मेरा परिचय इन हिंदी पर निबंध Class 1 Se 12th तक

हम भारतवासी लोगों के लिए हिंदी में अपना परिचय देना गर्व की  बात हैं। वर्तमान परिवेश में अंग्रेजी में अपना परिचय देना लोगों को बहुत ही ज्यादा अच्छा एवं स्टाइलिश लगता है। लेकिन हमें अपने मातृभाषा में भी परिचय देना आना चाहिए। भारत का मातृभाषा हिंदी है।

इसलिए इस लेख में हम लोग हिंदी में अपना यानी कि Mera Parichay In Hindi मेरा परिचय कैसे दे सकते हैं, उसके बारे में इस लेख में पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे।चाहे आप एक छात्र हैं, 1 घरेलू महिला हैं, आम जीवन जीने वाले व्यक्ति हैं या फिर वर्ग 1 से लेकर के बारहवीं तक के पढ़ने वाले छात्र हैं, जिनको कि अक्सर स्कूल या कॉलेज में अपना परिचय देना पड़ता है, उनको हिंदी में अपना परिचय कैसे देना चाहिए।

इसके बारे में इस लेख में पूरी जानकारी नीचे विस्तार से दी गई है। मेरा अपना परिचय कैसे दें अक्सर इंटरनेट पर लोग गूगल में सर्च करते रहते हैं, तो आइए आज इस सवाल का बेहतर जवाब कैसे दे सकते हैं उसको अच्छे से सीखते हैं।

मेरा परिचय इन हिंदी Mera Parichay In Hindi

सबसे जरूरी है कि परिचय देने का जो कांसेप्ट है उसको बेहतर तरीके से सीखा जाए। जब हम परिचय देते हैं उस समय किन-किन बातों को मुझे बताना चाहिए, इन सभी चीजों के बारे में हम जानकारी प्राप्त कर लेंगे, तब हम आसानी से कहीं भी हिंदी में अपना परिचय दे सकते हैं। इसीलिए आइए नीचे सबसे पहले हम जानते हैं कि हम अपने परिचय में क्या बता सकते हैं तथा क्या मुझे बताना चाहिए।

Mera Parichay In Hindi
  • सबसे पहले मेरा अपना नाम बताना चाहिए।
  • मैं क्या करता हूं उसके बारे में बताना चाहिए।
  • यदि आप एक छात्र हैं तो आप अपने कक्षा के बारे में बता सकते हैं।
  • यदि आप एक कामगार आदमी है तो आप अपने काम के बारे में बता सकते हैं।
  • आप अपने शिक्षा के बारे में बता सकते हैं।
  • आप जहां से शिक्षा ग्रहण किए हैं या जहां से प्राप्त कर रहे हैं उसके बारे में बता सकते हैं।
  • आप अपने परिवार के बारे में बता सकते हैं जैसे आप अपने पिताजी के बारे में जानकारी दे सकते हैं।
  • आप कहां रहते हैं उसके बारे में जानकारी दे सकते हैं।
  • आपको क्या करना अच्छा लगता है उसके बारे में आप बता सकते हैं।
  • आपका लक्ष्य क्या है उसके बारे में भी बता सकते हैं।
  • जीवन का लक्ष्य शिक्षा प्राप्ति का लक्ष्य नौकरी आदि का लक्ष्य खेल इत्यादि जिस चीज में भी आपका रुचि है उसके बारे में जानकारी दे सकते हैं।
  • खाली समय में क्या करना पसंद है उसके बारे में बता सकते हैं।

अब नीचे आई हम लोग प्रैक्टिकली देखते हैं कि किस तरह से अपने बारे में अपना मेरा परिचय कैसे दे सकते हैं

मेरा नाम रवि शंकर तिवारी है। मैं अपने जीवन में अलग-अलग विषयों में लिखना पसंद करता हूं। लिखना मेरा एक अपना स्टाइल है। जीवन में मुझे कंप्यूटर टेक्नोलॉजी इंटरनेट से बहुत ही ज्यादा लगाव है। जिसके कारण मैं निरंतर इन विषयों के बारे में नई-नई जानकारियां पब्लिश करता रहता हूं।

मैं पोस्टग्रेजुएट्स हूं। मैंने पोस्ट ग्रेजुएशन एमबीए आईटी एंड मार्केटिंग से 2014 में पास किया था। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी से पोस्टग्रेजुएट कंप्लीट किया था। वर्तमान में मैं पटना बिहार में रहता हूं।

मैं अपने परिवार के सभी सदस्यों के साथ रहता हूं। मुझे अपने जीवन में लोगों को शिक्षा जानकारी देकर मदद करना मेरे जीवन का लक्ष्य है।

इस तरह से आप अपना परिचय दे सकते हैं। जैसा कि उदाहरण देकर हमने कुछ अपने बारे में भी बताया है। इसके अलावा भी ऊपर हमने बताया है कि किन-किन चीजों के बारे में आप अपने यानी कि मेरा परिचय के बारे में बता सकते हैं।

10 लाइन में मेरा परिचय इन हिंदी

  • मेरा नाम रवि शंकर तिवारी है।
  • मैं एक फूल टाइम ब्लॉगर हूं।
  • मेरे ब्लॉग का नाम Gyanitechraviji.com है।
  • मेरी शिक्षा पोस्टग्रेजुएट तक हुई है।
  • मेरा उम्र लगभग 30 साल के आसपास है।
  • मेरे परिवार में कई सदस्य मेरे साथ रहते हैं।
  • मेरे पिता का नाम है।
  • मेरे माता का नाम है।
  • मुझे रोज कुछ सीखना पसंद है।
  • मुझे अलग-अलग तरह के चित्र बनाना भी बहुत ज्यादा पसंद है।
  • मैं ब्लॉगिंग से बहुत ही ज्यादा लगाव रखता हूं।

मेरा परिचय निबंध इन हिंदी (क्लास वन से लेकर के 10 तक के छात्रों के लिए)

मेरा परिचय निबंध मेरा नाम ऋषभ कुमार तिवारी है। मेरे पिताजी का नाम रवि शंकर तिवारी है। मेरे माता का नाम प्रियंका तिवारी है। मैं क्लास वन में पढ़ता हूं। मेरे स्कूल का नाम ABCD पब्लिक स्कूल है। मेरा स्कूल जगदेव पथ पटना में स्थित है। मेरे स्कूल में क्लास 1 से लेकर के 12वीं तक पढ़ाई होता है। मेरे स्कूल के सभी शिक्षक बहुत ही जानकार एवं अनुभवी हैं। उनके द्वारा दी गई शिक्षा बहुत ही आसानी से समझ में आ जाता है। 

मुझे लगता है कि शिक्षक को इसीलिए भगवान माना जाता है क्योंकि शिक्षक मुझे हर रोज कुछ नया सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। जिसके कारण ही हम सभी छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं। मेरे जीवन में शिक्षक का भूमिका बहुत ही अनमोल है।

क्योंकि शिक्षा हमारी लिए एक अमुल्‍य वस्तु है। यदि हम शिक्षा प्राप्‍त करें तो फिर जीवन में कुछ भी नहीं है। इसीलिए मैं शिक्षक को सबसे ऊपर रखता हूं और शिक्षक को भगवान मानता हूं।

मेरे अपने जीवन या दूसरों के जीवन मैं गुरु को शिक्षक को और माता पिता को भगवान दर्जा देते हैं। क्योंकि इनके द्वारा ही हम जीवन के हर एक नई चीजों के बारे में सीखते हैं। सुबह से लेकर रात तक जब तक हम लोग जगे रहते हैं तब तक अपने बड़ों से शिक्षा प्राप्‍त करते हैं।

अपने स्कूल में शिक्षक से शिक्षा प्राप्त करते हैं और जब हम लोग घर में रहते हैं तो अपने घर में अपने माता-पिता बड़े भाई बहन दादा दादी से जीवन के हर एक महत्वपूर्ण चीजों के बारे में सीखते हैं।

मेरा परिचय मेरे पिता से है मेरी माता से है मेरे दादा से है। मेरी दादी से है मेरे गांव से है मेरे स्कूल से है मेरे पढ़ाने वाले शिक्षक से है। मेरा परिचय मेरे आराध्य देव से है। मेरा परिचय मेरे नाम से है और मेरा परिचय मेरे काम से भी है। मेरा परिचय मेरे शिक्षा से भी है। मेरा परिचय मेरे ज्ञान से भी है। यही तो मेरा परिचय है।

चाहे एक छात्र हो या फिर एक सामान्य नागरिक हो हर एक व्यक्ति का पहचान उसके कर्तव्य से है। साधारण शब्दों में आदमी का कर्म से ही उसका पहचान होता है। एक छात्र का भी पहचान उसके ज्ञान से  उसके शिक्षा से है। उसी तरह से एक सामान्य व्यक्ति का पहचान उसके ज्ञान उसके रहन-सहन उसके खानपान आहार व्यवहार से है। यही तो आदमी का अपना परिचय है।

वैसे सामान्य भाषा में यदि मेरा परिचय देना हो तो एक छात्र अपने जीवन के दिनचर्या के बारे में भी बता सकते हैं। जैसे सुबह में जब एक छात्र जगते हैं उसके बाद उनके द्वारा किए गए नित्य क्रियाओं के बारे में बता सकते हैं।

तथा उनके स्कूल जाने से पहले उनके घर में उनके माता के द्वारा अपने बच्चों के लिए नाश्ता बनाने से लेकर के बैग किताब होमवर्क इत्यादि के बारे में सब कुछ सही तरीके से बता सकते हैं। जैसे उनको नाश्ता भी पैक करके उनके माता के द्वारा दिया जाता है यह सभी एक छात्र का अपना मेरा परिचय से ही संबंधित है।

वैसे यदि आपको अपना मेरा परिचय के बारे में और भी ज्यादा शब्दों में लिखना है तो उसके लिए आप अपने जीवन में अभी तक जितना प्राप्त किया है और जो भी आपका लक्ष्य उसके बारे में भी आप बता सकते हैं। जैसे आपने अपने बचपन से लेकर के अभी तक अपने शिक्षा के क्षेत्र में क्या हासिल किया है। आने वाले समय में आप क्या हासिल करना चाहते हैं उसके बारे में आप विस्तार से बता सकते हैं।

जीवन में समय समय से घटित घटनाओं के बारे में बता सकते हैं। आने वाले समय में आप अपने जीवन में क्या बनना चाहते हैं। अपने समाज के लिए आपना क्या कर्तव्य निर्धारित करने वाले हैं। अपने गांव घर परिवार के लिए आपका क्या सोच है इसके बारे में भी आप बता सकते हैं। यही तो एक आदमी का अपना मेरा परिचय है।

सारांश

Mera Parichay In Hindi मेरा परिचय इसके बारे में अभी लेख हम लिखते रहे तो इसका अंत नहीं हो सकता है। क्योंकि मेरा अपना परिचय के बारे में हम इतना लिख सकते हैं जितना शब्द कम पड़ जाएगा।

इसीलिए इस लेख को यहीं समाप्त करते हैं। फिर भी यदि आपको लगता है कि मेरा परिचय के बारे में अभी और आपको जानकारी चाहिए, तो आप कमेंट बॉक्स में जरूर टाइप करें। आपको कमेंट बॉक्स में मेरा परिचय के बारे में और भी जानकारी यदि आपको जरुरत होगा तो दिया जाएगा।

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