Padhai ka Tarika – पढ़ाई करने का सही तरीका

पढ़ाई बहुत ही जरूरी हैं. इसलिए पढ़ाई का तरीका जानना भी उससे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. पढा़ई के सही तरीका के बिना पढ़ाई करना थोड़ा कठिन हो जाता हैं. इसलिए Padhai ka tarika क्या होना चाहिए. ताकि पढ़ने में भी मन लगे और पढ़ाई का पूरा लाभ भी हो इसको जानना, सीखना, और समझना बहत ही जरूरी हैं.

पढ़ाई का एक मापदंड तय करके जो हमारा लक्ष्य हैं जो हमारा जीवन का मूल सिद्धांत हैं उद्देश्य हैं उसको पूरा किया जा सकता हैं.

एक सफल जीवन के लिए, सुखद जीवन के लिए, सुंदर जीवन के लिए, सकारात्मक जीवन के लिए, सादगी पूर्ण जीवन के लिए, समाज में सम्मानीय जीवन के लिए, पढ़ाई करके पाया जा सकता हैं. 

Padhai ka Tarika

इस तरह का सवाल हर एक छात्र हर एक विद्यार्थी एक पढ़ने वाले के दिमाग में आता हैं की पढ़ाई का तरीका कैसा हो जिससे अच्छा से पढ़ाई किया जा सके. लेकिन जब तक हम लोग पढ़ाई का मतलब नहीं समझेंगे तब तक पढ़ाई का तरीका भी जानने से उतना कारगर नहीं होगा.

इसलिए जरूरी हैं कि पढ़ाई के तरीका के साथ-साथ पढ़ाई का असली मतलब को भी समझा जाए.

padhai ka tarika

पढ़ाई का मतलब क्या हैं

पढ़ाई का मतलब ज्ञान सम्मान सादगी रोजगार सुखद जीवन खुशहाल जीवन नौकरी पैसा प्रतिष्ठा घर मकान अच्छा परिवार समाज में सम्मान जानकारी लोगों के प्रति आदर यह सब कुछ तब प्राप्त होता हैं जब पढ़ाई करके ज्ञान प्राप्त किया जाता हैं.

बिना पढ़े लिखे भी लोग जीवन तो जीते हैं लेकिन उस जीवन का कोई मूल्य नहीं होता चाहे वह ढेर सारा पैसा भी किसी तरह से कमा लेते हैं लेकिन उनका कमाने का तरीका शारीरिक शक्ति शारीरिक मेहनत या फिर झोलझाल वाला ही होता हैं लेकिन एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति चाहे पैसा कम कमाए या ज्यादा कमाए लेकिन उसका पैसा कमाने का तरीका अलग होता हैं.

एक पढ़ा लिखा व्यक्ति पैसा दिमाग से कमाता हैं उसे शारीरिक मेहनत कम करना पड़ता हैं और दिमाग का इस्तेमाल करके कलम चला कर पैसा कमाता हैं उसे सम्मान की दृष्टि से भी लोग देखते हैं पढ़ा लिखा व्यक्ति जहां भी रहेगा वह बुद्धि से किसी भी काम को करेगा जैसा कि ऊपर पढ़ाई से क्या-क्या प्राप्त हो सकता हैं.

उसके बारे में भी बताया गया हैं यदि आप एक छात्र हैं तो आप पढ़ाई  का मतलब समझे उसका लाभ समझे उससे क्या हासिल कर सकते हैं उसको समझे इससे आपका पढ़ाई में मन लगेगा और आप अच्छे से पढ़ाई  कर पाएंगे. यह पढ़ाई करने का पढ़ाई समझने का बेहतर तरीका हैं.

पढ़ाई के लिए टाइम टेबल बनाएं

 किसी भी काम को आप नियमित रूप से करना चाहते हैं तो उसके लिए सबसे जरूरी हैं कि आप टाइम टेबल बनाएं चाहे पढ़ाई हो या अन्य किसी भी क्षेत्र में यदि आप काम करते हैं तो उसके लिए एक निर्धारित समय जरूर निश्चित करना चाहिए इससे आपका काम करने का जो तौर तरीका हैं जो आपका सोचने का तरीका हैं समझने का तरीका हैं उसका एक समय पर निर्धारित रहता हैं.

जिससे आपका रोज का जो काम होता हैं वह समय से पूरा होता हैं चाहे वह पढ़ाई  हो या फिर अन्य किसी भी तरह का काम हैं इसलिए सबसे जरूरी हैं पढ़ाई में तो और भी सबसे जरूरी हैं कि आप पढ़ाई  का टाइम टेबल बनाएं कि आपको इतने बजे से इतने बजे तक इस विषय का पढ़ाई करना हैं फिर इस समय से इस समय तक किसी दूसरे विषय का पढ़ाई करना हैं.

जिस तरह कभी आप पढ़ाई कर रहे हैं उसके लिए आप एक टाइम शेड्यूल तैयार करें और उसको लागू करें और उसके हिसाब से आप पढ़ाई करते हैं तो आप पढ़ाई में सफल होंगे यह पढ़ाई का दूसरा सबसे बेहतरीन तरीका हैं.

पढ़ाई के लिए गोल सेट करें

चाहे आप पहले कक्षा का छात्र हो या दसवीं का हो या आप किसी कंपटीशन का तैयारी कर रहे हो आप किसी भी लेवल का यदि छात्र हैं तो आप अपने हिसाब से जो भी लक्ष्य निर्धारित करना चाहते हैं उसको सबसे पहले सेट करें कि आपको किस लक्ष्य पर पहुंचना हैं.

जब तक लक्ष्य को आप सेट नहीं करेंगे तब तक आप उसको हासिल नहीं कर सकते हैं इसलिए पढ़ाई में आपका लक्ष्य कहां पर हैं कहां पहुंचना चाहते हैं उसको सबसे पहले सेट करने और उसके बाद उस तरह से आप अपने पढ़ाई को शुरू करें.

पढ़ना शुरू करें तब हम जो गोल सेट किए हैं उस पर पहुंच करके ही हम शांति महसूस करेंगे तब तक हम शांत नहीं रहेंगे जब तक अपने गोल को हम पा नहीं लेते हैं इस तरह से यदि आप पढ़ाई करते हैं तो Padhai का यह तीसरा तरीका आपके लिए सबसे कारगर हो सकता हैं आपके गोल तक पहुंचाने में. 

पढ़ाई के समय दिमाग को स्थिर रखें

जब आप पढ़ाई शुरू करते हैं उस समय आप मोबाइल टीवी या आज के समय में जितने भी टेक्नोलॉजिकल उपकरण हैं उसको आप बंद कर दें उसको कहीं रखते और दिमाग को सबसे पहले स्थिर करें शांत करें जितने भी हलचल आपके दिमाग में पहले से हैं या जो अभी भी यदि आपके दिमाग में चल रहे हैं.

सबसे पहले उस को शांत करने का प्रयास करें अपने दिमाग को पूरी तरह से खाली करें और दिमाग जब आपका पूरी तरह से शांत हो जाएगा स्थिर हो जाएगा तब आप पढ़ाई करेंगे तो जो भी आप पढेंगें वह पूरी तरह से आप समझ पाएंगे.

concentrate

उसको आप अपने अंदर डाल पाएंगे जिससे आपका पढ़ाई में मन लगेगा और आप अपने लक्ष्य के प्रति आगे बढ़ेंगे लक्ष्य को पाने में अग्रसर होंगे इस तरह से यदि आप पढ़ाई करते हैं तो पढ़ाई का यह चौथा तरीका भी आपके पढ़ाई में चार चांद लगाने का काम करेगा. 

पढ़ाई का आकलन करें

जो भी चीज आप पढ़ते हैं जिसको आप पढ़ चुके हैं समझ चुके हैं उसको आप फिर से कोशिश करें कि आप बिना उसको देखे बिना पढ़े फिर आप किसी कॉपी पर उसको लिखने का प्रयास करें किसी को समझाने का प्रयास करें ताकि आपको पता चल सके कि जो आप पढ़ाई किए हैं उसको आप कितना समझे हैं.

तथा उसको दूसरे व्यक्ति को कितना समझा पा रहे हैं या जो भी चीज आप पढ़े हैं उसको आप कितना समझ पाए हैं यह भी आपको पता चलेगा जब आप किसी कॉपी पर उसको लिखेंगे या किसी के साथ उसको बताने का प्रयास करेंगे तो आपको आपने पढ़ाई का आकलन होगा.

जिससे आप अपने पढ़ाई को और बेहतरीन कर सकते हैं सुधार कर सकते हैं उसको आप महसूस कर सकते हैं कि किस तरह से हम पढ़ाई करें ताकि पूरी की पूरी जानकारी हमारे दिमाग में आ जाए और हम उसको अच्छा से समझ ले तो इस तरह से आप पढ़ाई का आकलन हर रोज आधा घंटा एक घंटा समय निकाल कर के करें यह भी पढ़ाई का पांचवा सबसे बेहतरीन तरीका हैं जिससे आप अपने पढ़ाई का आकलन करते हैं.

रिवीजन के लिए टाइम सेट करें

जो भी चीज आप पढ़ते हैं उसको यदि आप 10 दिन 5 दिन एक महीना जब बीत जाता हैं तब आप उसको धीरे-धीरे भूलने लगते हैं इसलिए जो भी चीज आप पढ़ते हैं उसको आप 10 दिन पर 5 दिन पर एक टाइम सेट कर ले कि इस टाइम पर हमने जो भी पढ़ाई किया हैं उसको फिर से दोबारा एक बार रिवाइज करेंगे रिवीजन करेंगे जिससे जीतना भी पढ़ाई आपने पीछे किया हुआ हैं.

वह सभी चीजें आपको फिर से एक बार दिमाग में ताजा हो जाती हैं और आप उससे अपडेट हो जाते हैं जिससे आपको पढ़ाई में अच्छा लाभ होता हैं इसलिए आप अपने पढ़ाई के सीड्यूल में रिवीजन के लिए भी टाइम सेट करें और जो भी चीज आप पढ़े हैं उसको रिवाइज जरूर करते रहें.

सवाल निर्भीक होकर पूछें

कभी-कभी ऐसा होता हैं कि किसी भी सवाल का जवाब पता नहीं होता हैं और उसको शिक्षक से पूछने में शर्म महसूस होता हैं जिसके कारण सवाल नहीं पूछ पाते हैं लेकिन इस तरह का यदि आपके मन में भी शर्म होता हैं तो इसको आप बाहर निकाले और जब भी आपको किसी भी तरह का सवाल का उत्तर नहीं पता हो तो आप बेहिचक उसको पूछे शर्मिंदगी महसूस न करें.

इससे आपके मन में जो सवाल हैं उसका उत्तर पता चलेगा और आपका शिक्षक एवं छात्रों से बोलचाल तथा किसी भी सवाल का जवाब सवाल करने में मनोबल बढ़ेगा जिससे पढ़ाई में आपको लाभ होगा.

ग्रुप डिस्कशन करें

चाहे आप प्राइमरी स्टूडेंट हो या सेकेंडरी स्टूडेंट हो हर तरह के छात्र के लिए जरूरी हैं कि वह ग्रुप डिस्कशन करें अपने सहपाठी के साथ या अपने हम उम्र के जो लोग हैं उसके साथ या अपने गार्जियन के साथ भी आप ग्रुप डिस्कशन कर सकते हैं.

इससे एक दूसरे के साथ बात करने में जो झिझक होता हैं वह खत्म हो जाता हैं तथा किसी भी तरह के सवाल होते हैं वह एक ग्रुप में लोगों को पता चलता हैं जिससे उस सवाल का जवाब जिसके पास भी होता हैं उससे आप जान सकते हैं तथा और भी बहुत सारा चीज आपको ग्रुप डिस्कशन में सीखने को मिलता हैं.

क्योंकि वहां पर 10 लोग होते हैं और 10 तरह का जवाब लोगों के द्वारा प्राप्त होता हैं इससे जानकारी बढ़ता हैं तथा ग्रुप में बातचीत करने से आपके अंदर का जो झिझक होता हैं डर होता हैं वह भी समाप्त होता हैं इसलिए ग्रुप डिस्कशन जरूर करना चाहिए इससे भी पढ़ाई तथा जानकारी बेहतर होता हैं.

लगातार पढ़ाई नहीं करना चाहिए

पढ़ाई करने के लिए आपको टाइम स्लॉट बनाना चाहिए जिसमें आपको लगातार पढ़ने के लिए टाइम स्लॉट नहीं बनाना चाहिए पढ़ाई करते समय बीच-बीच में आपको 10 मिनट आधा घंटा का गैप लेना चाहिए यदि आप एक घंटा पढ़ाई करते हैं तो उसके बाद 10 मिनट का आप ब्रेक ले इससे दिमाग 10 मिनट के लिए फ्री हो जाता हैं और फिर से आप तरोताजा हो करके पढ़ाई शुरू कर सकते हैं.

तो जब भी आप पढ़ाई करते हैं उस समय आप हर 1 घंटे पर 10 मिनट का ब्रेक ले और लगातार चार घंटा पढ़ने के बाद कम से कम आधा घंटा का गैप लें और फिर कुछ ब्रेकफास्ट कर करके आप पढ़ाई करें इस तरह से यदि आप ब्रेक लेकर के पढ़ाई करते हैं तो आपका पढ़ाई में भी मन नहीं लगेगा और दिमाग भी तरोताजा हो करके जो भी आप पढ़ेंगे उसको अच्छे से समझ पाएगा.

पढ़ाई को बोझ नहीं बनाए

चाहे पढ़ाई हो या किसी भी तरह का काम हो यदि आप उसको बोझ की तरह लेने लगते हैं समझने लगते हैं तब आपका उसमें मन नहीं लगता हैं तब आपको किसी काम में मन नहीं लगेगा तब आप उसको ठीक तरीके से नहीं कर पाएंगे चाहे आप कितना भी प्रयास कर ले कोशिश कर ले लेकिन आपको वह काम करने में बिल्कुल भी मन नहीं लगेगा.

इसलिए सबसे जरूरी हैं कि अब पढ़ाई को बोझ न समझे पढ़ाई को एक रूटीन वर्क एक आपका जिस तरह से सुबह से रात तक का दिनचर्या होता हैं.उसी तरह का पढ़ाई को भी आप दिनचर्या समझे एक काम समझे एक मनोरंजन के रूप में आप पढ़ाई को लेते हैं कि पढ़ना भी एक हमारा मनोरंजन हैं एक खेल हैं तो आप उसको अच्छे से कर पाएंगे.

इसलिए कभी भी पढ़ाई को यदि आप बहुत समझकर करेंगे तो आप सफल नहीं हो सकते हैं इसलिए पढ़ाई को आप मनोरंजन रूटीन वर्क दिनचर्या समझकर करते हैं तो आपका उसमें मन भी लगेगा और आप उसको अच्छे से कर भी पाएंगे. इस तरह से पढ़ाई का तरीका रखने पर सफल हो सकते हैं.

पढ़ाई का तरीका कुछ इस तरह का बनाए

  • सकारात्मक सोच के साथ पढ़ाई करें
  • पढ़ाई करते समय मोबाइल टीवी को बंद कर दें या पढ़ाई वाले जगह से दूर रखें
  • पढ़ाई करते समय दिमाग को पूरी तरह से शांत स्थिर करें
  • स्‍टडी रूम ऐसा हो जहां पर ज्यादा शोर शराबा नहीं होता हो
  • पढ़ाई शुरू करने से पहले वहां एक पानी का बोतल या पानी किसी भी पात्र में रखें
  • पढ़ाई करते समय बार-बार वहां से कहीं आने जाने का प्रयास ना करें
  • Padhai करने के लिए सुबह में 4:00 बजे आप उठ कर पढ़ाई करते हैं तो और भी बेहतर हो सकता हैं
  • जो भी आप पढ़ते हैं यदि उसको अच्छे से नहीं समझ पा रहे हैं तो उसको आप अपने स्कूल में या जो भी ट्यूटर हैं उससे पूछ ले
  • Padhai करते समय नाकारात्‍मक बातों से दूर रहें.

छोटे बच्चों का पढ़ाई का तरीका 

  • बच्चे को जितना ज्यादा लिख करके समझाया जाए उतना ही वो बेहतर समझते हैं
  • बच्चों को हमेशा उदाहरण देकर ही समझाना चाहिए
  • Bachhe मन के सच्चे होते हैं इसलिए उनको जो भी चीज बताएं उसको अच्छे से समझा कर ही बताएं
  • बच्चे को ज्यादा डांट कर या मार कर नहीं समझाना चाहिए
  • जब बच्चा कुछ बेहतर करते हैं तो उनको किसी तरह का आप गिफ्ट देकर के प्रोत्साहित करें
  • बच्चों को घर के काम से दूर रखें.

पढ़ाई में मन लगाने का तरीका  

  • पढ़ाई में मन लगाने के लिए आप एक ग्रुप बना करके पढ़ाई कर सकते हैं.
  • Padhai के लिए टाइम टेबल बना कर पढ़ें
  • पढ़ाई के लिए लैपटॉप या मोबाइल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे आप का मन पढ़ाई में लगेगा
  • पढ़ाई करने के लिए बेहतर जगह का चयन करें
  • Padhai करने के लिए जो भी किताब हैं या जो भी जरूरी चीजें हैं उसको एक जगह रखें.
  • जिस रूम में आप पढ़ाई करते हैं वहां पर लाइट की व्यवस्था तथा उस रूम में बाहर से हवा आने की व्यवस्था होनी चाहिए.
  • पढ़ाई का वैसे स्थान पर होना चाहिए जहां पर ज्यादा शोर शराबा नहीं होता हो.
  • बैठकर पढ़ने के लिए आरामदायक चेयर एवं टेबल का भी व्यवस्था करना चाहिए जिससे आपको ज्यादा देर तक पढ़ने में परेशानी न हो.

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सारांश

पढ़ाई का तरीका कैसा होना चाहिए पढ़ाई का तरीका कैसा हो जिससे अच्छा से पढ़ाई किया जा सके इस तरह का जो भी सवाल हैं उसके बारे में इस लेख में विस्तार से जानकारी दिया गया हैं जिसमें किस तरह से अधिक पढ़ाई किया जाए तो सफल हुआ जा सकता हैं.

पढ़ाई के लिए कैसे टाइम सेट करें पढ़ाई का टाइम टेबल तथा पढ़ाई के और भी जो महत्वपूर्ण जानकारी हैं जिससे आप पढ़ाई अच्छा से कर सकते हैं उसके बारे में इस लेख में पूरी जानकारी दी गई हैं फिर भी यदि पढ़ाई का तरीका से संबंधित किसी भी तरह का सवाल आपके मन में हैं तो कृपया कमेंट करके जरूर पूछें तथा इस जानकारी को अपने दोस्त मित्रों के साथ शेयर भी जरूर करें.

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