कंप्‍यूटर के प्रकार, कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं

Computer ke prakar कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं Computer kitne prakar ke hote hain hindi इन बातों को जानना बहुत जरूरी है क्योंकि जब हम लोगों को अपने काम के हिसाब से या फिर आपने पढ़ाई या किसी भी कार्य के अनुसार किस तरह का Computer का इस्तेमाल या उपयोग करना चाहिए.

इस लेख में हम लोग टाइप्स ऑफ कंप्यूटर के बारे में जानने वाले हैं. जिसमें जानेंगे कि कंप्यूटर कितने प्रकार का होता है और किस कंप्यूटर का क्या कंफीग्रेशन होता है

कंप्यूटर के आकार के आधार पर कंप्यूटर का कार्य क्या है कंप्यूटर के संसाधन के अनुसार कार्य क्या है और जेनरल जो कंप्यूटर अधिकतर उपयोग किया जाता है उसका बनावट या कंफीग्रेशन किस तरह का होता हैं.

कंप्‍यूटर के प्रकार Computer ke prakar

कंप्‍यूटर के सभी प्रकार के बारे में जानना बहुत ही जरूरी हैं क्‍योंकि इससे कंप्‍यूटर के बारे में समझने में बहुत ही आसानी होता हैं इसलिए आईए नीचे कंप्‍यूटर के प्रकार के बारे में जानते हैं।

Computer ke prakar

Types of computer in hindi कंप्यूटर के प्रकार

1. On behalf of computer size 

  • Microcomputer
  • Mini computer
  • Mainframe computer
  • Supercomputer

 

2. On behalf of the mechanism of the computer

  • Analog computer
  • Digital computer
  • Hybrid computer.

3. On behalf of general uses of computer 

  • Generally used computer
  • Specially used computer
  • Mobile device computer
  • Tab used as a computer.

1. साइज के आधार पर कंप्यूटर का प्रकार – Computer ke prakar

माइक्रो कंप्यूटर का आकार बहुत ही छोटा होता है माइक्रो Computer को पर्सनल Computer भी कहा जाता है इस Computer का उपयोग एक व्यक्ति के लिए किया जाता है.

माइक्रो Computer अधिकतर सभी लोग अपने पर्सनल काम के लिए उपयोग करते हैं इस Computer का साइज और इसका कॉस्ट भी अन्य Computer के तुलना में बहुत कम होता है इसलिए माइक्रो Computer का उपयोग सबसे ज्यादा किया जाता है.

माइक्रो Computer को वर्ष 1976 में पहली बार पर्सनल Computer एप्पल 1 के द्वारा बनाया गया इसे एप्पल Computer ने डिजाइन किया था जो वर्ष 1981 में आईबीएम ने भी लेटेस्ट वर्जन बनाने का अनाउंस किया था.

इस Computer को चलाना भी बहुत आसान है और इस Computer पर इंटरनेट या अन्य किसी भी प्रकार के पर्सनल कामों को बहुत ही आसानी से किया जाता हैं.

1. मिनी कंप्यूटर

Mini Computer माइक्रो कंप्यूटर की तुलना में ज्यादा मजबूत और ताकतवर होता हैं मिनी Computer का कार्य प्रणाली भी मेनफ्रेम Computer की तरह है होता है इस Computer का आकार माइक्रो Computer से थोड़ा बड़ा होता है इस Computer का कॉस्ट भी माइक्रो Computer की तुलना में अधिक होता है.

मिनी कंप्यूटर पर एक से ज्यादा लोग एक साथ काम कर सकते हैं यह multi-user को सपोर्ट करता है इसका इस्तेमाल बड़े-बड़े विश्वविद्यालय महाविद्यालय बड़ी-बड़ी कंपनियों में डाटा प्रोसेसिंग या अन्य कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है.

2. मेनफ्रेम कंप्यूटर   

Mainframe Computer मिनी कंप्यूटर का एक दूसरा फॉर्म है जिसको जनरल मिनी Computer की तुलना में ज्यादा शक्तिशाली Computer होता है मेनफ्रेम Computer को बड़े-बड़े ऑर्गनाइजेशन और बड़े-बड़े डाटा प्रोसेसिंग के कार्य के लिए उपयोग किया जाता है.

पर्सनल कंप्यूटर मिनी कंप्यूटर के तुलना में मेनफ्रेम Computer बहुत ज्यादा खर्चीला होता है और अन्‍य Computer के तुलना में मेनफ्रेम Computer का कार्य प्रणाली भी बहुत ही ज्यादा मजबूत और बेहतर होता है मेनफ्रेम Computer को आईबीएम के द्वारा मार्केट में उतारा गया है जिसका नाम है Hitachi Amdahl and Fujitsu.

3. सुपर कंप्यूटर  

सुपर कंप्यूटर दुनिया का सबसे बड़ा महंगा तेज खर्चीला Computer होता है इसका साइज और कैपेबिलिटी भी बहुत बड़ा होता है इस Computer को अधिकतर बायोमेडिकल रिसर्च के लिए इस्तेमाल किया जाता है और मौसम के अनुसंधान के लिए भी सुपर कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है.

सुपर Computer का उपयोग केमिकल एनालिसिस बड़े-बड़े लेबर लेबोरेटरी में जांच के लिए और सुरक्षा उपकरणों के लिए भी सुपर Computer का उपयोग किया जाता है.

Benefits and limitations of supercomputer 

Speed :- सुपर कंप्यूटर का स्पीड बहुत ही ज्यादा तेज होता है और इसका काम करने का क्षमता भी बहुत ज्यादा तेज होता है जो किसी मानव से तुलना नहीं किया जा सकता है एक मानव के लिए जितना समय किसी काम को करने में लगता है उसके तुलना में सुपर Computer एक मिलियन गणितीय कार्यों को कैलकुलेट करके बहुत ही कम समय में कर देता है.

Accuracy :- Computer पर काम करते समय भी कुछ गलतियां हो जाती है लेकिन उसके लिए Computer जिम्मेवार नहीं होता है बल्कि जो Computer को चलाने वाले यूजर होते हैं वह जिस तरह का इनपुट Computer को देते हैं उस हिसाब से वह Computer अपना काम करता है और Computer accuracy को मेंटेन रखता है.

2. On behalf of the mechanism of computer – Computer ke prakar

Computer  Analogue

एनालॉग Computer का अधिकतर उपयोग विज्ञान इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भौतिक मात्राओं को मापने के लिए किया जाता है एनालॉग Computer से भौतिक विज्ञान में गति लंबाई ऊंचाई तापमान या प्रतिरोध से संबंधित जितने भी माप संबंधी काम होते हैं.

उसको करने के लिए एनालॉग Computer का उपयोग किया जाता है एनालॉग Computer इंजीनियरिंग और विज्ञान के क्षेत्र में बहुत बड़ा भूमिका निभाता है.

डिजिटल कंप्यूटर 

डिजिटल Computer का उपयोग गणितीय कार्यों के लिए अधिकतर किया जाता है जिसमें डिजिट्स को बैनरी नंबर के सिस्टम में उपयोग किया जाता है. Computer सिस्टम पूर्ण रूप से बायनरी नंबर को ही समझता है जैसे कि जीरो और एक. Computer बायनरी नंबर को समझता है.

लेकिन Computer को प्रोग्रामिंग के माध्यम से हम लोग अपने भाषा में अपने कार्यों को Computer सिस्टम पर करते हैं और Computer प्रोग्रामिंग के माध्यम से अपनी भाषा को बायनरी सिस्टम में कन्वर्ट करके उसी कार्य को समझ लेता है और फिर उसको प्रोसेस करता है एनालॉग Computer का उपयोग बिजनेस व्यापार के लिए या शिक्षा और मनोरंजन आदि कार्यों के लिए भी किया जाता है.

हाइब्रिड कंप्यूटर  

एनालॉग Computer और डिजिटल Computer को मिला करके हाइब्रिड Computer बनता है हाइब्रिड Computer को एनालॉग Computer और डिजिटल Computer का मिश्रण भी कहा जा सकता है.

हाइब्रिड शब्द का मतलब होता है जो भी एनालॉग और डिजिटल Computer है उस दोनों को मिला करके और एक यूनिक यानी कि हाइब्रिड Computer का निर्माण करना इस Computer का उपयोग बड़े-बड़े चिकित्सा के कार्यों के लिए किया जाता है.

जैसे किसी स्वास्थ्य संबंधी कार्यों के लिए किसी को उसके शरीर का तापमान या पूरे शरीर के बारे में जानकारी को इकट्ठा करने के लिए हाइब्रिड Computer का इस्तेमाल किया जाता हैं.

3. Generally used computer – Computer ke prakar  

1. जेनरल कंप्यूटर

जेनरल कंप्यूटर उस Computer को कहा जाता है जिस Computer को अधिकतर दुनिया के सभी लोग इस्तेमाल करते हैं सामान्य रूप से इस्तेमाल किए जा रहे Computer को जनरल Computer कहा जाता है इस Computer की कार्य क्षमता सामान्य होती है और इस Computer पर Computer से संबंधित जितने भी बेसिक कार्य होते हैं.

जैसे माइक्रोसॉफ्ट वर्ड या माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के जितने भी संबंधित कार्य होते हैं इंटरनेट संबंधित जो कार्य होते हैं इन सभी प्रकार के जेनरल कामों के लिए जेनरल Computer का उपयोग किया जाता है इस Computer से कुछ विशेष प्रकार के कार्यों को भी किया जाता है क्योंकि इसका जो सीपीयू होता है उसका जो क्षमता होता है वह जेनरल सामान्य रूप से अधिक कुछ कार्यों को करने का भी क्षमता रखता है.

Special computer

स्पेशल Computer का मतलब होता है विशेष वैसे कुछ कार्य जिसको करने के लिए कुछ विशेष टेक्निक्स टेक्नोलॉजी की आवश्यकता पड़ती है उसके लिए स्पेशल Computer का उपयोग किया जाता है जिस Computer का सीपीयू का क्षमता और उसके और भी कंफीग्रेशन होते हैं वह हाई कैपेसिटी के होते हैं जिसको स्पेशली विशेष रुप से जो विशेष कार्य होते हैं उसके लिए उपयोग किया जाता है.

जैसे कि अंतरिक्ष में अनुसंधान के लिए मौसम से संबंधित जानकारियों को पाने के लिए research से संबंधित कार्यों को करने के लिए कृषि विज्ञान से संबंधित किसी प्रकार के अनुसंधान करने के लिए या बड़े-बड़े चिकित्सा से संबंधित जो अनुसंधान होते हैं उसको करने के लिए या फिर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तरह-तरह के जो रिसर्च होते हैं उसको करने के लिए स्पेशल पर्पस Computer का उपयोग किया जाता है.

Mobile device used as a computer 

वर्तमान के समय में मोबाइल के क्षेत्र में भी एक नई क्रांति आया है जिसके माध्यम से Computer का कार्य भी मोबाइल पर अधिकतर किया जा रहा है मोबाइल डिवाइस के अंदर Computer के जो सामान्य रूप से कार्य करने वाले टेक्नोलॉजी होते हैं उसके आधार पर मोबाइल को भी विकसित किया गया है और किया जा रहा है जिससे Computer का 50 परसेंट से अधिका कार्यों को मोबाइल पर भी बहुत ही आसानी से किया जा रहा है.

Tab device used as a computer 

Computer के प्रकार में एक डिवाइस टैब भी है जिसका उपयोग Computer की तरह ही किया जाता है और इस डिवाइस को बहुत ही आसानी से कहीं पर भी move किया जाता है और इससे Computer का लगभग सभी कार्यों को भी किया जा रहा है जैसे एक सामान्य Computer पर किया जाता है टैब डिवाइस का उपयोग Computer के क्षेत्र में सामान्य रूप से किया जा रहा है.

सारांश 

Computer ke prakar कंप्यूटर के प्रकार के बारे में यहां पर मैंने  विस्तृत जानकारी देने का प्रयास किया है जिसमें हम लोग कंप्यूटर के आकार के आधार पर कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं Computer के साइज के आधार पर कंप्यूटर कितने प्रकार का होता है और Computer के संसाधन के आधार पर kitne prakar का Computer होता है इन सारी सवालों का जवाब ऊपर हम लोगों ने जाना हैं.

कंप्यूटर के प्रकार के होते हैं के प्रकार के बारे में यह जानकारी आप लोगों को कैसा लगा कृपया आप लोग कमेंट करके अपना राय जरूर दें और Computer ke prakar जानकारी को अपने दोस्त मित्रों के साथ साझा भी करें.

ravi
नमस्कार रवि शंकर तिवारी ज्ञानीटेक रविजी ब्लॉग वेबसाईट के Founder हैं। वह एक Professional blogger भी हैंं। जो कंप्‍यूटर ,टेक्‍नोलॉजी, इन्‍टरनेट ,ब्‍लॉगिेग, SEO, एमएस Word, MS Excel, Make Money एवं अन्‍य तकनीकी जानकारी के बारे में विशेष रूचि रखते हैंं। इस विषय से जुड़े किसी प्रकार का सवाल हो तो कृपया जरूर पूछे। क्‍योकि इस ब्‍लॉग का मकसद लोगो बेहतर जानकारी उपलब्‍ध कराना हैंं।

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