Home science kya hai होम साइंस क्या है गृृहविज्ञान का अर्थ 2

Home science kya hai. खाना तो हर कोई बनाता हैं. परिवार हर कोई चलाता हैं. लेकिन इसको सही ढंग से चलाने की कला हर किसी को सीखना जरूरी होता हैं. जिससे की गृह विज्ञान यानी कि होम साइंस के द्वारा सीखा जाता हैं. तो होम साइंस क्या हैं. Home science in hindi होम साइंस का अर्थ क्या होता हैं. इसका परिभाषा क्या होता हैं. के बारे में अगर सर्च करते हुए इस पोस्ट पर आए हैंं तो यहां पर विस्तृत रूप से जानकारी मिलेगी।

पहले लोगों का यह मानना था कि गृह विज्ञान सिर्फ महिलाओं के लिए जरूरी हैं. क्योंकि महिलाओं को खाना बनाना हैं. बच्चों का पालन पोषण करना हैं. सिलाई कढ़ाई घर परिवार का ध्यान रखना हैं. तो उनके लिए गृह विज्ञान की जानकारी आवश्यक हैं. लेकिन वर्तमान समय में लगभग हर पति पत्नी मिलकर के घर का कार्य बहुत ही समन्वयक के साथ करते हैं. 

आजकल हर महिलाएं और पुरुष दोनों बाहर जाकर नौकरी करते हैंं इसलिए घर का काम भी हर कोई मिलकर ही करता हैं. Home science मे जॉब का कौन-कौन सा अपॉर्चुनिटी हैं. Home science का क्या महत्व हैं. Home science के जनक किसे कहा जाता हैं. के बारे में नीचे पूरी जानकारी प्राप्त करते हैंं।

What is Home science in hindi होम साइंस क्या हैं.

गृह विज्ञान विज्ञान का ही एक शाखा हैं. इसमें जीवन के हर पहलू से संबंधित कला को सिखाया जाता हैं. जैसे कि घर परिवार को कैसे संभालना हैं. बच्चों को कैसे संभालना हैं. कौन-कौन से संस्कार हैंं खाना बनाने के बारे में पूरी जानकारी दिया जाता हैं. घर में किस सामान को किस तरह से व्यवस्थित ढंग से रखा जाता हैं.

आदि कला को गृह विज्ञान के द्वारा सिखा जाता हैं. इसीलिए गृह विज्ञान को सामाजिक विज्ञान भी कहा जाता हैं. क्योंकि व्यक्ति को समाज में रहने के लिए घर में रहने के लिए जो भी आवश्यकता हैं. घर परिवार को किस तरह से व्यवस्थित ढंग से रखना हैं. गृह विज्ञान का पढ़ाई करने के बाद ही सही तरीके से जाना जा सकता हैं.

Home Science

गृह विज्ञान एक ऐसा विषय हैं. जिसके द्वारा किसी भी व्यक्ति को एक सुनियोजित व्यवस्थित तरीके से परिवारिक जीवन को जीवन यापन करने के लिए परिवारिक जीवन को सुख पूर्वक रखने के लिए ज्ञान प्राप्त होता हैं.।

गृह विज्ञान का अर्थ

Home science का हिंदी में अर्थ गृह विज्ञान होता हैं. गृह विज्ञान दो शब्दों से मिलकर बना हैं. पहला गृह जिसका अर्थ घर होता हैं. और विज्ञान का अर्थ विज्ञान यानी कि घर का विज्ञान गृह विज्ञान का शाब्दिक अर्थ घर का विज्ञान होता हैं.। 

खाना तो बना कर हम कोई भी चीज खा सकते हैंं लेकिन किसी भी व्यक्ति के शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सुदृढ़ बनाये रखने के लिए पोषक तत्वों का जरूरत होता हैं. और किसी भी शरीर के लिए क्या-क्या पोषक तत्व सही उपयोगी हो सकता हैं. जानना एक कला हैं. और इस कला को गृह विज्ञान के द्वारा सीखा जा सकता हैं.।

गृह विज्ञान का परिभाषा

किसी के परिवारिक जीवन में सैद्धांतिक और व्यावहारिक रूप से सुख सुविधाओं में विकास करना घर परिवार को व्यवस्थित ढंग से रखना गृह विज्ञान के द्वारा सीखा जा सकता हैं. इसीलिए गृह विज्ञान को सामाजिक विज्ञान के नाम से भी जाना जाता हैं. वैसे कई वैज्ञानिक ने गृह विज्ञान को कई तरह से परिभाषित किया हैं. जैसे कि

किसी वैज्ञानिक के द्वारा होम साइंस, विज्ञान शास्त्र, उपभोक्ता विज्ञान बच्चों के सही तरीके से परवरिश करना मानव का विकास करना घर के अंदर साज सज्जा सही बनाए रखना घर का एक व्यवस्थित तरीके से निर्माण करने वाला विज्ञान हैं.।

वर्तमान समय में महिलाएं और पुरुष दोनों मिलकर के घर परिवार संभाल रहे हैंं घर की जिम्मेदारियों को बराबर बराबर बांट करके सुव्यवस्थित तरीके से अपना कार्य कर रहे हैंं इसलिए महिलाएं और पुरुष दोनों को गृह विज्ञान का नॉलेज होना जरूरी हो गया हैं.।

Home science in hindi का महत्व

किसी भी कार्य को करने के लिए उस कार्य का महत्व भी समझना जरूरी हैं. घर में हजार तरह के सामान रखा जा सकता हैं. लेकिन उस सामान को व्यवस्थित ढंग से रखना एक कला होता हैं. बच्चों का पालन पोषण हर कोई करता हैं. लेकिन पालन पोषण सुव्यवस्थित तरीके से किया जाना एक तरह का कला हैं.

घर में हर सामान को मैनेज करके रखना खाना स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाना एक कला हैं. यह कला गृह विज्ञान में बहुत ही अच्छे से सिखाया जाता हैं. तो हर किसी के जीवन के लिए होम साइंस का नॉलेज बहुत जरूरी हैं. 

समय का बचत

Home science का नॉलेज होने से समय और धन दोनों का बचत होता हैं. घर के कार्यों को कम समय में बहुत ही व्यवस्थित तरीके से पूर्ण करके कुछ धन का भी संचय किया जा सकता हैं. घर में जो भी संसाधन उपलब्ध हैं. उसका समुचित ढंग से घर में जो भी खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं. उसको अपने हर सदस्य को पौष्टिक स्वादिष्ट और संतुलित भोजन बनाकर खिलाया जा सकता हैं. और उससे परिवार को एक स्वस्थ जीवन मिल सकता हैं.।

नौकरी और व्यवसाय द्वारा धन अर्जित

पहले लोगों को यह लगता था कि होम साइंस का पढ़ाई सिर्फ घर के कामों के लिए ही जरूरी हैं. लेकिन आजकल होम साइंस के नॉलेज से कई तरह के नौकरी भी कर सकते हैं.ं अपना व्यवसाय कर सकते हैंं जिससे कि बहुत ही ज्यादा धन अर्जित किया जा सकता हैं. और अपने परिवार का बच्चों का रहन सहन उच्‍च स्तर में कर सकते हैं.ं घर में जो भी अनुपयोगी वस्तुएं हैं. उसको उपयोगी बनाकर धन का संचय किया जा सकता हैं.।

परिवार का उचित देखभाल

कई बार ऐसा होता हैं. कि कोई अपने परिवार का उचित देखभाल करना चाहता हैं. उन्हें स्वस्थ रखना चाहता हैं. लेकिन उसके बारे में पूरी जानकारी नहीं रहती हैं. जिससे कि वह नहीं कर पाते हैंं लेकिन अगर होम साइंस का नॉलेज हो तो अपने परिवार में अगर कोई अस्वस्थ व्यक्ति हैं. तो उसका देखभाल उपचार उसका सही पोषण दे कर के किया जा सकता हैं.।

पर्व त्योहारों में सजावट करना

जब भी हमारे घर में शादी, जन्मदिन, पर्व-त्योहार होते हैंं तो अपने घर की विशेष सजावट करने के लिए बाहर से डेकोरेशन करने वाले को बुलाया जाता हैं. जिसमें कि बहुत सारा पैसा खर्च हो जाता हैं. लेकिन अगर गृह विज्ञान का पढ़ाई किए हो उसका कोर्स किए हो तो अपने घर का साज सज्जा खुद ही कर के पैसों का बचत भी कर सकते हैंं।

होम साइंस का परिवारिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण

अपने परिवार में हर सदस्यों के लिए हर मौसम का वस्त्र तैयार करना भी एक बहुत बड़ा कला हैं. जिसको होम साइंस के ज्ञान से बहुत ही आसानी से किया जा सकता हैं. हर मौसम के अलग-अलग कपड़े खुद से ही उपलब्ध कराया जा सकता हैं.।

गृह विज्ञान का लक्ष्य

किसी भी चीज का नॉलेज प्राप्त करना किसी भी सब्जेक्ट का एक लक्ष्य होता हैं. कि जो नॉलेज प्राप्त कर रहा हैं. उसको उस विषय में दक्ष करना उस के माध्यम से उस लक्ष्य को प्राप्त कर सके। गृह विज्ञान का नॉलेज होने से परिवारिक जीवन में कई सर्वांगीण विकास किया जा सकता हैं.

जैसे कि अगर घर में ही संसाधन उपलब्ध हैं. तो उसको अपने परिवार के आवश्यकताओं के अनुसार आसानी से व्यवस्थित किया जा सकता हैं. गृह विज्ञान के पढ़ाई करने के बाद कई तरह के स्वरोजगार भी मिलने लगे हैं. 

अगर किसी के घर में परिवारिक समस्या हैं. तो उसको भी आसानी से हल किया जा सकता हैं.।समाज में रहने के लिए सामाजिक संबंध बनाए रखने के लिए सामाजिक ज्ञान होना जरूरी हैं. तो गृह विज्ञान में यह भी पढ़ाया जाता हैं. कि किस तरह से समाज में सगे संबंधियों के साथ मधुर संबंध बना सकते हैंं जिससे कि समाज में उस व्यक्ति का स्थान ऊंचा रहे इमानदारी सरलता सौम्यता के साथ समाज में रहे

गृह विज्ञान सब्जेक्ट का शुरुआत

18 वीं शताब्दी में अमेरिका के स्कूलों में छात्राओं को सिलाई कढ़ाई आदि की शिक्षा का शुरुआत हुआ लेकिन सबसे पहले 1840 में घरेलू अर्थव्यवस्था के नाम से एक सब्जेक्ट कैथरीन  ई० विवर ने शुरू किया लेकिन गृह विज्ञान को आगे बढ़ाने में इसका विकास करने में अमेरिका के लैंड ग्रांट कॉलेज का बहुत ही ज्यादा योगदान हैं.।

19वीं शताब्दी में अमेरिका के शिकागो शहर की रहने वाली श्रीमती एच एल रिचार्ड ने गृह विज्ञान को हर किसी के परिवारिक जीवन में महत्त्व रखने वाला विज्ञान के रूप में प्रकाशित किया और उन्होंने रम्फोर्ड किचन की स्थापना शिकागो में किया। 

Home science इकोनॉमिक्स एसोसिएशन की स्थापना 1909 में अमेरिका में की गई जिसके बाद गृह विज्ञान को एक व्यापक विषय के रूप में पहचान मिल गई और हर शिक्षण संस्थानों में इस विषय का पढ़ाई होने लगा भारत में 1882 में महिलाओं को अपने आप में आर्थिक रूप से कार्य करने के लिए स्वावलंबी बनाने के लिए प्रशिक्षण शुरू किया गया और यह कार्य ब्रह्म समाज के एक नेता की पुत्री और रविंद्र नाथ टैगोर की एक बहन स्वर्णकुमारी देवी ने शुरू किया था।

इसी तरह 1910 स्वर्ण कुमारी देवी की एक पुत्री सरला देवी चौधुरानी ने महिलाओं को घर के कार्यों में दक्ष करने के लिए अपने घर पर ही शिक्षा देने का अभियान चलाना शुरु किया। वैसे गृह विज्ञान के जनक के रूप में अरस्तु को जाना जाता हैं. क्योंकि उन्हीं के समय में गृह विज्ञान का विकास हुआ।

गृह विज्ञान में जॉब अपॉर्चुनिटी

गृह विज्ञान को घर का विज्ञान व सामाजिक विज्ञान के नाम से जाना जाता हैं. तो लोगों को यही लगता हैं. कि यह सिर्फ घर संभालने वालों के लिए ही उपयोगी विषय हैं. लेकिन गृह विज्ञान में जॉब अपॉर्चुनिटी भी बहुत ज्यादा हैं. गृह विज्ञान से अगर कोई ग्रेजुएशन करता हैं. या पोस्ट ग्रेजुएशन करता हैं. तो कई क्षेत्रों में उसके लिए जॉब मिल सकता हैं. जैसे कि

  • ड्रेस डिजाइनर 
  • इंटीरियर डेकोरेटर
  • टीचर 
  • महिला बाल विकास अधिकारी 
  • न्यूट्रीशनिस्ट
  • फूड टेक्नोलॉजिस्ट
  • मैनेजर
  • रेडियो टीवी के कलाकार
  • हाउसकीपिंग 
  • टूरिस्ट रिसॉर्ट
  • रिसोर्स मैनेजमेंट आदि

गृह विज्ञान से कोर्स करने के लिए भारत में कई प्रसिद्ध विश्वविद्यालय हैंं जहां से पढ़ाई करके अपना बहुत ही बेहतर कैरियर बनाया जा सकता हैं.

  • एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय मुंबई
  • लेडी इरविन कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय
  • वनस्थली विश्वविद्यालय राजस्थान
  •  गृह विज्ञान विभाग कोलकाता विश्वविद्यालय
  •  गृह विज्ञान महाविद्यालय निर्मला निकेतन मुंबई
  •  गवर्नमेंट होम साइंस कॉलेज पंजाब यूनिवर्सिटी

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सारांश

गृह विज्ञान हर व्यक्ति विशेष के लिए महत्वपूर्ण हैं. जिससे कि आसानी से जीवन निर्वहन किया जा सकता हैं. गृह विज्ञान में शरीर विज्ञान गृह प्रबंध विज्ञान वस्त्र विज्ञान आदि की पढ़ाई होती हैं.।

इस लेख में होम साइंस क्या हैं. Home science का क्या महत्व हैं. गृह विज्ञान का क्या अर्थ हैं. क्या परिभाषा हैं. इसका क्या लक्ष्य हैं. इसका पढ़ाई करने के बाद कौन-कौन से जॉब अपॉर्चुनिटी हैं. के बारे में पूरी जानकारी दी गई हैं. फिर भी अगर इस लेख से संबंधित कोई सुझाव हैं. तो कृपया कमेंट करके जरूर बताएं और इसको अपने दोस्त मित्रों को शेयर जरूर करें।www.gyanitechraviji.com

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