गणना करने की शक्ति जो हैं वह बहुत ही ज्यादा तेज हैं.
  • बीट्स में जो कंप्यूटर 01 के फॉर्म में दर्शाया जाता हैं वही क्यूबिट्स को Up और Down दोनों स्थितियों में एक साथ दर्शाया जा सकता हैं.
  • क्यूबिट्स कंप्यूटर यदि एक दूसरे के साथ न भी जुड़े हैं तो भी वह क्वांटम Intimatement का इस्तेमाल करके सूचनाओं को प्रोसेस करता हैं.

सारांश

क्वांटम कंप्यूटर क्या होता है Quantum computer kya hai क्वांटम कंप्यूटर का उपयोग क्वांटम कंप्यूटर का काम क्या है  इस लेख में क्वांटम कंप्यूटर के बारे में पूरी जानकारी दी गई है. फिर भी यदि क्वांटम कंप्यूटर से संबंधित किसी भी सवाल आपके मन में हैं तो कृप्या कमेंट करके जरूर पूछें.

तथा क्वांटम कंप्यूटर के बारे में दी गई जानकारी के बारे में अपना राय कमेंट करके जरूर दें. और इस जानकारी को अपने दोस्त, मित्रों के साथ शेयर भी जरूर करे.

ravi
नमस्कार रवि शंकर तिवारी ज्ञानीटेक रविजी ब्लॉग वेबसाईट के Founder हैं। वह एक Professional blogger भी हैंं। जो कंप्‍यूटर ,टेक्‍नोलॉजी, इन्‍टरनेट ,ब्‍लॉगिेग, SEO, एमएस Word, MS Excel, Make Money एवं अन्‍य तकनीकी जानकारी के बारे में विशेष रूचि रखते हैंं। इस विषय से जुड़े किसी प्रकार का सवाल हो तो कृपया जरूर पूछे। क्‍योकि इस ब्‍लॉग का मकसद लोगो बेहतर जानकारी उपलब्‍ध कराना हैंं।

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