कंप्‍यूटर क्‍या हैं परिभाषा कार्य उपयोग एवं विशेषता

इस लेख में Computer kya hai के बारे में जानकारी दी गई हैं कंप्‍यूटर एक ऐसा शब्द है जिससे दुनिया के सभी लोग जरूर परिचित होंगे. कंप्यूटर क्या हैं कंप्यूटर का अविष्कार किसने किया कंप्यूटर का अविष्कार कब हुआ कंप्यूटर कैसे काम करता है.

इस लेख में आपको Computer के बारे में पूरी जानकारी नीचे विस्तार से मिलने वाला है.

आज हर कोई चाहता है कि हम कंप्यूटर सीखे कंप्यूटर से काम करें Computer से काम करके पैसा कमाए क्योंकि कंप्यूटर एक ऐसा मशीन है जिसको यदि आप सीख जाते हैं आप चलाना जानते हैं कंप्यूटर पर काम करना जानते हैं तो आप एक अच्छी नौकरी पा सकते हैं इसलिए कंप्यूटर हर किसी के जीवन का हिस्सा बन गया है. 

Contents

Computer kya hai कंप्‍यूटर क्‍या हैं 

कंप्यूटर एक अभिकलक यंत्र है प्रोग्रामेबल मशीन है जिसको हिंदी में संगणक कहते हैं. कंप्यूटर के पास ऐसी क्षमता है जो किसी भी तरह के गणितीय तार्किक कामों को बहुत ही आसानी से और बेहतर तरीके से कर सकता है.

कंप्यूटर अंकगणितीय कैलकुलेशन को बहुत ही आसानी से और कम समय में कर देता है. Computer एक विद्युत संचालित यंत्र है मशीन है जो किसी भी तरह के गणनाओ को प्रोसेसिंग करता हैं. कंप्‍यूटर जोड़ घटाव गुणा भाग या कैलकुलेशन को बहुत ही तेज गति से सही-सही कैलकुलेट कर देता है.

Computer kya hai

यह एक ऐसा यंत्र है मशीन है जिससे आप एक सॉफ्टवेयर बना सकते हैं एक वेबसाइट बना सकते हैं एक ऐसा टेक्नोलॉजी का निर्माण कर सकते हैं जो किसी भी तरह के कामों को करने के लिए सक्षम है.

उदाहरण के लिए बहुत सारे ऐसे आप शॉपिंग सेंटर देखे होंगे जहां पर जाने के बाद ऑटोमेटिक डोर ओपन हो जाता है और निकलने के बाद क्लोज हो जाता है इस तरह के जो काम होते हैं या और भी तरह के जो ऑटोमेटिक कंप्यूटराइज वर्क होते हैं वह सभी कामों को करने के लिए कंप्यूटर सक्षम है. सॉफ्टवेयर क्‍या हैं

What is Computer in hindi 

आसान भाषा में Computer एक मशीन है. जिसकी सहायता से सभी प्रकार के कार्यों को बहुत ही आसानी से और कम समय में किया जा सकता है. Computer अग्रेंजी के compute शब्‍द से बना हैं. जिसका अर्थ गणना करना होता हैं.

कप्‍यूटर को हिन्‍दीं में संगणक भी कहा जाता हैं. वैसे कंप्यूटर क्या हैं इसके बारे में परिभाषित किया जाए तो इसका परिभाषा अनंत हो सकता हैं.

लेकिन मुख्य रूप से कंप्यूटर क्या हैं इसके बारे में अभी बताया जाए तो Computer एक इल्‍केट्रोनिक्‍स डिवाइस है मशीन हैं. जिसकी सहायता से किसी भी प्रकार की कैलकुलेशन को बिलकुल आसानी से कर सकते हैं.

कंप्यूटर का अविष्कार सन 1833 ई० में हुआ था. जिसका अविष्‍कार इंग्‍लैंड के वेज्ञानिक चार्ल्स बैबेज के द्वारा किया गया था. कंप्यूटर को एक हार्डवेयर मशीन भी कहा जाता है.

Computer1

Computer का इतिहास 

इसका इतिहास 5000 वर्ष पुराना है उस समय चीन के द्वारा abacus को केलकुलेटर का आकार दिया गया था जिसके द्वारा कुछ गणितीय जोड़ का काम किया जाता था लेकिन उस केलकुलेटर के द्वारा गुणा भाग या अन्य प्रकार के जो कैलकुलेशन होते थे वह नहीं हो पाता था.

फिर वर्ष 1916 में एक नेपियर बोंस के नाम से दूसरा केलकुलेटर का आविष्कार किया गया जिस कैलकुलेटर से घटाव गुणा भाग जोड़ आदि का काम किया जाता था और ऐसे ही धीरे-धीरे केलकुलेटर का जो मशीन होता था उसमें बदलाव करते करते एक मशीन के रूप में आकार दिया जाने लगा फिर पास्कल नाम से एक मशीन का आविष्कार किया गया.

जिस मशीन से कैलकुलेशन को बहुत ही तेजी से किया जा सकता था इस मशीन का नाम मैकेनिकल कैलकुलेटर रखा गया था और इस मशीन को बनने के बाद जो गणितीय कैलकुलेशन था वह बहुत ही आसानी से किया जाने लगा. ऐसे ही कैलकुलेटर मशीन से संबंधित एक दो और अविष्कार हुए और धीरे-धीरे कुछ दिनों के बाद डिफरेंस इंजन नाम के एक मशीन का आविष्कार कंप्यूटर के रूप में हुआ.

Computer का अविष्‍कार किसने किया

कंप्यूटर का आविष्कार चार्ल्स बैबेज ने किया था. सबसे पहले 1822 में चार्ल्स बैबेज ने डिफरेंशियल इंजन के नाम से एक मैकेनिकल कंप्यूटर का आविष्कार किया. उसके बाद वर्ष 1938 में United States नेवी के द्वारा एक इलेक्ट्रो मैकेनिकल कंप्यूटर बनाया गया था. 

charles babbage

उसके बाद से कंप्यूटर के क्षेत्र में कई तरह के और भी आविष्कार किया गया. कंप्यूटर का वर्तमान समय में पांचवा जेनरेशन के रूप में कंप्यूटर का उपयोग किया जा रहा है. जिसका नाम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है.

Computer की पीढ़ियां 

1. First Generations – Vacuum Tubes – 1940-1956

सबसे पहले जब पहला जनरेशन कंप्यूटर का आविष्कार किया उस का नाम Vacuum Tubes है इस कंप्यूटर का आकार बहुत ही बड़ा था! जिस को चलाने के लिए ज्यादा बिजली की भी खपत होता था.

2. Second Generations – Transistor – 1956-1963

दूसरे जनरेशन का कंप्यूटर ट्रांजिस्टर के नाम से विकसित हुआ. दूसरे जनरेशन को चलाने के लिए कम बिजली की खपत करना पड़ता था. तथा यह तेज काम करता था इसका साइज भी पहले जनरेशन के तुलना में छोटा था

3. Third Generations – Integrated Circuit – 1964-1971

तीसरे जनरेशन का निर्माण Integrated Circuit कंप्यूटर के रूप में किया गया. जिसमें छोटे छोटे सिलिकॉन चिप लगाया गया था. इस को आसानी से चलाया जा सकता था और इसका साइज भी और छोटा था .

4. Fourth Generations – Microprocessor – 1971-1985

चौथे जनरेशन कंप्यूटर में बहुत ही ज्यादा बदलाव करते हुए इस को बनाया गया. जिसका नाम माइक्रोप्रोसेसर है. इस को बहुत ही बेहतर तरीके से बनाया गया. इस कंप्यूटर को एक मॉडर्न कंप्यूटर के रूप में बनाया गया.

5. Fifth Generations – Artificial Intelligence – 1985- in present

वर्तमान समय में फिफ्थ जनरेशन कंप्यूटर का उपयोग किया जा रहा है. जिस कंप्यूटर का नाम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है. इस कंप्यूटर में नए तरीके से टेक्नोलॉजी को विकसित करके बनाया गया है. जो कि एडवांस तकनीक के रूप में काम कर रहा है.

Computer कैसे काम करता हैं

जब कभी भी हम लोग कंप्यूटर को कुछ भी इनपुट देते हैं तो अपने मशीन के अंदर उस इनपुट किए गए डाटा को प्रोसेस करके और उसका रिजल्ट हम लोगों को आउटपुट के माध्यम से प्रदान करता है.

INPUT PROCESSING OUTPUT

इस कार्य को करने में लैपी को बहुत ही कम समय लगता है.और कंप्यूटर बहुत ही फास्ट आउटपुट रिजल्ट देता है.इसीलिए कंप्यूटर को फास्ट आउटपुट्स मशीन भी कहते हैं.

Laptop में किसी प्रकार के डाटा को इंटर करते हैं उसके बाद सॉफ्टवेयर के जो कमांड होते हैं वह जिस तरह का कार्य होता है उसके लिए और निर्देशित करते हैं और फिर कंप्यूटर की सीपीयू के माध्यम से प्रोसेस होता है.

कंप्यूटर में किसी भी प्रकार के इनपुट देने के लिए कीबोर्ड या माउस इत्यादि डिवाइस का उपयोग किया जाता है और यह एक इनपुट डिवाइस के रूप में काम करता है.

आउटपुट 

जब किसी प्रकार के डाटा या किसी प्रकार के कार्यों के लिए Lappy में कोई इनपुट दिया जाता है तब कंप्यूटर के सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट में मेमोरी यानी कि रीड ओनली मेमोरी के द्वारा कार्य को प्रोसेस किया जाता है.

और उसके बाद कंप्यूटर उस डाटा को प्रोसेस करके आउटपुट प्रदान करता है कंप्यूटर में जो आउटपुट हम लोग देख पाते हैं उस डिवाइस को मॉनिटर के नाम से जानते हैं मॉनिटर एक आउटपुट डिवाइस है जो कि कंप्यूटर के डाटा का आउटपुट को प्रस्तुत करता है.

Computer कैसे चलाते हैं

कंप्यूटर को चलाना बहुत ही आसान है. यदि आप पहली बार कंप्यूटर चलाना चाहते हैं. तो आप बिल्कुल आसानी से कंप्यूटर को चला सकते हैं. नीचे दिए गए नहीं स्टेप्स को आप फॉलो करें.

  • Lappy को चालू करें
  • Lappy में काम करने के लिए आपको माउस और कीबोर्ड दो चीजों का उपयोग करना है.
  • माउस से किसी भी प्रोग्राम को यदि चालू करना चाहते हैं तो वहां माउस ले जा करके प्रेस करे.
  • उसके बाद यदि किसी प्रोगाम को माउस से ओपन कर लिया है
  • अब उसमें कुछ लिखना चाहते हैं तो
  • कीबोर्ड से Key को प्रेस करें.
  • इस तरह से आप Lappy को चला सकते हैं.

Computer सीपीयू के प्रमुख पार्ट्स

1. Cabinet 

सीपीयू सबसे प्रमुख अंग होता है. सीपीयू में सबसे पहला पार्ट्स को कैबिनेट के नाम से जाना जाता है कैबिनेट के अंदर ही सीपीयू के सारे पार्ट्स रहते हैं.

CPU cabinet - Computer

2. Motherboard

CPU का प्रमुख बोर्ड मदरबोर्ड होता है. मदरबोर्ड से ही सभी पार्ट्स जुड़े हुए रहते हैं. मदरबोर्ड सीपीयू का मेन बोर्ड होता है.

motherboard - computer

3. Processor

प्रोसेसर नाम से ही पता चलता है कि जो भी Laptop में इनपुट प्रोसेस किया जाता है वह प्रोसेसर के द्वारा ही होता है. प्रोसेसर को Laptop के दिमाग के रूप में जाना जाता है. प्रोसेसर कंप्यूटर के अंदर जितने भी तरह के काम होते हैं. उन सभी कामों को प्रोसेस करता रहता है.

processor

4. Ram

रैम को रेंडम एक्सेस मेमोरी के नाम से जाना जाता है. यह Computer में जो भी काम होता है उसको access करता है. जिस तरह से मनुष्य तरह-तरह के बातों को सुनता है और फिर कुछ दिनों के बाद भूल जाता है. ठीक उसी प्रकार जब Lappy में कुछ काम किया जाता है उस समय रैम उसको प्रोसेस करता है. लेकिन जैसे ही कंप्यूटर बंद हो जाता है तब रैम में प्रोसेस किए हुए डाटा भी खत्म हो जाता हैं.

Computer Ram

RAM का फुल फॉर्म रीड ओनली मेमोरी होता है और यह परिवर्तनशील मेमोरी होता है जिसको भोला टाइल मेमोरी कहते हैं Lappy में जब किसी भी प्रकार के डाटा को प्रोसेस किया जाता है उस समय रैम डाटा को प्रोसेस करता है.

और डाटा को अपने पास यह स्टोर नहीं करता है रैम का इस्तेमाल Lappy में डाटा को प्रोसेस करने के लिए किया जाता है. रैम में जो भी डाटा को प्रोसेस किया जाता है उस डाटा को रैम अपने पास स्टोर नहीं करता है और जब Computer बंद हो जाता है तब वे डाटा नष्ट हो जाते हैं. 

Rom :- रीड ओनली मेमोरी को ROM कहते हैं इसका काम Computer के डाटा को रीड करना यानी कि पढ़ना होता है कंप्यूटर मेमोरी में रोम एक स्थाई मेमोरी होता है जिस को परमानेंट मेमोरी कहते हैं रोम में स्टोर किए गए डाटा कंप्यूटर बंद हो जाने के बाद भी नष्ट नहीं होता है क्योंकि ROM एक (non volatile storage memory है इसको आप परिवर्तनशील मेमोरी) कहते हैं.

रोम के कुछ प्रकार 

PROM:- programmable read only memory यह एक ऐसा मेमोरी है जिसको Computer के बंद हो जाने के बाद भी जो इसमें डाटा मौजूद रहता है उसे मिटाया नहीं जा सकता या उस में कुछ बदलाव नहीं किया जा सकता है जो डाटा एक बार इसमें संग्रहित कर दिया जाता है उसे मिटाया नहीं जा सकता है.

EPROM:- Erasable programmable read only memory ई प्रोम मेमोरी में स्टोर किए गए डाटा को पराबैगनी किरणों के द्वारा मिटाया या हटाया जा सकता है और इसमें नए प्रोग्राम को स्टोर भी किए जा सकते हैं. EEPROM:- electrical programmable read only memory फुल फॉर्म होता है इस मेमोरी में जो प्रोग्राम या डाटा होते हैं उसको विद्युतीय विधि से मिटाया हटाया जा सकता है.

5. Hard disk

Computer में किसी भी तरह के डाटा को रखने के लिए हार्ड डिक्स की आवश्यकता होती है. हार्ड डिक्स में ही सभी डाटा को स्टोर किया जाता है. किसी भी तरह का कोई डेटा हो चाहे वह ऑडियो हो वीडियो हो इमेज हो वे सभी को हार्ड डिक्स में स्टोर किया जाता है.

Hard disk

6. SMPS power supply

इस को चलाने के लिए पावर की जरूरत होता है. Computer में पावर को सप्लाई करने के लिए एसएमपीएस का उपयोग किया जाता है. जिसके द्वारा कंप्यूटर के जितने भी पार्ट्स होते हैं उनमें पावर को सप्लाई किया जाता है.

SMPS

7. Expansion card

इस कार्ड को Laptop या सीपीयू के अंदर इसलिए लगाया जाता है कि बाद में यदि Computer में किसी भी पार्ट्स को जोड़ना हो तो उस समय आसानी से लगाया जा सकता है.

Expansion card

8. Graphics

Computer में किसी भी तरह के फोटो संबंधी या वीडियो Editing से संबंधित काम करने के लिए, या फिर ऑनलाइन गेम खेलने के लिए ग्राफिक्स की जरूरत होती है. क्योंकि बिना ग्रैफिक्स के आप इस तरह के कामों को नहीं कर सकते हैं.

इसलिए जो गेमिंग पीसी होता है उसमें ग्रैफिक्स कार्ड का उपयोग किया जाता है. जिससे आसानी से आप किसी भी तरह के गेम खेल सकते हैं. वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग कर सकते हैं.

graphics card

Computer का प्रकार

  • Desktop 
  • Laptop 
  • Tablet

1. डेस्कटॉप 

डेस्कटॉप एक ऐसा Computer होता है जिसमें मॉनिटर सीपीयू कीबोर्ड माउस यूपीएस होता है. इस तरह के जो डेस्कटॉप होते हैं उसको किसी एक स्थान पर रख कर के काम कर सकते हैं. क्योंकि डेस्कटॉप में अलग-अलग तरह के पार्ट्स होते हैं जिसको एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान नहीं है.

desktop computer

डेक्सटॉप एक बेहतरीन Computer होता है. इसका लाइफ भी ज्यादा होता है तथा डेस्कटॉप बहुत ही कम खर्चीला होता है. डेस्कटॉप का दाम भी अन्य Computer के तुलना में कम होता है.

2. Laptop 

लैपटॉप कंप्यूटर एक ऑल इन वन कंप्यूटर होता है. जिसमें Computer के जितने भी अलग-अलग पार्ट्स होते हैं वह सभी पार्ट्स एक साथ जुड़े हुए रहते हैं. लैपटॉप एक अच्छा Computer है यदि आप लैपटॉप को एक जगह से दूसरे जगह पर ले जाना चाहते हैं तो बहुत ही आसानी से इसको लेकर जा सकते हैं.

Laptop

क्योंकि इसका वजन बहुत ही कम होता है. लैपटॉप Computer में अलग से कीबोर्ड माउस मॉनिटर यूपीएस लगाने की जरूरत नहीं होता है. क्योंकि इसमें सब कुछ एक ही साथ लगा हुआ रहता है. डेस्कटॉप के तुलना में लैपटॉप महंगा होता है. लैपटॉप के रखरखाव में थोड़ा सावधानियां भी बरतना पड़ता है क्योंकि लैपटॉप में किसी भी तरह का कोई ज्यादा खराबी हो जाने के बाद इसको रिपेयर नहीं किया जा सकता है.

3. Tablet

लैपटॉप Computer के बाद टेबलेट उससे भी एक छोटा डिवाइस है. जिससे Laptop के कामों को आप कर सकते हैं. लेकिन एक लैपटॉप की तुलना में टेबलेट पर इतना ज्यादा काम नहीं कर सकते हैं.

Tablet

फिर भी यदि आप इंटरनेट ब्राउजिंग करना चाहते हैं तो आसानी से टेबलेट पर कर सकते हैं टेबलेट पर आसानी से छोटे-मोटे किसी भी तरह के डॉक्यूमेंट बनाना चाहते हैं तो भी बना सकते हैं. लेकिन बहुत ही ज्यादा बड़े कामों के लिए टेबलेट उपयुक्त नहीं है.

On behalf of the size 
Micro  Mini 
Mainframe  Super
On behalf of the mechanism 
Analogue  Digital 
Hybrid 
On behalf of general uses 
Generally used  Specially used 
Mobile device  Tab used as

Computer की विशेषता 

1. गति

किसी भी काम को करने में जितना ज्यादा समय लगता है उस काम को Computer सेकेंड से भी कम समय में कर सकता है क्योंकि इसका काम करने की गति बहुत ही ज्यादा तेज है.

2. सटीकता

जब भी किसी भी प्रकार का कोई रिजल्ट देता है तो सौ पर्सेंट सही होता है. क्योंकि Computer कभी भी गलत रिजल्ट नहीं देता है. कभी-कभी ऐसा होता है कि जब इनपुट गलत देते हैं तब उसका आउटपुट गलत हो सकता है नहीं तो Laptop पूरी तरह से सही सटीक उत्तर देता है.

3. स्वचालित

यह एक स्वचालित मशीन है क्योंकि Laptop पर जब कभी भी लगातार 100 पेजों को Print देते हैं तो एक बार इस को बता देते हैं उसके बाद Computer अपने आप स्वयं उन सभी पेजों को प्रिंट कर देता है.

4. विश्वसनीयता

यह एक भरोसेमंद विश्वसनीय मशीन है. इसीलिए Laptop पर ही आज हर तरह के कामों को किया जा रहा है क्योंकि Computer/Laptop एक बहुत ही विश्वसनीय डिवाइस मशीन है.

5. बहु: कायण

यह एक साथ कई तरह के कामों को कर सकता है इसीलिए इसे मल्टीटास्किंग मशीन भी कहा जाता है. क्योंकि Computer/Laptop पर एक समय में कई तरह हो कामों को आप कर सकते हैं.

6. कार्यकुशलता

इसका काम करने की तरीका इंसानों से अलग है. क्योंकि कभी-कभी इंसान काम करते करते थक जाता है और गलत भी कर सकता है. लेकिन इस को लगातार कितना भी काम करते रहे हैं वह पूरी तरह से कार्य कुशलता के साथ उसका आउटपुट प्रदान करता है.

7. कर्मठता

यह एक ऐसा मशीन है जो कि 24 * 7 काम कर सकता है. यदि इंसान लगातार काम करते रहे तो थक जाता है और बीमार भी हो जाता है. लेकिन Laptop एक ऐसा मशीन है जो कि कभी थकता नहीं है 24*7 काम करते रहता है.

8. यादाश्त

इसका का मेमोरी बहुत ही मजबूत है. हम इंसान कभी कभी कुछ बातों को भूल जाते हैं. लेकिन Computer में जब एक बार आप कुछ भी इनपुट दे देते हैं तो Laptop कभी नहीं भूलता है. और उसको प्रोसेस करके उसका आउटपुट प्रदान करता है.

9. गोपनीयता

गोपनीयता के मामले में यह सर्वोपरि है. क्योंकि Computer में जितने भी तरह के फाइल फोल्डर रखे जाते हैं. उसको यदि कंप्यूटर में लॉक कर दिया जाए तो उसको कोई भी देख नहीं सकता है. Laptop से ही आज लोग अपने ऑफिस में जितने भी तरह के गोपनीय जानकारियां होते हैं उसको कंप्यूटर में लॉक करके रखते हैं.

10. स्फूर्ति

मनुष्य काम करते करते थक जाता है और काम यदि करता भी है तो धीरे-धीरे करता है. क्योंकि वह थक जाता है लेकिन Laptop के साथ कभी ऐसा नहीं होता है. Laptop से आप लगातार काम लेते रहे तो भी वह उतनी ही शक्ति उतनी ही तेजी के साथ काम करेगा जितना पहले करता था या अभी भी कर रहा है क्योंकि Computer कभी थकता नहीं है.

11. पुनरावृति

यह में एक बार किसी भी तरह का कोई काम को सेट कर दिया जाए. तो बार-बार उस काम को Laptop स्वयं करता है. क्योंकि इस को एक बार बताने की जरूरत होता है. उसके बाद Computer उस काम को बार-बार रिपीट करते रहता है.

12. विविधता

यह विविध प्रकार के कामों को कर सकता है. यदि आधुनिक मशीन का Laptop उपयोग कर रहे हैं तो आप एक साथ विविध प्रकार के कामों को Laptop में असानी से कर सकते है.

13. तुरंत निर्णय लेने की क्षमता

यह एक ऐसा डिवाइस है मशीन है जो कि बहुत ही जल्द किसी भी चीज का आउटपुट प्रदान करता है. उसको ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं होता है वह तुरंत प्रोसेस करके उसका आउटपुट प्रदान कर देता है.

14. बहुत ही ज्यादा भंडारण क्षमता

Laptop में आप कितना भी चाहे डाटा स्टोर कर सकते हैं. बस उसके लिए आपको हार्ड डिक्स की आवश्यकता होती है. फिर चाहे आप जितना चाहे उतना डाटा को इंस्टॉल कर सकते हैं.

Computer का उपयोग 

1. स्कूल में उपयोग

जितने भी स्कूल है उन सभी स्कूलों में आज Computer का उपयोग किया जा रहा है. चाहे बच्चों को पढ़ाना हो या फिर Laptop में जितने भी स्टाफ काम कर रहे हैं, या जितने भी छात्र हैं उन सभी का डाटा Laptop पर ही तैयार किया जाता है. स्कूल में जितने भी लोग काम करते हैं उन सभी लोगों का सैलरी सीट भी Computer पर बनाया जा रहा है. स्कूल में और भी जितने भी तरह के काम है उन सभी कामों के लिए ऑनलाइन Laptop के माध्यम से उपयोग किया जा रहा है.

2. सामान्य जीवन में 

एक सामान्य व्यक्ति भी Computer का उपयोग कर रहा है क्योंकि हर कोई आज Laptop से जुड़ करके काम कर रहा है. चाहे ऑनलाइन कमाई करना हो या Laptop से किसी भी तरह का कोई जानकारी लोगों को देना हो, बच्चों को पढ़ाना हो, इन सभी कामों के लिए भी लोग Laptop का उपयोग कर रहे हैं. हर घर में एक सामान्य व्यक्ति Laptop से ही कामों को कर रहा है.

3. चिकित्सा के क्षेत्र में 

वर्तमान समय में चिकित्सा के क्षेत्र में कंप्यूटर का बहुत बड़ा योगदान है. क्योंकि आज तरह-तरह की जो भयंकर बीमारियां लोगों को हो रही हैं उन सभी बीमारियों के बारे में पता लगाने के लिए कंप्यूटर के द्वारा जांच किया जा रहा है. चिकित्सा के क्षेत्र में Laptop का बहुत ही बड़ा उपयोग है.

4. बैंकिंग क्षेत्र में 

बैंकिंग कार्यप्रणाली बहुत ही आसान हो गया है. वर्तमान समय में बहुत ही आसानी से कहीं भी लोग पैसा का निकासी एटीएम के माध्यम से कर रहे हैं. बैंक में खाता खुलवाना हो या बैंक से किसी भी तरह का काम करना हो तो कम समय में Laptop के कारण लोग अपने कामों को कर पा रहे हैं.

बैंकिंग क्षेत्र में कंप्यूटर के आने से आज पैसा भेजना बहुत ही आसान हो गया है. पैसा किसी से अपने खाते पर प्राप्त करना भी बहुत आसान हो गया है. Computer के बैंकिंग क्षेत्र में आने के कारण आज हर कोई अपने घर से ऑनलाइन खरीदारी अपने खाते के माध्यम से कर रहा है.

5. व्यापार के क्षेत्र 

कंप्यूटर से आज व्यापार भी बहुत आसान हो गया है. पहले जब Computer नहीं था. उस समय व्यापार से संबंधित कामों को करना बहुत ही कठिन था. लेकिन वर्तमान समय में व्यापार के क्षेत्र में Laptop का उपयोग करने से एक नई क्रांति का संचार हुआ है. जिससे व्यापार में भी बहुत ही ज्यादा प्रगति हो रहा है तथा ग्राहकों के लिए भी सुविधा आसानी से मुहैया हो पा रहा है.

6. रक्षा के क्षेत्र में 

आजकल हर जगह सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है. जिससे किसी भी चोरी संबंधी घटनाओं पर नजर रखा जा रहा है. यह तभी संभव हुआ है जब कंप्यूटर का उपयोग किया जा रहा है. आज अपराध चोरी और अन्य तरह के गलत कामों में Laptop के कारण बहुत कमी आया है.

7. सरकारी कार्यालय

जितने भी सरकारी कार्यालय हैं वे सभी आज Laptop से युक्त हो गए हैं. जिससे किसी भी तरह का काम को कराना बहुत ही आसान हो गया है. पहले जब कंप्यूटर नहीं हुआ करता था तब किसी भी काम को करने के लिए कराने के लिए बहुत ही ज्यादा समय लगता था. लेकिन आज सबकुछ ऑनलाइन कंप्यूटर के माध्यम से आसानी से कर लिया जाता हैं.

8. मनोरंजन 

मनोरंजन के क्षेत्र में भी आज Laptop के कारण बहुत ही ज्यादा विकास हुआ है. क्योंकि मनोरंजन के क्षेत्र में Laptop के कारण तरह-तरह के अजीबोगरीब दृश्य को दिखाया जाता है. जिसको Laptop पर ही बनाया जाता है. साथ ही साथ टेक्नोलॉजी इतना आगे बढ़ गया कि आज मनोरंजन के क्षेत्र में तरह-तरह के कारनामे Computer के माध्यम से बना करके दिखाया जा रहा है. जिससे मनोरंजन के क्षेत्र में बहुत ही ज्यादा विकास हुआ है.

Computer का फुल फॉर्म 

  • सी- आम तौर पर
  • ओ- संचालित
  • एम- मशीन
  • पी- विशेष रूप से
  • यू- प्रयुक्‍त
  • टी- तकनीकी
  • ई- शैक्षणिक
  • आर- अनुसंधान

जिसका उपयोग आमतौर पर तकनीकी अनुसंधान के लिए किया जाता हैं. Laptop का संचालन मानव के डाटा इनपुट के अनुसार होता हैं.

Computer का फुल फॉम अग्रेंजी में

Commonly Operated Machine Particularly Used in Technical Educational Research

Full Form in English
C Commonly
O Operated
M Machine
P Particularly
U Used
T Technical
E Educational
R Research

Computer के दो महत्‍वपूर्ण अंंग

पहले भाग को हार्डवेयर कहा जाता हैं. और दूसरे भाग को सॉफ्टवेयर कहा जाता हैं.हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर मिलकर के किसी भी Laptop के कार्य को करते हैं.

1. Hardware 

हार्डवेयर किसे कहते हैं हार्डवेयर वैसे वस्तु जिनको हम लोग देख सकते हैं छू सकते हैं. वैसे वस्तुओं को हमलोग हार्डवेयर कहते हैं. जैसे मॉनिटर, सीपीयू, यूपीएस, कीबोर्ड, माउस, प्रिंटर, स्पीकर,पेन ड्राईव,एक्‍सरे मशीन आदि ये सभी हार्डवेयर के पार्टस होते हैं.

Hardware

2. Software

सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं सॉफ्टवेयर हम उसे कहते हैं जिसको हम लोग देख नहीं सकते, छू नहीं सकते. लेकिन महसूस  कर सकते हैं. उसे हम लोग सॉफ्टवेयर कहते हैं. सॉफ्टवेयर दो प्रकार के होते हैं. सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर सिस्टम सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं सिस्टम सॉफ्टवेयर  मुख्‍य सॉफ्टवेयर होता हैं.

Software

सिस्टम सॉफ्टवेयर:- यह सिस्‍टम का कन्‍ट्रोंलर होता हैं. ये सारे एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को कंट्रोल करता हैं. एप्‍लीकेशन सॉफ्टवेयर पर हमलोग काम करते हैं. ये सर्विस प्रोभाईडर का काम करता हैं. एप्‍लीकेशन सॉफ्टवेयर का उदाहरण हैं जैसे कि माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस,जावा,टैली,फोटोसॉप और पीएचपी ये सारे एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर हैं.

सेकेंडरी मेमोरी क्या है (सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस क्या है) 

रीड ओनली मेमोरी की तरह है सेकेंडरी मेमोरी यानी कि सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस जो होता है वह नॉन वोलेटाइल मेमोरी के नाम से जाना जाता है जिसको हिंदी में और परिवर्तनशील स्टोरेज डिवाइस के नाम से जानते हैं सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस में डाटा को परमानेंटली स्टोर कर सकते हैं.

इसमें डाटा को संग्रहित करना सुरक्षित होता है और इस डाटा को Computer के यूजर कभी भी एक्सेस कर सकते हैं सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस यानी कि सेकेंडरी मेमोरी जो होता है वह इस का मुख्य भाग नहीं होता हैसेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस के रूप में हार्ड डिक्स सीडी डीवीडी पेन ड्राइव इत्यादि का उपयोग किया जाता है.

सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस की विशेषता 

  • इसका डाटा स्थाई रूप से मेमोरी में स्टोर रहता है.
  • इसमें स्टोर किए गए डाटा हमेशा के लिए मौजूद रहता है.
  • सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस का स्टोरेज क्षमता बहुत ज्यादा होता है.
  • इसका स्टोरेज गति थोड़ा धीमा होता है.
  • कंप्यूटर बंद हो जाने के बाद भी डाटा सुरक्षित रहता है.

कैचे मेमोरी क्या है

कैचे मेमोरी एक मेमोरी होता है जो सीपीयू के साथ तेजी गति से डाटा को प्रोसेस करने के लिए काम करता है सीपीयू में जब किसी प्रकार के डाटा को प्रोसेस करने के लिए इनपुट दिया जाता है तो उसके लिए कैचे मेमोरी बहुत ही तेजी गति से डाटा को प्रोसेस करता है.

कैचे मेमोरी मेन मेमोरी के साथ जुड़ा रहता है और यह काम को बहुत ही तेज गति से करने में मदद करता है. कैचे मेमोरी में कार्य करने की क्षमता अधिक होता है और इसमें प्रोग्राम या डाटा को बार-बार साफ करना पड़ता है क्योंकि इसका स्टोरेज क्षमता जो होता है वह कम होता है.

मेमोरी यूनिट्स को कैसे मापते हैं 

कंप्यूटर पूर्ण रूप से बायनरी नंबर को ही है समझता है यह किसी भी लैंग्वेज में डाटा को प्रोसेस करते हैं तो वह डाटा कंप्यूटर अपने भाषा यानी कि बायनरी नंबर में परिवर्तित कर लेता है जिसको कंप्यूटर जीरो और एक के रूप में परिवर्तित कर के डाटा को प्रोसेस करता है.

Binary digits कोही bits मैं कैलकुलेट किया जाता है कंप्यूटर का सबसे छोटी इकाई bit होता है.

अलग-अलग प्रकार के मापने की प्रक्रिया अलग होती है उसी प्रकार इस में मेमोरी को मापने के लिए बाइट  के हिसाब से मापा जाता है कंप्यूटर के स्टोरेज क्षमता को नापने के लिए मात्रकों का निर्धारण किया गया है जिसे Lappy के मेमोरी को नापा जाता है.

Lappy मेमोरी को बाइनरी डिजिट का एक सेट बनाया जाता है जिसकी संख्या 8 डिजिट में होती है और यही 8 डिजिट्स यानी कि 8 bit बराबर एक Byte होता है.

Computer का नुकसान

जिससे जितना ज्यादा फायदा होता है उससे कुछ ना कुछ नुकसान भी जरूर होता है. वर्तमान समय में Lappy के उपयोग के कारण लोगों का के जीवन पर गलत प्रभाव पड़ रहा है.

क्योंकि लैपी पर काम करने से आंख में परेशानी के साथ-साथ शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होता है. ज्यादा देर तक Lappy पर काम करने वाले लोगों को थकान के साथ-साथ कमजोरी भी महसूस होता है. क्योंकि मशीन से निकलने वाली जो हानिकारक ध्वनि होती है उससे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

Technology जितना ज्यादा आगे बढ़ा है उतना ही ज्यादा लोग भी इसका का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं. आज तकनीक के माध्यम से लोग किसी के खाते से पैसा निकाल रहे हैं यह भी एक इसका ही नुकसान है.

टेक्नोलॉजी आगे बढ़ जाने के कारण लोगों के पास आज एक दूसरे से बात करने का समय नहीं है. लोग अब लैपी, मोबाइल पर ही लगे रहते हैं जिससे आपसी सामंजस्य में कमी हुआ है.

फिर भी इसका नुकसान कम है. क्योंकि इस के बहुत ही ज्यादा फायदे हैं. इसलिए Computer के फायदे को देखते हुए इसे सकारात्मक सोच के साथ देखना चाहिए.

Computer का भविष्य

आने वाले समय में इसका का और भी ज्यादा क्रेज़ होगा. क्योंकि अभी भी गांव में इस का इस्तेमाल लोग कम ही करते हैं. लेकिन इसका का भविष्य बहुत ही सुनहरा होने वाला है. आने वाले समय में इस के क्षेत्र में और भी नई नई क्रांति अविष्कार के रूप में होगा.

जिसका उपयोग करके दुनिया में लोग बहुत ही तरह-तरह के कामों को आसानी से कर पाएंगे. जहां तक इसके के भविष्य की बात की जाए तो इसका भविष्य और भी बेहतर होने वाला है.

एक नजर में Computer kya hai

Computer kya hai इस शब्द का निर्माण Compute शब्‍द से हुआ है. जिसका मतलब गणना करना होता है. आज दुनिया में जो भी विकास हो रहा है जो नए नए अविष्कार हो रहे हैं. वह सभी इसी के द्वारा ही किए जा रहे हैं. इसलिए आज इसके  के बिना विकास की कल्पना नहीं किया जा सकता है.

ravi
नमस्कार रवि शंकर तिवारी ज्ञानीटेक रविजी ब्लॉग वेबसाईट के Founder हैं। वह एक Professional blogger भी हैंं। जो कंप्‍यूटर ,टेक्‍नोलॉजी, इन्‍टरनेट ,ब्‍लॉगिेग, SEO, एमएस Word, MS Excel, Make Money एवं अन्‍य तकनीकी जानकारी के बारे में विशेष रूचि रखते हैंं। इस विषय से जुड़े किसी प्रकार का सवाल हो तो कृपया जरूर पूछे। क्‍योकि इस ब्‍लॉग का मकसद लोगो बेहतर जानकारी उपलब्‍ध कराना हैंं।

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