आईएसओ(ISO) क्या हैं, फुल फॉर्म फायदे पूरी जानकारी

आईएसओ – ISO kya hai:- आईएसओ एक अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन है. दुनिया में किसी भी तरह के प्रोडक्ट का क्वालिटी स्टैंडर्ड को प्रमाणित करने के लिए आईएसओ से सर्टिफिकेशन प्राप्त किया जाता हैं.

आईएसओ का मतलब इंटरनेशनल स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन होता है. एक तरह का ऐसा ऑर्गेनाइजेशन जो दुनिया में अलग-अलग प्रकार के प्रोडक्ट्स, कंपनी, सर्विसेज इत्यादि को अंतरराष्ट्रीय लेवल पर क्वालिटी को प्रमाणित करता है, उसे आईएसओ कहते हैं.

दुनिया में कई अलग-अलग प्रकार के व्यवसाय किए जाते हैं. अब उन व्यवसायों के क्वालिटी को कैसे मापा जा सकता है, उसके लिए क्या पैमाना है. जो भी बड़ी-बड़ी कंपनियां है जो बेहतर प्रोडक्ट्स, सर्विसेज प्रदान करती हैं,

उन कंपनियों के द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन के द्वारा प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाता है.कोई भी कंपनी के जो प्रोडक्ट है उस प्रोडक्ट्स का क्वालिटी कैसा है उसी को प्रमाणित करने के लिए आईएसओ सर्टिफिकेशन लिया जाता है.

आईएसओ सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए सबसे पहले आईएसओ के द्वारा कंपनी के प्रोडक्ट या सर्विस जो भी है, उसका जांच किया जाता है.

उसके बाद उस प्रोडक्ट को प्रमाणित किया जाता है. यदि किसी कंपनी का प्रोडक्ट या सर्विस अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड के अनुसार नहीं है, तब वैसे ऑर्गनाइजेशन के प्रोडक्ट को आईएसओ सर्टिफिकेशन नहीं देता है.

आईएसओ क्या है What is ISO in Hindi

आईएसओ एक अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन है. जोकि दुनिया में किसी भी कंपनी के प्रोडक्ट सर्विसेज को गुणवत्ता के आधार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरीद, बिक्री करने के लिए सर्टिफिकेट प्रदान करता है.आईएसओ पूरी दुनिया में काम करता है.

दुनिया के लगभग 160 देशों ने आईएसओ का सदस्यता स्वीकार किया गया है. उन सभी देशों में जो भी बेहतर कंपनी या संगठन है. उन सभी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रोडक्ट्स को बेहतर प्रमाणित करने के लिए क्वालिटी जांच के लिए आईएसओ समय समय से ऑडिट करता है.

ISO kya hai

जिसके आधार पर जो भी कंपनी आईएसओ से सर्टिफिकेशन प्राप्त करते है, उसके प्रोडक्ट्स का क्वालिटी का प्रमाण पत्र प्रदान करता है. जिससे उस कंपनी के प्रोडक्ट का डिमांड बढ़ता है. साथ ही साथ उस कंपनी का गुणवत्‍ता, सुरक्षा, दक्षता, सेवा इत्यादि को बेहतर क्वालिटी का माना जाता है.

जिससे वह कंपनी अपने प्रोडक्ट को दूसरे देशों में बेच सकती है या किसी भी व्यक्ति, संगठन, सरकार को सेल कर सकती है.आईएसओ सर्टिफिकेशन कंपनी के प्रोडक्ट को प्रमाण पत्र देते हैं. जिसका मतलब होता है कि आईएसओ के द्वारा उस कंपनी के प्रोडक्ट को बेहतर तरीके से जांच किया गया है.

जिसके बाद उस कंपनी के प्रोडक्ट को सर्टिफिकेट प्रदान किया गया है.आईएसओ के द्वारा जब किसी कंपनी को सर्टिफाई कर दिया जाता है, उसके बाद उस कंपनी के प्रोडक्ट को समय समय से जांच भी किया जाता है. जिसको ऑडिट कहते हैं.

किसी भी कंपनी के प्रोडक्ट क्वालिटी, सुरक्षिता, दक्षता इत्यादि को जांचने के लिए आईएसओ टीम के द्वारा 1 वर्ष के अंतराल पर या फिर कभी भी उस कंपनी के प्रोडक्ट का गुणवत्ता आदि का जांच ऑडिट के माध्यम से किया जाता है.

आईएसओ सर्टिफिकेशन प्राप्त करने के बाद यदि किसी कंपनी के द्वारा क्वालिटी स्टैंडर्ड को मेंटेन नहीं किया जा रहा है, तो आईएसओ सर्टिफिकेशन को रद भी कर सकता है. इसलिए जो कंपनी आईएसओ सर्टिफाइड होती है उन कंपनियों के द्वारा बराबर उनके प्रोडक्ट सर्विसेस को गुणवत्तापूर्ण आईएसओ स्टैंडर्ड के अनुसार मेंटेन किया जाता है.

ISO का इतिहास

आईएसओ दुनिया का एक स्वतंत्र संस्था है. जिसका किसी सरकार से कोई मतलब नहीं है. इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया में जो भी कंपनी के प्रोडक्ट या सर्विस है, उसके क्वालिटी को बेहतर बनाने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्वालिटी स्टैंडर्ड को मेंटेन करने के लिए बनाया गया है.

इसका स्थापना 23 फरवरी 1947 में हुआ था. आईएसओ का हेड क्वार्टर जेनेवा के स्विट्जरलैंड में स्थित है. आईएसओ वैसे कंपनी संस्था उद्योग जो कि किसी तरह का प्रोडक्ट या सर्विस प्रदान करती है उन सभी संस्थाओं के लिए क्वालिटी स्टैंडर्ड का एक मानक तैयार करती है और उसके आधार पर उनको सर्टिफाई करती हैं.

ISO के फायदे

जैसा ऊपर बताया गया है कि आईएसओ एक स्वतंत्र ऑर्गनाइजेशन है. जिसका मुख्य रूप से काम क्वालिटी मैनेजमेंट को प्रमाणित करना है. इसलिए कोई भी ऑर्गेनाइजेशन, संगठन, कंपनी, संस्था जो आईएसओ से प्रमाणित हो जाती है, उस कंपनी के व्यापार बिजनेस में बढ़ोतरी होता है. क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उस कंपनी का बेहतर क्वालिटी स्टैंडर्ड के रूप में पहचान मिलता है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर भी उनके प्रोडक्ट या सर्विसेस को ज्यादा प्रमुखता से लोग विश्वास करते हैं. क्योंकि आईएसओ उस कंपनी के प्रोडक्ट सर्विसेस को प्रमाणित करता है कि उस कंपनी ने बेहतर प्रोडक्ट का निर्माण किया है. सभी प्रकार के नियम कानून के आधार पर उस कंपनी ने अपने प्रोडक्ट या सर्विस को तैयार किया है.

  • इसलिए जो कंपनी आईएसओ से सर्टिस्फाई होती है उनको बेहतर क्वालिटी के रूप में प्रमाण पत्र मिलता है. जिससे उनका व्यापार में बेहतर स्थान प्राप्त होता है.
  • आईएसओ बेहतर विश्वसनीयता का गारंटी प्रदान करता है.
  • आईएसओ सेटिस्फाई कंपनी पर लोग आसानी से विश्वास करते हैं.
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनी का ग्रोथ होता है.
  • अपने ग्राहक को कंपनी आईएसओ सर्टिस्‍फाइड का प्रमाण देती है. जिससे उनके प्रोडक्ट के क्वालिटी का बेहतर पहचान प्राप्त होता है.
  • साफ सुथरा एवं स्टैंडर्ड क्वालिटी का गारंटी होता है.
  • सबसे प्रमुख फायदा यह है कि जो कंपनी ने आइएसओ सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है, यदि कभी भी अपने प्रोडक्ट या सर्विस में किसी प्रकार की कोई रियायत बनाती है तो आईएसओ के द्वारा सर्टिफिकेशन रद्द कर दिया जाता है. इसलिए ग्राहक के होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है.

ISO Full Form in Hindi

ISO full formInternational Standard Organisation हिंदी में आईएसओ का फुल फॉर्म अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन होता है.

इसके फुल फॉर्म से पता चलता है कि किसी भी ऑर्गेनाइजेशन जो राष्ट्रीय लेवल पर काम करते हो या अंतरराष्ट्रीय लेवल पर उनके प्रोडक्ट का स्टैंडर्ड मेंटेन करना या करवाना वाले संगठन का नाम आईएसओ है.

ISO सर्टिफिकेशन क्या है

जब कोई भी कंपनी आईएसओ सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई करती है, तब उस कंपनी के प्रोडक्ट या जो भी उनका सर्विस है, उसको इस संगठन के द्वारा जांच किया जाता है. जो भी उनके प्रोडक्ट है,

उन प्रोडक्ट को किस तरह से बनाया गया है, उनमें क्वालिटी स्टैंडर्ड को मेंटेन किया गया है या नहीं किया गया है, उन सभी चीजों को जांचने के बाद जो सर्टिफिकेट आईएसओ के द्वारा दिया जाता है उसे ही आईएसओ सर्टिफिकेशन कहते हैं.

ISO सर्टिफिकेशन कैसे प्राप्त करें

यदि आप अपने ऑर्गेनाइजेशन, कंपनी, संस्था चाहे आप किसी भी प्रकार का बिजनेस करते हो तो, उसको बेहतर पहचान दिलाने के लिए आईएसओ का सर्टिफिकेशन प्राप्त कर सकते हैं. जिससे आपके व्यापार को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगा. राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पहचान मिलेगा. जिससे आपके व्यापार में बहुत ही ज्यादा विश्वास एवं ग्रोथ होगा.

यदि आप अपने ऑर्गनाइजेशन के लिए आईएसओ का सर्टिफिकेशन प्राप्त करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए ईमेल आईडी पर कांटेक्ट कर सकते हैं [email protected] जिसके बाद इस सर्टिफिकेशन के जो भी प्रक्रिया है उन सभी को किस तरह से फॉलो करना है, उसके बारे में पूरी जानकारी दिया जाएगा. साथ ही साथ आसानी से आईएसओ सर्टिफिकेशन भी दिया जाएगा.

ISO सर्टिफिकेशन लिस्ट

दुनिया में अलग-अलग प्रकार के व्यापार के लिए आईएसओ के अलग-अलग सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं जिसके बारे में नीचे जानकारी दी गई है.

  • ISO 9001 – Quality management 
  • ISO 14001 – Environment management 
  • ISO 22000 – Food safety management 
  • ISO 13485 – Medical devices 
  • ISO 639 – Language codes 
  • ISO 20121 – Sustainable events 
  • ISO 45001 – Occupational health and safety 
  • ISO 4217 – Currency codes 
  • ISO 37001 IEC 17025 – Anti Bribery management system 
  • ISO/IEC 17025 – Testing and Calibration Laboratories
  • ISO 37001 – Anti Bribery Management Systems
  • ISO 26000 – Social responsibility
  • ISO 8601 – Date and Time Format
  • ISO 31000 – Risk Management
  • ISO 3166 – Country Codes
  • ISO 50001 – Energy Management
  • ISO/IEC 27001 – information security management

आईएसओ एक नजर में

दुनिया में किसी भी ऑर्गेनाइजेशन के क्वालिटी को जांचने के लिए और उसको प्रमाणित करने के लिए दुनिया का स्वतंत्र ऑर्गनाइजेशन आईएसओ है. जिससे आप भी अपने किसी भी चीज का इसका सर्टिफिकेशन प्राप्त कर सकते हैं. जिससे आपके प्रोडक्ट्स सर्विसेज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगा.

ISO के नुकसान

वैसे सामान्य तौर पर इसका कुछ भी नुकसान नहीं है. लेकिन आईएसओ सर्टिफिकेशन के लिए कुछ पैसे खर्च करने पड़ते हैं. साथ ही साथ हर वर्ष आईएसओ स्टैंडर्ड के लिए कुछ पैसे खर्च करने पड़ते हैं. 

आईएसओ के टीम के द्वारा आपके कंपनी प्रोडक्ट का ऑडिट किया जाता है, तो इससे कुछ नुकसान नहीं है. लेकिन इसके लिए आपको कुछ पैसे एक्स्ट्रा खर्च करने पड़ते हैं. लेकिन जो पैसे इसमें खर्च करते हैं, उससे अधिक आपके ऑर्गनाइजेशन का स्टैंडर्ड को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने से दुनिया में देश में ऑर्गेनाइजेशन का बेहतर क्वालिटी स्टैंडर्ड का पहचान भी प्राप्त होता है.

FAQ

ISO meaning in Hindi

इसका मतलब इंटरनेशनल स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन होता है.

सारांश

आईएसओ के बारे में पूरी जानकारी दी गई है. फिर भी यदि इस लेख से संबंधित कोई सवाल है, तो कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं. इससे संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए आप हमें ईमेल कर सकते हैं.

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